तेलुगु सिनेमा के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुई रोमांटिक ड्रामा फिल्म ‘निन्ने पेल्लाडाथा’ ने अपनी रिलीज के तीन दशक पूरे कर लिए हैं। इस विशेष मील के पत्थर पर अभिनेत्री तब्बू ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर पुरानी तस्वीरों और वीडियो क्लिप्स का एक संग्रह साझा करते हुए पुरानी स्मृतियों को ताजा किया। तीन दशक पहले जब यह फिल्म सिनेमाघरों में उतरी थी, तब पर्दे पर तब्बू और अभिनेता नागार्जुन की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया था।
सदाबहार प्रेम कहानी और यादों का सफर
इस यादगार मौके पर तब्बू ने एक भावुक संदेश लिखते हुए फिल्म के प्रभाव को रेखांकित किया। उन्होंने फिल्म को एक ऐसा आख्यान करार दिया जिसने अनगिनत दिलों को छुआ और समय के बीतने के बावजूद अपनी ताजगी बनाए रखी। तब्बू ने अपने पोस्ट में लिखा, “निन्ने पेल्लाडाथा के सदाबहार जादू और तीन यादगार दशकों के इसके खूबसूरत सफर का जश्न मनाते हुए।” इस पोस्ट के सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रशंसकों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। प्रशंसकों ने कमेंट सेक्शन में अपनी भावनाएं साझा कीं, जहां कई लोगों ने उल्लेख किया कि तीन दशक बीतने के बाद भी यह फिल्म उनकी सर्वकालिक पसंदीदा प्रेम कहानियों में शुमार है।
अफवाहों और चर्चाओं का दौर
‘निन्ने पेल्लाडाथा’ के निर्माण के दौरान और इसके रिलीज होने के बाद तब्बू और नागार्जुन के बीच के समीकरण फिल्म जगत के गलियारों में चर्चा का बड़ा विषय बन गए थे। साउथ फिल्म उद्योग में दोनों कलाकारों के व्यक्तिगत जुड़ाव को लेकर लंबे समय तक अटकलें लगाई जाती रहीं। उस दौर में शादीशुदा नागार्जुन और तब्बू के कथित रिश्ते को लेकर कई तरह की बातें सामने आईं, यहां तक कि उनकी शादी की अटकलें भी सुर्खियों में छाई रहीं। हालांकि, दोनों ही कलाकारों ने कभी भी अपने रिश्ते को लेकर किसी तरह की सार्वजनिक स्वीकृति नहीं दी और न ही वे कभी विवाह बंधन में बंधे। दोनों का पेशेवर सफर एक मजबूत सिनेमाई साझेदारी के रूप में दर्ज रहा।
कलाकार और पर्दे के पीछे की रचनात्मक टीम
निर्देशक कृष्णा वामसी की देखरेख में तैयार हुई इस फिल्म का निर्माण नागार्जुन ने अपने पारिवारिक बैनर अन्नपूर्णा स्टूडियोज के अंतर्गत किया था। पटकथा में नागार्जुन ने सीनू का किरदार निभाया था, जबकि तब्बू महालक्ष्मी उर्फ ‘पांडु’ के रूप में नजर आई थीं। मुख्य कलाकारों के अलावा इस फिल्म में चलपति राव, गिरी बाबू, चंद्र मोहन, आहुति प्रसाद, ब्रह्माजी और रवि तेजा जैसे कई दिग्गज कलाकारों ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं अदा की थीं। इसके साथ ही, संगीतकार संदीप चौटा ने इस फिल्म के जरिए तेलुगु फिल्म जगत में कदम रखा था। फिल्म के गीतों की कर्णप्रिय धुनों ने इसे हर आयु वर्ग के श्रोताओं के बीच एक अभूतपूर्व पहचान दिलाई।
राष्ट्रीय सम्मान और भाषाई विस्तार
व्यावसायिक रूप से टिकट खिड़की पर जबर्दस्त कमाई करने वाली इस फिल्म को आलोचकों की तरफ से भी भरपूर सराहना मिली थी। सिनेमाई उत्कृष्टता के लिए फिल्म को वर्ष 1996 में तेलुगु भाषा की सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म के राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इस अभूतपूर्व सफलता का दायरा केवल आंध्र प्रदेश और तेलंगाना तक सीमित नहीं रहा। फिल्म की लोकप्रियता को देखते हुए इसे बाद में तमिल भाषा में डब करके रिलीज किया गया, जबकि कन्नड़ भाषा में इसका आधिकारिक रीमेक भी तैयार किया गया था।



















