न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में इस बार फीफा वर्ल्ड कप फाइनल सिर्फ स्पेन और अर्जेंटीना के बीच का मुकाबला नहीं होगा, बल्कि दो कट्टर आलोचक नेताओं की मुलाकात का मंच भी बनेगा। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ रविवार को अमेरिका के लिए रवाना होंगे, जहां वह इस खिताबी भिड़ंत को स्टेडियम में बैठकर देखेंगे।
सांचेज़ की यात्रा पर मुहर
स्पेन सरकार के एक प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि प्रधानमंत्री फाइनल में मौजूद रहेंगे। इससे पहले स्पेन के शाही परिवार ने भी ऐलान किया था कि वे मेटलाइफ स्टेडियम के वीआईपी बॉक्स से यह मुकाबला देखेंगे। यानी स्पेन की तरफ से राजनीतिक और शाही, दोनों स्तर पर मजबूत मौजूदगी रहेगी।
ट्रंप भी रहेंगे स्टेडियम में
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भी फाइनल में पहुंचने की पूरी संभावना है। इससे यूरोपीय संघ में उनके सबसे तीखे आलोचकों में गिने जाने वाले सांचेज़ से उनकी सीधी मुठभेड़ की गुंजाइश बन गई है।
महीनों से सुलग रहा है स्पेन-अमेरिका विवाद
पिछले कुछ महीनों में मैड्रिड और वॉशिंगटन के रिश्तों में खटास बढ़ती गई है। समाजवादी नेता सांचेज़ ट्रंप की विदेश नीति, खासकर ईरान को लेकर अमेरिका-इजरायल के सैन्य अभियान पर, लगातार सवाल उठाते रहे हैं। इसी कड़ी में स्पेन सरकार ने अमेरिका को उस सैन्य अभियान के लिए साझा एयरबेस इस्तेमाल करने से साफ मना कर दिया। इसके अलावा सांचेज़ प्रशासन ने रक्षा बजट को जीडीपी के 5 प्रतिशत तक बढ़ाने से भी इनकार कर दिया, जबकि पिछले साल ट्रंप के दबाव में बाकी नाटो देशों ने यह लक्ष्य स्वीकार कर लिया था।
अंकारा में ट्रंप की धमकी और फिर पलटी
इसी जुलाई में अंकारा में हुए नाटो सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने स्पेन के साथ पूरी तरह व्यापार बंद करने की धमकी दे डाली थी और देश को "एक बर्बाद मामला" तक बता दिया था। हालांकि अगले ही दिन वह अपने इस बयान से लगभग पीछे हटते दिखे।
छोटी यात्रा, बातचीत की गुंजाइश नहीं
एक अधिकारी के मुताबिक सांचेज़ का यह दौरा इतना छोटा होगा कि इस दौरान अमेरिकी अधिकारियों से किसी द्विपक्षीय बातचीत की संभावना लगभग न के बराबर है। दरअसल सांचेज़ के फाइनल में पहुंचने पर पहले संशय था, क्योंकि अगले दिन उनकी अल्जीरिया की पहले से तय आधिकारिक यात्रा है। लेकिन सरकारी प्रवक्ता ने साफ किया है कि फाइनल की सीटी बजते ही प्रधानमंत्री तुरंत वहां से रवाना हो जाएंगे। गौरतलब है कि सांचेज़ ने मंगलवार को फ्रांस के खिलाफ हुआ सेमीफाइनल मुकाबला भी छोड़ दिया था, क्योंकि वह पेरिस में बैस्टिल डे के कार्यक्रमों में शामिल होकर फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात कर रहे थे।
माइली की गैरमौजूदगी की वजह अंधविश्वास
दूसरी ओर, जिस अर्जेंटीना से स्पेन का खिताबी मुकाबला होगा, उसके राष्ट्रपति जेवियर माइली खुद फाइनल में नजर नहीं आएंगे। इसकी वजह उनका निजी अंधविश्वास बताया गया है। सांचेज़ और माइली के रिश्ते वैसे भी लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं, माइली सार्वजनिक तौर पर सांचेज़ और उनकी पत्नी पर कई बार तीखे हमले कर चुके हैं।




















