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भाद्रपद चतुर्दशी पर मासिक शिवरात्रि और अघोर पूजा का दुर्लभ संयोग, आचार्य इंदु प्रकाश के इन उपायों से दूर होंगे सारे कष्टत्योहार
9 सित॰ 2026, 12:20 am (2 घंटे पहले)· 2

भाद्रपद चतुर्दशी पर मासिक शिवरात्रि और अघोर पूजा का दुर्लभ संयोग, आचार्य इंदु प्रकाश के इन उपायों से दूर होंगे सारे कष्ट

भाद्रपद कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी पर मासिक शिवरात्रि और अघोर चतुर्दशी का विशेष संयोग बन रहा है। इस पावन अवसर पर भगवान शिव के पूजन और विशेष ज्योतिषी उपायों से धन, समृद्धि, मानसिक शांति और पारिवारिक सुख प्राप्त किया जा सकता है।

भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर इस बार मासिक शिवरात्रि और अघोर चतुर्दशी का एक अत्यंत दुर्लभ एवं पावन संयोग बन रहा है। पंचांग की गणना के अनुसार चतुर्दशी तिथि में रात्रि काल का होना मासिक शिवरात्रि व्रत के लिए अनिवार्य माना जाता है। इस पावन अवसर पर भगवान शंकर और उनके अघोर स्वरूप की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने तथा विशेष द्रव्यों से रुद्राभिषेक करने से जीवन के समस्त कष्टों का निवारण होता है। ज्योतिषाचार्य आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार, इस शुभ तिथि पर कुछ विशेष और सरल उपाय करके श्रद्धालु आर्थिक संकट, मानसिक तनाव, शत्रु बाधा और पारिवारिक समस्याओं से मुक्ति पा सकते हैं।

शुभ मुहूर्त और तिथि का समय

धर्मशास्त्रों और पंचांग विधान के अनुसार मासिक शिवरात्रि का व्रत उसी दिन रखा जाता है जिस दिन चतुर्दशी तिथि का प्रभाव मध्यरात्रि यानी रात्रि काल में रहता है। भाद्रपद कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि आज दोपहर 12 बजकर 32 मिनट से प्रारंभ हो रही है और यह अगले दिन सुबह 10 बजकर 34 मिनट तक विद्यमान रहेगी। चूंकि चतुर्दशी तिथि का रात्रि समय आज ही पड़ रहा है, इसलिए मासिक शिवरात्रि का व्रत और रात्रि कालीन शिव पूजन आज ही संपन्न किया जाएगा। इस पावन दिन पर भगवान शंकर को बेलपत्र, पुष्प, धूप-दीप और नैवेद्य अर्पित करने के साथ शिव मंत्रों का जप करने से मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है।

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अघोर चतुर्दशी की महिमा और पंचामृत रुद्राभिषेक

भाद्रपद कृष्ण चतुर्दशी को अघोर चतुर्दशी के रूप में मनाने का प्राचीन विधान है। इस तिथि पर भगवान शंकर के सौम्य स्वरूप के साथ-साथ उनके अघोर रूप का पूजन विशेष फलदायी माना गया है। इस दिन पवित्र नदियों के जल या गंगाजल, गाय के दूध, दही, शुद्ध देसी घी और शक्कर को मिलाकर तैयार किए गए पंचामृत से शिवलिंग का रुद्राभिषेक करने से व्यक्ति को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। जो भक्त पूर्ण श्रद्धा भाव से इस दिन व्रत रखकर महादेव की आराधना करते हैं, भगवान शिव प्रसन्न होकर उनके जीवन के तमाम विघ्नों को हर लेते हैं और कार्यक्षेत्र में सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं।

पारिवारिक समृद्धि, तनाव मुक्ति और शत्रु बाधा निवारण के उपाय

यदि आप अपने परिवार में सुख-समृद्धि और खुशहाली को स्थायी बनाना चाहते हैं, तो आज के दिन भगवान शिव को शुद्ध दही में थोड़ा-सा शहद मिलाकर भोग लगाएं और हाथ जोड़कर श्रद्धापूर्वक प्रणाम करें। यदि आप पिछले कुछ समय से किसी पुरानी बात या मानसिक उलझन को लेकर परेशान हैं, तो उससे मुक्ति पाने के लिए एक मुट्ठी चावल लें। इनमें से थोड़े-से चावल किसी शिव मंदिर में अर्पित कर दें और शेष बचे चावलों को किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दान कर दें।

यदि आपको अपने विरोधियों या शत्रुओं से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और आप उनसे छुटकारा पाना चाहते हैं, तो आज स्नान के उपरांत स्वच्छ वस्त्र धारण कर भगवान शिव के समक्ष गाय के घी का दीपक प्रज्वलित करें। इसके पश्चात शिव जी के विशेष मंत्र 'शं शं शिवाय शं शं कुरु कुरु ऊँ' का 11 बार पूरी निष्ठा से जप करें। वहीं अपने घर में धन-धान्य, अन्न और भौतिक सुख-सुविधाओं की वृद्धि के लिए किसी पास के शिव मंदिर जाएं और जल में थोड़ा-सा गंगाजल मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करें तथा सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।

कर्ज मुक्ति, आय वृद्धि और समस्या निवारण के अचूक टोटके

यदि जीवन में किसी विकट समस्या का समाधान नहीं निकल पा रहा है, तो ताजे जल में दूध की कुछ बूंदें मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करें। इसके साथ ही 11 बेलपत्रों पर चंदन से 'ॐ' लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाएं और धूप-दीप से विधिवत पूजन करें। अपनी आमदनी को बढ़ाने और व्यावसायिक प्रगति के लिए भगवान शिव के अघोर रूप का ध्यान करते हुए जल में चावल के कुछ दाने डालकर शिवलिंग का अभिषेक करें। तत्पश्चात 'नम: शिवाय' मंत्र का 11 बार जप करें और महादेव के समक्ष अपनी आय में वृद्धि के लिए विनती करें।

आर्थिक तंगी दूर करने, पुराने कर्ज से मुक्ति पाने और अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाने के लिए शिव पूजन के उपरांत पूरी श्रद्धा से शिव चालीसा का पाठ करें। पाठ पूर्ण होने के बाद कपूर या घी के दीपक से शिव जी की आरती उतारें। यदि आपकी कोई विशेष मनोकामना अधूरी है, तो शिव मंदिर जाकर शिवलिंग पर धतूरा चढ़ाएं। इसके बाद भगवान के समक्ष आसन बिछाकर बैठ जाएं और 'ॐ नम: शिवाय' मंत्र का 108 बार जप करें।

शिक्षा, तरक्की, क्रोध नियंत्रण और संतान सुख के विशेष उपाय

विद्यार्थियों या परीक्षार्थियों को यदि अपनी पढ़ाई-लिखाई या करियर से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, तो आज स्नान के बाद शिव चालीसा का पाठ करें और शिवलिंग पर चंदन का टीका लगाएं। यदि आपकी तरक्की की राह में अचानक रुकावटें आ गई हैं और सफलता का मार्ग अवरुद्ध हो गया है, तो जीवन में उन्नति बनाए रखने के लिए महादेव को पंचामृत के साथ सफेद फूल अर्पित करें।

यदि आपको अत्यधिक गुस्सा आता है और छोटी-छोटी बातों पर अपना आपा खो देते हैं, तो अपने क्रोध पर नियंत्रण पाने के लिए शिव मंदिर जाकर जौ के आटे से बनी रोटियों का भोग लगाएं। यदि रोटियां बनाना संभव न हो, तो केवल जौ के दाने शिवलिंग पर अर्पित कर दें। अंत में, यदि आप चाहते हैं कि आपकी संतान आपके कार्यों में सहयोग करे और पारिवारिक रिश्ते मधुर बने रहें, तो भगवान शिव को एक साबुत नारियल अर्पित करें और मेवे का भोग लगाकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।

सवाल-जवाब

भाद्रपद चतुर्दशी तिथि कब से कब तक रहेगी?
भाद्रपद कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि आज दोपहर 12 बजकर 32 मिनट से शुरू होकर कल सुबह 10 बजकर 34 मिनट तक रहेगी।
मासिक शिवरात्रि का व्रत आज ही क्यों रखा जा रहा है?
शास्त्रों के अनुसार मासिक शिवरात्रि का व्रत उसी दिन रखा जाता है जब चतुर्दशी तिथि रात्रि काल में पड़े, जो कि आज ही संभव हो रहा है।
अघोर चतुर्दशी पर किस रूप की पूजा होती है?
अघोर चतुर्दशी के दिन भगवान शंकर के अघोर स्वरूप का पूजन किया जाता है और पंचामृत से रुद्राभिषेक का विधान है।
कर्ज से मुक्ति पाने के लिए क्या उपाय करना चाहिए?
कर्ज मुक्ति और आर्थिक पक्ष मजबूत करने के लिए शिव जी की पूजा के बाद शिव चालीसा का पाठ करें और फिर शिव आरती करें।
आय बढ़ाने के लिए शिव जी को क्या अर्पित करें?
आमदनी बढ़ाने के लिए जल में चावल के दाने मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें और 'नम: शिवाय' मंत्र का 11 बार जप करें।
शत्रु बाधा से मुक्ति पाने का मंत्र क्या है?
शिव जी के सामने घी का दीपक जलाकर 'शं शं शिवाय शं शं कुरु कुरु ऊँ' मंत्र का 11 बार जप करें।
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