भारतीय भोजन की थाली में अचार का एक विशेष स्थान होता है। आमतौर पर लोग अपने घरों में आम, नींबू या हरी मिर्च का अचार ही रखना और खाना पसंद करते हैं। कई लोगों को तो ऐसा लगता है कि अचार के मामले में केवल यही पारंपरिक विकल्प सबसे बेहतर स्वाद देते हैं। लेकिन बड़हल एक ऐसा मौसमी फल है जो इस धारणा को पूरी तरह से बदल देता है। बड़हल को अंग्रेजी में मंकी जैकफ्रूट भी कहा जाता है। आमतौर पर बड़हल का मुख्य सीजन जून से लेकर अगस्त महीने तक होता है, लेकिन कुछ स्थानों पर यह सितंबर और अक्टूबर के महीनों में भी बाजार में मिल जाता है।
सेहत के लिए क्यों फायदेमंद है बड़हल?
बड़हल दिखने में छोटे कटहल जैसा नजर आता है, लेकिन इसकी बाहरी त्वचा काफी मुलायम और मखमली होती है। यह केवल स्वाद में ही लाजवाब नहीं होता, बल्कि पोषक तत्वों से भी भरपूर होता है। इस फल में प्रचुर मात्रा में विटामिन ए, विटामिन सी, आयरन और कई तरह के महत्वपूर्ण एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इसके अलावा बड़हल में फाइबर की भी अच्छी मात्रा मौजूद होती है, जो हमारे पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मदद करती है। कच्चा होने पर इस फल का उपयोग मुख्य रूप से चटपटी चटनी और स्वादिष्ट अचार बनाने के लिए किया जाता है। घर पर तैयार किया गया बड़हल का अचार स्वाद के साथ-साथ सेहत को भी फायदा पहुंचाता है।
बड़हल का अचार बनाने के लिए जरूरी सामग्री
घर पर स्वादिष्ट बड़हल का अचार बनाने के लिए आपको कुछ बुनियादी सामग्रियों की आवश्यकता होगी। सबसे पहले आपको ताजा और कच्चा बड़हल लेना होगा। इसके साथ ही हल्दी पाउडर, नमक, दो बड़े चम्मच अमचूर पाउडर या सिरका, सौंफ, मेथी दाना, हींग, कलौंजी, सरसों का तेल, सरसों का बारीक पाउडर और लाल मिर्च पाउडर की जरूरत होगी। अमचूर या सिरके का इस्तेमाल अचार में खट्टापन बढ़ाने और उसे लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है।
अचार तैयार करने की आसान और चरणबद्ध विधि
अचार बनाने की शुरुआत करने के लिए सबसे पहले बड़हल को अच्छी तरह धोकर छील लें और उसके छोटे-छोटे टुकड़े काट लें। इसके बाद एक बर्तन में पानी गर्म करें और उसमें थोड़ा सा नमक और हल्दी पाउडर मिला लें। इस उबलते पानी में बड़हल के टुकड़ों को डालें और केवल तीन से चार मिनट तक हल्का सा उबाल लें। ध्यान रखें कि बड़हल को बहुत ज्यादा नहीं गलाना है। उबालने के बाद टुकड़ों को पानी से छानकर बाहर निकाल लें। अब इन्हें किसी साफ सूती कपड़े पर फैलाकर करीब दो से तीन घंटे के लिए धूप या हवा में अच्छी तरह सुखाएं ताकि बड़हल की सारी नमी पूरी तरह खत्म हो जाए। नमी का पूरी तरह निकलना अचार को खराब होने से बचाने के लिए बेहद जरूरी है।
अगले चरण में एक पैन में सौंफ और मेथी दाने को हल्का सा भून लें और फिर इन्हें मिक्सी में या ओखली में दरदरा पीस लें। दूसरी तरफ एक कड़ाही में सरसों के तेल को तेज गर्म करें जब तक कि उसमें से धुआं न निकलने लगे। इसके बाद गैस बंद कर दें और तेल को थोड़ा गुनगुना होने दें। जब तेल हल्का गर्म रह जाए, तब उसमें हींग, कलौंजी, भुनी हुई सौंफ और मेथी का दरदरा पाउडर, सरसों पाउडर, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, अमचूर पाउडर और स्वादानुसार नमक डालकर मसालों को अच्छी तरह मिला लें।
अब इस तैयार मसालेदार गुनगुने तेल में धूप में सुखाए गए बड़हल के टुकड़े डालें। पूरे मिश्रण को अच्छी तरह से मिलाएं ताकि मसाले बड़हल के हर टुकड़े पर समान रूप से लिपट जाएं। जब अचार पूरी तरह से ठंडा हो जाए, तो इसे पूरी तरह से साफ और सूखे कांच के जार में भर लें। इस जार को तीन से चार दिनों के लिए धूप में रखें। कुछ ही दिनों में बड़हल के टुकड़े सारे मसालों को सोख लेंगे और आपका चटपटा और बेहद स्वादिष्ट बड़हल का अचार खाने के लिए तैयार हो जाएगा।



















