भारतीय स्नैक्स की दुनिया में दाल कचौड़ी का स्थान बेहद खास माना जाता है। बाहर से कुरकुरी परत और भीतर चटपटी मसालेदार दाल की स्टफिंग वाली इस डिश का आनंद शाम की चाय के साथ दोगुना हो जाता है। कई लोगों का ऐसा मानना होता है कि हलवाई जैसी खस्ता कचौड़ी सिर्फ दुकानों पर ही मिल सकती है, लेकिन कुछ बुनियादी बातों और सटीक तरीकों का पालन करके इसे रसोई में भी आसानी से तैयार किया जा सकता है। इसका बेहतरीन स्वाद हर किसी को बेहद पसंद आता है।
डो तैयार करने की विधि
सबसे पहले एक खुले बर्तन में मैदा लें और उसमें उपयुक्त मात्रा में नमक तथा घी मिलाकर अच्छी तरह मिला लें। इसके बाद थोड़ा-थोड़ा पानी मिलाते हुए एक मुलायम आटा गूंथकर तैयार कर लें। अब इस गुंथे हुए आटे को किसी सूती कपड़े या बर्तन से ढककर 20 से 25 मिनट के लिए रख दें, जिससे यह अच्छी तरह सेट हो जाए और कचौड़ियां अत्यधिक कुरकुरी बनें।
मसालेदार स्टफिंग तैयार करना
इसकी तैयारी के लिए मूंग दाल को 3 से 4 घंटे तक पानी में भिगोकर रखें और फिर पूरा पानी निकाल दें। अब इस दाल को मिक्सी में हल्का दरदरा पीस लें। एक कड़ाही में तेल गरम करें और उसमें जीरा, सौंफ तथा हींग का तड़का लगाएं। इसके बाद दरदरी पिसी हुई दाल डालकर धीमी आंच पर भूनें। इसमें धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, गरम मसाला और नमक डालकर अच्छी तरह मिलाएं। इस पूरे मिश्रण को तब तक भूनते रहें जब तक इसका सारा मॉइस्टचर खत्म न हो जाए और एक अच्छी खुशबू आने लगे, फिर इसे ठंडा होने दें।
कचौड़ी को आकार देना
तैयार आटे से छोटी-छोटी लोइयां तोड़ लें। प्रत्येक लोई को हाथों से थोड़ा फैलाकर या बेलकर उसके बीच में दाल का तैयार मसाला भरें और चारों तरफ से समेटते हुए किनारों को कसकर बंद कर दें। अब हथेलियों के सहारे धीरे-धीरे दबाते हुए इसे कचौड़ी का सही आकार दें। इस प्रक्रिया में यह सावधानी बरतें कि भरावन बाहर न निकले।
तलने की सही प्रक्रिया
एक कड़ाही में तलने के लिए मध्यम गरम तेल रखें। कचौड़ियों को हमेशा धीमी से मध्यम आंच पर ही तलें। इन्हें जल्दीबाजी में तेज आंच पर न पकाएं, बल्कि धीमे तापमान पर तलने से ये बहुत ही क्रिस्पी और स्वादिष्ट बनती हैं। दोनों तरफ से जब ये सुनहरे भूरे रंग की हो जाएं, तब इन्हें तेल से बाहर निकाल लें।
कुछ उपयोगी टिप्स
दाल को पीसते वक्त ध्यान रखें कि उसका पेस्ट बहुत बारीक न हो, क्योंकि दरदरी दाल का टेक्सचर और स्वाद काफी बेहतर होता है। स्टफिंग को कड़ाही में भूनते समय उसमें बिल्कुल भी नमी नहीं रहनी चाहिए। गरमागरम कचौड़ी को आलू की सब्जी, तीखी हरी चटनी या खट्टी-मीठी इमली की चटनी के साथ परोसें।


















