उत्तर भारत के खानपान में पालक पनीर को एक खास मुकाम हासिल है। इसका बेहतरीन स्वाद तो लोगों को लुभाता ही है, साथ ही इसकी थाली में मौजूद गहरी हरी रंगत भी भूख बढ़ाने का काम करती है। हालांकि बहुत से लोगों की यह आम शिकायत रहती है कि घर पर यह सब्जी बनाते वक्त पालक का रंग उड़ जाता है और वह हल्के भूरे रंग की दिखने लगती है। ऐसी स्थिति में जायका बेहतरीन होने के बावजूद खाने की प्लेट उतनी मनमोहक नहीं लगती जितनी किसी ढाबे या रेस्टोरेंट में नजर आती है। यदि आप भी इस परेशानी से जूझते हैं और अपनी बनाई डिश को बिल्कुल चमकदार हरा रखना चाहते हैं, तो कुछ खास रसोइयों वाले नुस्खे अपनाने की जरूरत है।
सब्जी के लिए सही सामग्री का चुनाव
लाजवाब पालक पनीर तैयार करने की शुरुआत ही सही पत्तियों के चयन से होती है। बाजार से खरीदारी करते वक्त हमेशा ऐसी पालक की पत्तियां चुनें जो एकदम ताजी और गहरे हरे रंग की हों। पीली पड़ चुकी, मुरझाई हुई या दागदार पत्तियों का प्रयोग करने से न सिर्फ डिश का टेक्सचर खराब होता है बल्कि उसका स्वाद भी फीका पड़ जाता है। घर लाने के बाद पालक को अच्छी तरह पानी से धोकर उसकी सारी धूल, मिट्टी और गंदगी को साफ कर लेना बहुत जरूरी है।
ब्लांचिंग और आइस बाथ का अचूक नुस्खा
पालक का नेचुरल चमकीला हरा रंग बरकरार रखने का सबसे कारगार तरीका ब्लांचिंग प्रक्रिया है। इसके लिए एक बड़े बर्तन में पानी उबालें और साफ की हुई पालक की पत्तियों को उसमें सिर्फ 2 से 3 मिनट के लिए डुबोकर रखें। इसके फौरन बाद पत्तियों को निकालकर सीधे बर्फ के ठंडे पानी से भरे बर्तन में डाल दें। खानपान की भाषा में इस तकनीक को आइस बाथ कहा जाता है। यह तरीका पालक के अंदर मौजूद प्राकृतिक क्लोरोफिल को सुरक्षित रखने का काम करता है, जिसकी वजह से पत्तियों का हरापन पकने के बाद भी फीका नहीं पड़ता।
प्यूरी तैयार करने का सही तरीका
ब्लांच करने के बाद जब आप इन पत्तियों को मिक्सी के जार में पीसने जाएं, तो उसमें सामान्य पानी की जगह थोड़ा-सा ठंडा पानी ही मिलाएं। अगर आप चाहें तो इस दौरान जार में 2 से 3 हरी मिर्च और थोड़ा-सा फ्रेश हरा धनिया भी साथ में पीस सकते हैं। ऐसा करने से डिश का रंग और उसकी ताजगी दोनों कई गुना बढ़ जाती हैं।
पकाने के दौरान बरतें खास सावधानी
अक्सर लोग सबसे बड़ी गलती यह करते हैं कि पालक की प्यूरी ग्रेवी में मिलाने के बाद उसे काफी देर तक लगातार उबालते रहते हैं। जरूरत से ज्यादा पकाने की वजह से ही पालक का खूबसूरत हरा रंग धीरे-धीरे भूरे रंग में बदलने लगता है। हमेशा ध्यान रखें कि प्यूरी कड़ाही में डालने के बाद सब्जी को केवल 5 से 7 मिनट तक ही मध्यम आंच पर पकाना चाहिए।
इसी तरह पनीर के टुकड़ों को लेकर भी एक खास ट्रिक काम आती है। पनीर को कड़ाही में ज्यादा तलने के बजाय हल्के घी में थोड़ा-सा सेंक लें और उसके बाद उन्हें लगभग 5 मिनट के लिए गुनगुने पानी में भिगोकर रख दें। इस आसान सी तरकीब से पनीर अंदर से बेहद मुलायम बना रहता है और ग्रेवी का पूरा स्वाद उसके अंदर तक अच्छी तरह रच-बस जाता है। इसके विपरीत, पनीर को ज्यादा तलने से वह सख्त हो जाता है और खाने में रबर जैसा महसूस होता है।
कुछ जरूरी और उपयोगी कुकिंग टिप्स
पालक की डिश बनाते समय कुछ खास बातों का हमेशा ध्यान रखना चाहिए ताकि रंग और जायका दोनों बरकरार रहें। पालक की पत्तियों को कभी भी बहुत ज्यादा देर तक उबालकर खुले में न छोड़ें। एक बार प्यूरी तैयार हो जाने के बाद उसे बार-बार रीहीट करने से भी बचना चाहिए। कड़ाही या पैन का ढक्कन पूरी तरह बंद करके उसे ज्यादा देर तक आंच पर न पकाएं। इसके अलावा, रंग निखारने के चक्कर में बेकिंग सोडा डालने की गलती बिल्कुल न करें, क्योंकि इससे स्वाद पूरी तरह बिगड़ सकता है।
आखरी चरण में मलाई का जादू
होटल जैसी क्रीमी और रिच डिश घर पर ही तैयार करने के लिए एक आखिरी टिप बेहद काम आती है। जब आपकी सब्जी पूरी तरह बनकर तैयार हो जाए, तो गैस बंद करने से ठीक पहले उसमें एक चम्मच ताजी मलाई या फ्रेश क्रीम मिला दें। इस आखिरी स्टेप से पालक पनीर का स्वाद बेहद रिच और क्रीमी हो जाता है, साथ ही उसकी नेचुरल हरी खूबसूरती भी बरकरार रहती है।


















