करण जौहर के चैट शो 'कॉफी विद करण' का सफर सीजन 9 के साथ होगा खत्म, 14 अक्टूबर से स्ट्रीमिंगमेटा का नया नियम: 1 अक्टूबर से वॉट्सऐप बिजनेस पर सर्विस मैसेज मुफ्त नहीं रहेंगे, भारत के लिए तय हुई नई दरेंजापान की राजधानी में बारिश ने तोड़ा 140 साल का रिकॉर्ड, लगातार नम मौसम से जूझ रहे लोगफ्यूरियस देखने के बाद ज़रूर देखें 1987 की ब्लैक विडो और बदले की आग से भरी ये पांच बेहतरीन फिल्मेंइंग्लैंड के छात्र शहरों में यौन संक्रमण की दर पर नया खुलासा, कैम्ब्रिज से काफी आगे निकला ऑक्सफोर्डजापान में आशिमा अहलावत ने साधा सटीक निशाना, एशियाई खेलों में भारत की झोली में डाला रजत पदककिचन में तैयार करें मलाईदार अफगानी मोमोज, तीखे और क्रीमी स्वाद की आसान तरकीबगुवाहाटी में बरसे हिटमैन के छक्के, भारतीय सरजमीं पर 200 सिक्स उड़ाने का ऐतिहासिक कारनामाअजय देवगन की अक्टूबर रिलीज का शानदार इतिहास और दृश्यम 3 की टिकट खिड़की पर तूफानी शुरुआतरोटी पर लगाएं या तड़के में पकाएं, जानिए घी खाने का सबसे सही तरीका क्या है
बिहार के मटन चुस्ता का रहस्य क्या है और यह बकरे के किस हिस्से से बनता हैखानपान
1 अक्तू॰ 2026, 12:05 am (33 मिनट पहले)· 0

बिहार के मटन चुस्ता का रहस्य क्या है और यह बकरे के किस हिस्से से बनता है

बिहार के पारंपरिक खानपान में मटन चुस्ता अपनी अनोखी बनावट और मसालों के लिए बेहद मशहूर है। जानिए बकरे की आंत से तैयार होने वाली इस पारंपरिक डिश की खासियत और इसे पकाने का पूरा तरीका।

बिहार का पारंपरिक खानपान अपने तीखे मसालों, सरसों के तेल की महक और अनूठे मांसाहारी व्यंजनों के लिए पूरे देश में पहचाना जाता है। इस राज्य की रसोई में मटन के ऐसे कई पारंपरिक पकवान तैयार किए जाते हैं, जिनकी जानकारी अन्य क्षेत्रों के लोगों को बहुत कम होती है। हाल के दिनों में इंटरनेट और सोशल मीडिया पर एक खास पकवान ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है, जिसे मटन चुस्ता के नाम से जाना जाता है। कड़ाही में पकती इस डिश को पहली बार देखने वाले अधिकांश लोग हैरान रह जाते हैं और इसके आकार को देखकर यह जानने के लिए उत्सुक हो जाते हैं कि वास्तव में यह मांस का कौन सा अंग है।

मटन चुस्ता की पहचान और बनावट

मटन चुस्ता मुख्य रूप से बकरे की आंत से तैयार किया जाने वाला व्यंजन है। बिहार के ठेठ मांसाहारी भोजन में इसे एक खास दर्जा हासिल है। जब आप इसे देखते हैं, तो इसका रूप-रंग आम मटन करी या गोश्त के सामान्य टुकड़ों जैसा बिल्कुल नहीं दिखता। सफाई के पश्चात आंत की आकृति लंबी, मुड़ी हुई और बेलनाकार नजर आती है। आंत के भीतरी भाग में स्वाभाविक रूप से जमी वसा यानी चर्बी इसे एक मोटा और भरा-पूरा रूप देती है। यही असामान्य बनावट इसे देखने में बाकी व्यंजनों से एकदम जुदा बनाती है। इंटरनेट पर जब खानपान से जुड़े वीडियो में इसे बनते दिखाया गया, तो लोगों ने इस पर ढेरों सवाल किए कि यह कौन सा हिस्सा है और इसे कैसे खाया जाता है।

ये भी पढ़ें

तैयारी में सफाई का सबसे अहम चरण

चूंकि यह व्यंजन बकरे की आंत से बनता है, इसलिए इसे पकाने की प्रक्रिया में स्वच्छता और सफाई सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही स्वाद और सेहत दोनों पर असर डाल सकती है। रसोई में पकाने से पहले इसे पानी से कई बार लगातार और बेहद बारीकी से धोया जाता है। इस सघन धुलाई का उद्देश्य आंत के भीतर की किसी भी प्रकार की अवांछित गंदगी को निकालना और उसकी प्राकृतिक तेज गंध को पूरी तरह कम करना होता है। जब आंत अच्छी तरह साफ हो जाती है, तब रसोइया अपनी पसंद और जरूरत के मुताबिक या तो इसे पूरी लंबाई में पकाता है या फिर इसे गोल टुकड़ों में काट लेता है। इसके बाद ही इसमें मसाले मिलाने का काम शुरू किया जाता है। विभिन्न कस्बों, ढाबों और घरों में इसे साफ करने और पकाने के तौर-तरीकों में थोड़ा-बहुत अंतर देखने को मिल सकता है।

मसालों के साथ पकाने की पारंपरिक विधि

मटन चुस्ता को पकाने की शुरुआत आमतौर पर मैरिनेशन से होती है। साफ किए गए चुस्ता को दही, स्वादानुसार नमक, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और धनिया पाउडर के मिश्रण में अच्छी तरह लपेटा जाता है ताकि मसालों का स्वाद अंदर तक समा जाए। इसके उपरांत कड़ाही में शुद्ध सरसों का तेल खूब गर्म किया जाता है। गर्म तेल में बारीक कटा प्याज, अदरक, लहसुन का पेस्ट और साबुत खड़े गर्म मसालों का तड़का लगाया जाता है। जब तड़का अच्छी तरह भुनकर खुशबू देने लगता है, तब इसमें मैरिनेट किया हुआ चुस्ता डाला जाता है।

इसके बाद इसे मध्यम और धीमी आंच पर कड़ाही में काफी देर तक भुना जाता है ताकि मसाले अच्छी तरह पक जाएं। कई रसोइए इसे धीमी आंच पर कड़ाही में ही देर तक पकाना पसंद करते हैं, जबकि समय बचाने और इसे पूरी तरह गलाने के लिए प्रेशर कुकर का भी इस्तेमाल किया जाता है। अच्छी तरह पक जाने पर आंत की बाहरी परत पूरी तरह नरम हो जाती है। इसके साथ ही भीतर मौजूद प्राकृतिक चर्बी धीरे-धीरे पिघलकर मसालों और ग्रेवी में घुल जाती है, जिससे तरी बेहद गाढ़ी, चिकनी और जायकेदार बन जाती है।

स्वाद, रंगत और लोगों के बीच इसकी लोकप्रियता

मटन चुस्ता का स्वाद और उसे चबाने का अनुभव साधारण मटन से काफी अलग होता है। इसे खाते समय एक हल्का खिंचाव वाला या चबाने योग्य टेक्सचर महसूस होता है। आंत के भीतर की चर्बी पिघलने से इसमें एक गहरा, भारी और गाढ़ा स्वाद पैदा होता है, जिसे सरसों के तेल का तीखापन और देसी मसालों की गरमी और ज्यादा उभार देती है। जिन लोगों ने इसे कभी नहीं चखा, उन्हें पहली बार में यह स्वाद थोड़ा अपरिचित या अलग लग सकता है। वहीं दूसरी तरफ, इसके पुराने कद्रदान और पारंपरिक मांसाहारी भोजन के शौकीन इसी खास देसी स्वाद और भारीपन के दीवाने हैं।

इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिए बढ़ा दायरा

मटन चुस्ता के तेजी से चर्चित होने के पीछे सोशल मीडिया पर चलने वाले छोटे वीडियो और रील्स का बहुत बड़ा योगदान है। जब लोगों ने मोबाइल स्क्रीन पर बड़े बर्तनों और कड़ाही में इस मुड़े हुए, लंबे हिस्से को खौलते तेल और गाढ़ी ग्रेवी में पकते देखा, तो उनकी जिज्ञासा बढ़ गई। इस अनोखी डिश को देखकर लोगों ने इसके बारे में जानकारियां जुटाईं और इसे चखने के लिए दुकानों का रुख किया। यह व्यंजन बिहार की समृद्ध स्थानीय पाक कला की उस परंपरा को भी दर्शाता है, जिसमें बकरे के विभिन्न खाने योग्य अंगों को फेंकने के बजाय पारंपरिक मसालों के साथ बेहद स्वादिष्ट पकवान में तब्दील कर दिया जाता है। यदि कोई व्यक्ति बिहार के असली देसी मांसाहारी भोजन की गहराई और विविधता को समझना चाहता है, तो मटन चुस्ता एक ऐसा व्यंजन है जो पारंपरिक मटन करी की सामान्य सीमाओं से बिल्कुल अलग अनुभव कराता है।

सवाल-जवाब

मटन चुस्ता बकरे के किस हिस्से से बनता है?
मटन चुस्ता बकरे की आंत से तैयार किया जाता है, जिसके भीतर प्राकृतिक चर्बी मौजूद होती है।
यह डिश मुख्य रूप से किस राज्य के खानपान से जुड़ी है?
यह डिश मुख्य रूप से बिहार के पारंपरिक और देसी मांसाहारी खानपान से जुड़ी हुई है।
मटन चुस्ता बनाने से पहले सबसे जरूरी काम क्या होता है?
बनाने से पहले आंत को पानी से कई बार अच्छी तरह धोकर साफ करना सबसे जरूरी होता है ताकि गंदगी और गंध दूर हो सके।
इसे पकाने में किन मुख्य मसालों और तेल का इस्तेमाल किया जाता है?
इसे सरसों के तेल में प्याज, अदरक, लहसुन, खड़े गर्म मसालों, दही, हल्दी, नमक, धनिया और लाल मिर्च के साथ पकाया जाता है।
मटन चुस्ता का स्वाद और टेक्सचर सामान्य मटन से कैसे अलग होता है?
इसका टेक्सचर हल्का चबाने योग्य होता है और भीतर की चर्बी पिघलने के कारण इसकी ग्रेवी अधिक गाढ़ी और भारी होती है।
यह व्यंजन हाल ही में इतना ज्यादा चर्चा में क्यों आया?
सोशल मीडिया फूड रील्स और वीडियो में इसकी अजीबोगरीब लंबी व मुड़ी हुई बनावट देखने के बाद लोग इसके बारे में जानने के लिए उत्सुक हुए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp