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बिना हरी सब्जियों के भी सजाएं थाली, घर पर इस अनोखे तरीके से बनाएं राजस्थानी बेसन गुटिया सब्जीखानपान
26 अग॰ 2026, 6:51 am (65 दिन पहले)· 3

बिना हरी सब्जियों के भी सजाएं थाली, घर पर इस अनोखे तरीके से बनाएं राजस्थानी बेसन गुटिया सब्जी

रसोई में ताजी सब्जियां न होने पर भी बेसन की सोंधी गुटियों से तैयार करें ढाबा स्टाइल राजस्थानी सब्जी। जानें इसे बनाने का पारंपरिक तरीका।

राजस्थान का पारंपरिक खानपान कम से कम चीजों में भी लाजवाब और सोंधा स्वाद देने के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। कई बार रसोई में ताजी हरी सब्जियां मौजूद नहीं होतीं, लेकिन इसके बावजूद वहां की पारंपरिक पाक कला साधारण बेसन से ऐसी रंगत पैदा कर देती है कि खाने वाला उंगलियां चाटता रह जाए। इसी कड़ी में बेसन की गुटियों वाली सब्जी एक विशेष स्थान रखती है, जिसे राजस्थान के विभिन्न अंचलों में अपने-अपने अनूठे अंदाज में तैयार किया जाता है। धीमी आंच पर मसालों के साथ पकी बेसन की ये छोटी-छोटी गोल गुटियां ग्रेवी के रस को अपने भीतर तक सोख लेती हैं, जिससे सब्जी का जायका कई गुना बढ़ जाता है।

पारंपरिक राजस्थानी रसोई का अनोखा स्वाद

मारवाड़ी खानपान की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सादगी और सीमित सामग्रियों में भी गहरा स्वाद घोलने की कला है। जब रसोई में कोई हरी सब्जी उपलब्ध न हो, तब बेसन से बनी यह डिश एक बेहतरीन विकल्प साबित होती है। इस सब्जी में बेसन की तैयार की जाने वाली गुटियां ही इसकी मुख्य जान होती हैं। धीमी आंच पर मसालों की ग्रेवी में जब बेसन के ये छोटे-छोटे दाने पकते हैं, तो इनका सोंधापन पूरे घर में महकने लगता है और साधारण भोजन भी एक खास थाली का रूप ले लेता है।

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बेसन से गुटिया तैयार करने का खास तरीका

इस व्यंजन को खास बनाने के पीछे गुटियां तैयार करने की एक विशेष और पारंपरिक विधि शामिल है। इसके लिए सर्वप्रथम एक बड़ी थाली में 1 कटोरी बेसन निकाला जाता है। इसके बाद एक हाथ से बेसन पर हल्का-हल्का पानी छिड़का जाता है और दूसरे हाथ से बेसन को गोल-गोल दिशा में घुमाया जाता है। पानी छिड़कने और घुमाने की इस प्रक्रिया को लगातार 8 से 10 बार दोहराया जाता है। धीरे-धीरे बेसन आपस में बंधकर मूंग दाल के दानों जितने छोटे-छोटे गोल आकार में बदलने लगता है। बेसन के ये नन्हें दाने ही सब्जी को असली मारवाड़ी बनावट और बेहतरीन स्वाद प्रदान करते हैं।

गुटियों की सोंधी भुनाई और आंच का ध्यान

गुटियां बन जाने के बाद एक कड़ाही में 1/2 टेबल स्पून तेल डालकर मध्यम आंच पर गर्म किया जाता है। फिर इसमें तैयार बेसन की गुटियों को डालकर धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए सेका जाता है। जैसे ही इन गुटियों का रंग हल्का सुनहरा होने लगे और इनसे मनभावन खुशबू उठने लगे, तब इन्हें कड़ाही से निकालकर एक अलग बर्तन में रख लिया जाता है। धीमी आंच पर भूनने से बेसन का कच्चापन पूरी तरह समाप्त हो जाता है और सब्जी में एक बेहतरीन सोंधापन आ जाता है।

ढाबा स्टाइल ग्रेवी और तड़के की विधि

गुटियों को भूनने के उपरांत उसी कड़ाही में थोड़ा और तेल गर्म किया जाता है। तेल के अच्छी तरह गर्म हो जाने पर उसमें जीरा और राई का तड़का लगाया जाता है। इसके बाद कड़ाही में बारीक कटा अदरक, लहसुन और प्याज डालकर तब तक भूना जाता है जब तक कि वे सुनहरे न हो जाएं। फिर इसमें कटे हुए टमाटर, हरी मिर्च, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और कसूरी मेथी मिलाई जाती है। इस समृद्ध मसाले को धीमी आंच पर तब तक पकाया जाता है जब तक कि मसाले से तेल अलग न छूटने लगे। यह तड़का ग्रेवी को बिल्कुल ढाबा स्टाइल का देसी स्वाद प्रदान करता है।

पकाने की अंतिम प्रक्रिया और परोसने का तरीका

मसाले के पूरी तरह पक जाने के बाद उसमें पहले से भुनी हुई बेसन की गुटियों को डालकर अच्छी तरह मिला दिया जाता है। इसके पश्चात कड़ाही में 3 कटोरी पानी डाला जाता है और सब्जी को मध्यम आंच पर उबलने दिया जाता है। जैसे-जैसे ग्रेवी पककर गाढ़ी होती जाती है, बेसन की गुटियां मसालों के तीखे और सोंधे स्वाद को अपने भीतर अच्छी तरह सोख लेती हैं। जब गुटियां एकदम मुलायम हो जाएं, तब आंच बंद कर दी जाती है और ऊपर से बारीक कटा ताजा हरा धनिया छिड़का जाता है। इसे गरमागरम बाजरे की रोटी या पराठे के साथ परोसा जाता है।

सवाल-जवाब

बेसन गुटिया सब्जी क्या होती है?
यह राजस्थान की एक पारंपरिक सब्जी है जिसमें बेसन को पानी के छींटे देकर मूंग दाल जितने छोटे-छोटे दानों (गुटियों) का रूप दिया जाता है और मसालेदार ग्रेवी में पकाया जाता है।
गुटिया बनाने के लिए पानी का छिड़काव कितनी बार करना चाहिए?
थाली में बेसन लेकर उस पर एक हाथ से पानी छिड़कते हुए दूसरे हाथ से गोल-गोल घुमाने की प्रक्रिया को लगभग 8 से 10 बार दोहराना चाहिए।
गुटियों को भूनने के लिए कितने तेल की आवश्यकता होती है?
कड़ाही में आधा टेबल स्पून तेल डालकर बेसन की गुटियों को धीमी आंच पर हल्का सुनहरा होने तक लगातार चलाते हुए भूना जाता है।
ग्रेवी पकाने के लिए कितना पानी डाला जाता है?
भुने हुए मसाले और गुटियों के मिश्रण में 3 कटोरी पानी मिलाकर मध्यम आंच पर सब्जी को पकाया जाता है।
इस सब्जी को किस रोटी के साथ परोसना सबसे अच्छा रहता है?
इसे गरमागरम बाजरे की रोटी या पराठे के साथ परोसना सबसे उत्तम माना जाता है।
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