करेले के अनगिनत पोषक तत्वों से हर कोई वाकिफ है, लेकिन उसकी स्वाभाविक कड़वाहट के कारण कई लोग इसे अपनी थाली में शामिल करने से कतराते हैं। ऐसे लोगों के लिए ककोड़ा एक शानदार और स्वादिष्ट विकल्प बनकर सामने आता है, जिसमें करेले जैसे लाभ तो मिलते ही हैं, साथ ही इसका स्वाद कड़वा होने के बजाय हल्का मीठा होता है। आम बोलचाल में इसे जंगली करेला या वन करेला भी कहा जाता है। यह आकार में साधारण करेले की तुलना में काफी छोटा होता है, हालांकि इसे बीच से काटने पर अंदर करेले जैसे ही बीज दिखाई देते हैं। ककोड़ा को ठीक करेले की पारंपरिक शैली में ही पकाया जाता है, और जब इसके मुलायम बीजों को साथ रखकर पकाया जाए तो इसका कुरकुरापन खाने के अनुभव को और बेहतर बना देता है। इसे गरमा-गरम पराठे, सादी रोटी या फिर दाल-चावल के साथ आसानी से परोसा जा सकता है।
ककोड़ा को पकाने के लिए जरूरी तैयारी
इस स्वादिष्ट सूखी सब्जी को बनाने की शुरुआत सही तैयारी के साथ होती है। अपनी जरूरत के अनुसार बाजार से ताजा ककोड़ा लेकर आएं और उन्हें साफ पानी से अच्छी तरह धो लें ताकि धूल-मिट्टी पूरी तरह साफ हो जाए। धोने के बाद ककोड़ा के दोनों तरफ के ऊपरी और निचले डंठल को काटकर अलग कर दें। इसके बाद पूरी सब्जी को गोल-गोल छल्लों के आकार में समान रूप से काट लें। यदि ककोड़ा का बाहरी छिलका अधिक सख्त महसूस हो तो उसे हल्का-सा खुरचकर या छीलकर निकाल सकते हैं, हालांकि छिलके सहित बनाने पर भी यह उतना ही स्वादिष्ट बनता है। काटते समय इस बात का ध्यान रखें कि अगर किसी ककोड़े के बीज पूरी तरह पककर सख्त हो चुके हैं तो उन्हें निकाल देना ही बेहतर रहता है, जबकि कच्चे और कोमल बीजों को सब्जी के साथ ही पकाया जाता है।
तड़का लगाने और मसाले मिलाने का तरीका
सब्जी को बघारने के लिए एक बड़े आकार के प्याज को बारीक और लंबे लच्छों में काट लें। साथ ही थोड़ा अदरक और लहसुन लेकर उन्हें दरदरा कूट लें। अब गैस पर कड़ाही चढ़ाएं और उसमें सरसों का तेल डालकर अच्छी तरह गर्म करें ताकि उसका कच्चापन निकल जाए। गर्म तेल में पचफोरन मसाला डालें। यदि रसोई में तैयार पचफोरन मौजूद न हो, तो जीरा, कलौंजी, मेथी दाना, राई और सौंफ का बराबर मिश्रण बनाकर तेल में डाला जा सकता है। मसालों के चटकते ही इसमें कटा हुआ लंबा प्याज, कुटा हुआ अदरक-लहसुन और कटी हुई ककोड़ा की स्लाइस डाल दें। इन सभी सामग्रियों को एक साथ अच्छी तरह मिलाएं। इसके बाद ऊपर से स्वादानुसार नमक, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और एक चम्मच सौंफ का पाउडर छिड़कें। सौंफ का पाउडर इस सब्जी को एक विशेष खुशबू और स्वाद प्रदान करता है।
धीमी आंच पर पकाएं और परोसें
मसालों को ककोड़ा के साथ अच्छी तरह मिलाने के बाद कड़ाही को ढक्कन से ढक दें और धीमी आंच पर कुछ मिनटों तक पकने दें। बीच-बीच में ढक्कन हटाकर कलछी से चलाते रहें ताकि सब्जी तली में चिपके नहीं और चारों तरफ से समान रूप से सिक सके। जब ककोड़ा पूरी तरह गल जाए और पककर तैयार हो जाए, तब इसमें खटास और तीखेपन के संतुलन के लिए आमचूर मसाला मिला दें। यदि आपको क्रिस्पी और कुरकुरी सब्जी पसंद है, तो धीमी आंच पर बिना ढक्कन लगाए इसे थोड़ी देर और भून सकते हैं। अंत में बारीक कटा हुआ ताजा हरा धनिया ऊपर से बुरकें और गरमा-गरम परोसें। इस तरह से तैयार ककोड़ा की भुजिया भोजन का स्वाद पूरी तरह बदल देती है।

















