बरसात के दिनों में जब मौसम सुहाना होता है, तो अक्सर खाने की थाली में कुछ चटपटा और जायकेदार शामिल करने की चाह बढ़ जाती है। मध्य प्रदेश के निमाड़ इलाके में स्थित बुरहानपुर का पारंपरिक नींबू और हरी मिर्च का अचार अपनी खास पहचान रखता है। यह अचार न केवल अपने लाजवाब स्वाद के लिए मशहूर है, बल्कि इसे तैयार करने का तरीका भी बेहद सरल और सुगम है। खट्टे, तीखे और हल्के मीठे मेल वाला यह घरेलू अचार हर उम्र के लोगों को खूब भाता है। उचित विधि से तैयार किए जाने पर यह लंबे समय तक सुरक्षित रहता है, जिससे इसे यात्रा या सफर के दौरान साथ ले जाना भी बेहद सुविधाजनक होता है।
निमाड़ी खानपान में खास अहमियत रखता है यह मेल
बुरहानपुर सहित पूरे निमाड़ क्षेत्र में इस अचार को रोजमर्रा के पारंपरिक भोजन का एक अभिन्न अंग माना गया है। घर के बच्चे हों या बुजुर्ग, हर कोई इसके चटपटे स्वाद का दीवाना रहता है। खासकर मानसून के दौरान जब सादा भोजन जैसे दाल, खिचड़ी या गरमा-गरम पराठे परोसे जाते हैं, तब इस अचार का थोड़ा सा हिस्सा भी पूरे भोजन का जायका दोगुना कर देता है। यही कारण है कि स्थानीय घरों की रसोई में यह खास व्यंजन हमेशा अपनी जगह बनाए रखता है।
रसोई में मौजूद बुनियादी चीजों से तैयारी
इस पारंपरिक रेसिपी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे बनाने में किसी खास या बाजारू मसाले की आवश्यकता नहीं पड़ती। इसके लिए सिर्फ चार मुख्य चीजें चाहिए होती हैं: ताजी हरी मिर्च, रसीले नींबू, नमक और राई की दाल। इसमें किसी भी तरह के कुकिंग ऑयल या भारी छौंक की जरूरत नहीं होती, जिससे यह सेहत के लिहाज से भी काफी हल्का और सुपाच्य रहता है।
घर पर तैयार करने की आसान विधि
इस व्यंजन को बनाने की प्रक्रिया भी बेहद सहज है। इसे तैयार करने के लिए सबसे पहले ताजी और थोड़ी मोटी हरी मिर्च के साथ अच्छे नींबू चुने जाते हैं।
- धुलाई और सुखाना: मिर्च और नींबू को साफ पानी से अच्छी तरह धोने के बाद सूखे सूती कपड़े से पोंछा जाता है। अचार में बिल्कुल भी नमी नहीं रहनी चाहिए ताकि यह खराब न हो।
- कटाई का तरीका: सुखाने के बाद हरी मिर्च को अपनी पसंद के छोटे या लंबे टुकड़ों में काट लें, और इसी तरह नींबू के भी बराबर टुकड़े कर लें।
- मसाले मिलाना: कटे हुए नींबू और मिर्च में स्वादानुसार सादा नमक और राई की दाल अच्छी तरह मिला दी जाती है।
- जार में भंडारण: सभी चीजों को ठीक से मिलाने के बाद इस मिश्रण को एक साफ, सूखे कांच के जार या मर्तबान में भरकर रख दिया जाता है।
कुछ दिनों तक जार में रखे रहने के बाद नींबू का प्राकृतिक रस बाहर आता है और राई व नमक के साथ घुलकर मिर्च में समा जाता है। मिर्च का तीखापन और नींबू का खट्टापन जब आपस में रच-बस जाते हैं, तब तैयार होता है निमाड़ का यह बेजोड़ और तीखा-चटपटा अचार।

















