मध्य प्रदेश का बुरहानपुर जिला अपनी ऐतिहासिक धरोहरों के अलावा अनूठे और लजीज खानपान के लिए भी मशहूर है। जब भी मौसम में ठंडक घुलती है या फिर बारिश की बूंदें गिरती हैं, तो यहां के घरों और बाजारों में गरमा-गरम पकौड़ों की मांग तेजी से बढ़ जाती है। इसी देसी स्वाद की कड़ी में एक खास स्थानीय व्यंजन खूब सुर्खियां बटोरता है, जिसे आलू लेमन पकौड़ा कहा जाता है। अपने हल्के खट्टे-मीठे और चटपटे स्वाद के दम पर यह नाश्ता बुरहानपुर और पूरे निमाड़ इलाके में हर उम्र के लोगों का पसंदीदा बना हुआ है।
रसोई में मौजूद सामान्य सामग्री से तैयार होता है नाश्ता
इस अनूठे पकौड़े को तैयार करने के लिए किसी तामझाम या दुर्लभ सामग्री की जरूरत नहीं होती है। स्थानीय खानपान विशेषज्ञ वंदना के अनुसार, यह डिश घर की रसोई में रोजमर्रा काम आने वाली बेहद बुनियादी चीजों से झटपट तैयार हो जाती है। इसके लिए मुख्य रूप से आलू, नींबू, बेसन, नमक, चाट मसाला और तलने के लिए तेल की आवश्यकता होती है। बुनियादी सामान से बनने के कारण गृहिणियां इसे शाम के नाश्ते के रूप में बेहद सहूलियत से बना लेती हैं।
बनाने की आसान विधि और कुरकुरा स्वाद
आलू लेमन पकौड़ा तैयार करने की प्रक्रिया भी काफी सरल है। सबसे पहले आलू को उबालकर या फिर बारीक व छोटे टुकड़ों में काटकर अलग रख लिया जाता है। इसके बाद एक बर्तन में बेसन लेकर उसमें स्वादानुसार नमक और जरूरत के मुताबिक मसाले मिलाते हुए गाढ़ा घोल तैयार किया जाता है। आलू के टुकड़ों को इस बेसन के घोल में अच्छी तरह लपेटा जाता है ताकि उन पर बेसन की एक समान परत चढ़ जाए।
इसके बाद कढ़ाई में तेल अच्छी तरह गर्म करके आलू के इन टुकड़ों को तलने के लिए डाला जाता है। पकौड़ों को तब तक सेका जाता है जब तक कि वे बाहर से सुनहरे और एकदम कुरकुरे न हो जाएं। तलने के तुरंत बाद जब पकौड़े बेहद गर्म हों, तब उनके ऊपर ताजा नींबू का रस निचोड़ा जाता है और साथ में चाट मसाला छिड़का जाता है। नींबू की चटपटी खटास और चाट मसाले का चटकारा साधारण आलू पकौड़े को एक अलग और अनोखे स्तर पर ले जाता है।
निमाड़ क्षेत्र की पहचान और शाम की चाय की संगत
बुरहानपुर और समूचे निमाड़ क्षेत्र में बारिश के दिनों में भाप उड़ती चाय की चुस्कियों के साथ इस गरमा-गरम पकौड़े का लुत्फ उठाना रोजमर्रा की दिनचर्या का हिस्सा बन जाता है। इस नाश्ते की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बेहद कम वक्त में बनकर तैयार हो जाता है और तीखापन संतुलित रहने के कारण बच्चे भी इसे बड़े चाव से खाते हैं। बाहर से बेहद कुरकुरी परत, भीतर से मुलायम आलू और ऊपर से नींबू-मसाले का तड़का इसे हर किसी के लिए लाजवाब बना देता है।



















