टाटा संस की अर्जी रिजर्व बैंक ने की खारिज, अब शेयर बाजार में दस्तक देने के अलावा नहीं बचा कोई रास्ताराजस्थान में डिजिटल स्क्रीन और उम्मीदों के भारी दबाव से घट रही बच्चों की एकाग्रता, मानसिक तनाव पर विशेषज्ञों की रायदेवघर में धान की बंपर पैदावार के लिए रोपाई के 20 से 25 दिनों बाद क्यों जरूरी है सही खाद का इस्तेमालकिचन के चिपचिपे पंखे को नए जैसा चमकाने के लिए अपनाएं ये तीन बेहद आसान घरेलू नुस्खेगणेशोत्सव पर पाना है पारंपरिक और शाही लुक, तो आजमाएं पैठणी साड़ी के ये 5 बेहद खूबसूरत डिजाइनकोटा के ये 5 शानदार स्कूल बच्चों के समग्र विकास और बेहतरीन शिक्षा के लिए हैं सबसे खासबेंगलुरु की लापता छात्रा को खोजने में मददगार बना सरकारी योजना का ओटीपी, सहेली की तलाश में जुटी सीआईडीभीलवाड़ा के एक घर में सोफे के नीचे मिला दुर्लभ सफेद कोबरा, वन्यजीव टीम ने सुरक्षित बचायाबाढ़ प्रभावित नेपाल के लिए मसीहा बनी अंबाला की मेडिकल टीम, मुफ्त इलाज पाकर भावुक हुए पीड़ितरसोई की काली और चिकनी छन्नी को चमकाने के 4 आसान घरेलू नुस्खे, ऐसे करें साफ
छत्तीसगढ़ की खेड़हा भाजी: खेतों में अपने आप उगने वाली हरी सब्जी जब तीन दालों संग पकती है तो बन जाती है सेहत की पूरी थालीखानपान
13 जून 2026, 4:58 pm (91 दिन पहले)· 0

छत्तीसगढ़ की खेड़हा भाजी: खेतों में अपने आप उगने वाली हरी सब्जी जब तीन दालों संग पकती है तो बन जाती है सेहत की पूरी थाली

खेतों और मेड़ों पर प्राकृतिक रूप से उगने वाली खेड़हा भाजी को चना, अरहर और मसूर दाल के साथ पकाकर तैयार होने वाला यह छत्तीसगढ़ी व्यंजन गर्मी में हल्का, पौष्टिक और ऊर्जा से भरपूर भोजन है।

गर्मी के दिनों में पेट को भारी न लगे और शरीर को पूरा पोषण भी मिलता रहे — ऐसी थाली हर किसी की पहली पसंद होती है। छत्तीसगढ़ के गांवों की रसोई में पीढ़ियों से बनती आ रही खेड़हा भाजी और मिक्स दाल की यह रेसिपी ठीक यही काम करती है। हल्की, आसानी से पचने वाली और मौसम के मिजाज से मेल खाती यह देसी डिश स्वाद और सेहत दोनों को एक साथ साधती है, और तपती गर्मी में भी शरीर की ऊर्जा बनाए रखती है।

क्या है खेड़हा भाजी

खेड़हा भाजी छत्तीसगढ़ के देहाती इलाकों की एक पारंपरिक हरी भाजी है, जिसे कोई बोता नहीं — यह खेतों, मेड़ों और आसपास के प्राकृतिक क्षेत्रों में अपने आप उग आती है। गांव की महिलाएं इसे चुन-चुनकर इकट्ठा करती हैं, ध्यान से साफ करती हैं और फिर भोजन का हिस्सा बनाती हैं। पोषक तत्वों से भरपूर यह भाजी गर्मी के मौसम में शरीर को हल्का और स्वस्थ बनाए रखने में मदद करती है।

ये भी पढ़ें

तीन दालों का साथ क्यों खास है

इस रेसिपी की असली ताकत इसमें पड़ने वाली तीन दालों से आती है — चना दाल, अरहर दाल और मसूर दाल। ये तीनों प्रोटीन, फाइबर, आयरन और दूसरे जरूरी पोषक तत्वों का बढ़िया स्रोत हैं। जब इन्हें खेड़हा भाजी के साथ मिलाकर पकाया जाता है, तो यह एक संपूर्ण और संतुलित भोजन बन जाता है, जो शरीर को देर तक चलने वाली ऊर्जा देता है। यही वजह है कि देसी मसालों और सरसों के तड़के से सजी यह डिश छत्तीसगढ़ की समृद्ध खानपान संस्कृति की पहचान मानी जाती है।

कैसे बनती है यह डिश

बिलासपुर की गृहिणी भाग्यवती इसकी विधि कुछ यूं बताती हैं। सबसे पहले खेड़हा भाजी और तीनों दालों को कुकर में अच्छी तरह पका लिया जाता है। इसके बाद कढ़ाही में सरसों का तेल गरम करके उसमें जीरे का तड़का लगाया जाता है।

  • तड़के में लहसुन, अदरक, हरी मिर्च और प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूना जाता है।
  • फिर टमाटर डालकर मसाले को अच्छी तरह पकाया जाता है।
  • आखिर में पकी हुई भाजी और दाल को इसी मसाले में मिलाकर धीमी आंच पर कुछ देर पकने दिया जाता है।
  • ऊपर से हरा धनिया डालने पर इसका स्वाद और भी निखर जाता है।

सेहत के लिए फायदे

गर्मी के मौसम में खेड़हा भाजी और मिक्स दाल का यह व्यंजन खासतौर पर लाभदायक माना जाता है। इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मदद करता है, वहीं दालों से मिलने वाला प्रोटीन शरीर को ताकत और ऊर्जा देता है। बच्चों, बुजुर्गों और दिनभर मेहनत करने वाले लोगों के लिए यह भोजन विशेष रूप से फायदेमंद बताया जाता है।

किस मौसम में, किसके साथ खाएं

ग्रामीण इलाकों में यह व्यंजन खासकर गर्मी और बरसात के मौसम में बनाया जाता है। गरम चावल, रोटी या बाजरे की रोटी के साथ परोसने पर इसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है। छत्तीसगढ़ की परंपरा और देसी जायके से लगाव रखने वालों के लिए यह रेसिपी किसी विरासत से कम नहीं। अगर आप इस गर्मी में स्वादिष्ट, पौष्टिक और देसी भोजन का आनंद लेना चाहते हैं, तो यह थाली के लिए एक शानदार विकल्प साबित हो सकती है।

संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR