फिटनेस का ध्यान रखने वाले लोगों की डाइट में चिकन ब्रेस्ट अक्सर पहली पसंद होता है, और इसकी वजह साफ है. इसमें प्रोटीन भरपूर मात्रा में मिलता है, जबकि कैलोरी और सैचुरेटेड फैट काफी कम रहता है. लेकिन इसी चिकन ब्रेस्ट के साथ एक दिक्कत भी जुड़ी है, जिससे लगभग हर घर की रसोई जूझती है. पकने के बाद यह अक्सर सूखा और रबड़ जैसा चबाने वाला बन जाता है, और सारा स्वाद बिगड़ जाता है. अगर आपके साथ भी बार-बार ऐसा होता है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं. एक छोटी सी मैरिनेशन ट्रिक से यह समस्या पूरी तरह हल हो सकती है.
दही नहीं, असली जादू अंडे का है
ज्यादातर लोगों के मन में यही बात बैठी होती है कि चिकन को नरम और जूसी बनाने के लिए दही ही सबसे जरूरी चीज है. लेकिन कई फूड एक्सपर्ट्स की राय इससे अलग है. उनका मानना है कि इस मामले में अंडा दही से कहीं बेहतर नतीजे देता है. सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस रेसिपी में न तो दही डाला जाता है और न ही तेल, फिर भी तैयार चिकन बेहद रसीला और स्वादिष्ट निकलता है.
मैरिनेशन में क्या-क्या डालें
इस मैरिनेशन को बनाने के लिए आपको कुछ बुनियादी चीजों की जरूरत पड़ेगी. इनमें आधा बड़ा चम्मच अदरक-लहसुन पेस्ट के साथ आपके पसंदीदा मसाले, नींबू का रस, एक अंडा और स्वादानुसार नमक शामिल हैं.
बनाने का तरीका
सबसे पहले चिकन ब्रेस्ट को अच्छी तरह धोकर साफ कर लें. इसके बाद एक बड़े बाउल में सारे मसाले, अदरक-लहसुन पेस्ट, नींबू का रस, अंडा और नमक डालकर अच्छी तरह फेंट लें ताकि एक एकसार मिश्रण तैयार हो जाए.
अब चिकन ब्रेस्ट को इस मिश्रण में डालें और हर तरफ से इस तरह कोट करें कि मसाले उसके अंदर तक अच्छी तरह बैठ जाएं. इसके बाद बाउल को करीब 30 मिनट के लिए फ्रिज में रख दें, ताकि चिकन मसालों का पूरा स्वाद सोख ले.
मैरिनेशन का समय पूरा होने के बाद चिकन को एयर फ्रायर में 190 डिग्री सेल्सियस पर 10 से 12 मिनट तक पकाएं. इतने में आपका चिकन ब्रेस्ट तैयार हो जाएगा, और वह मुलायम, जूसी और स्वाद से भरपूर मिलेगा.
सेहत के लिए कितना फायदेमंद है चिकन ब्रेस्ट
चिकन ब्रेस्ट सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि पोषण के लिहाज से भी बेहद कीमती है. यह उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन देता है, जो वजन घटाने, मांसपेशियों को मजबूत बनाने और हड्डियों की सेहत सुधारने में मदद करता है.
चिकन के बाकी हिस्सों की तुलना में ब्रेस्ट में सैचुरेटेड फैट कम होता है, इसी वजह से वजन पर नियंत्रण रखने वालों के लिए इसे ज्यादा बेहतर विकल्प माना जाता है. इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर की कोशिकाओं की मरम्मत करने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और ऊर्जा बनाए रखने में भी मददगार होते हैं. एक लीन प्रोटीन होने के नाते यह दिल की सेहत के लिए भी अच्छा माना जाता है.













