जब भी कुछ नया और पारंपरिक मीठा खाने का मन हो, तो रसोई में रखे आम विकल्पों से हटकर कुछ अलग आजमाना एक बेहतरीन फैसला साबित हो सकता है। आमतौर पर घरों में सूजी, बेसन या आटे का हलवा ही बनाया जाता है, लेकिन अगर आप एक हटके स्वाद की तलाश में हैं, तो गुड़ और अखरोट का मेल कमाल का अनुभव दे सकता है। सफेद चीनी के इस्तेमाल से दूर रहकर जब प्राकृतिक गुड़ का चुनाव किया जाता है, तो इस व्यंजन का स्वाद कई गुना बढ़ जाता है। अखरोट का प्राकृतिक खुरदरापन, गुड़ की सौंधी मिठास और शुद्ध घी की महक मिलकर एक ऐसा जायका तैयार करती है जिसे हर कोई पसंद करता है। चाहे कोई खास त्योहार हो, घर पर मेहमानों का आना-जाना हो या फिर रात के खाने के बाद कुछ मीठा खाने की इच्छा हो, यह अनोखी मिठाई हर मौके पर परोसी जा सकती है।
हलवा बनाने के लिए जरूरी सामग्रियां
इस स्वादिष्ट व्यंजन को तैयार करने के लिए रसोई में कुछ बुनियादी चीजें होनी चाहिए। मुख्य सामग्री के तौर पर आपको एक कप मोटा पिसा हुआ अखरोट चाहिए। इसके साथ ही आधा कप कद्दूकस किया हुआ गुड़, दो टेबलस्पून शुद्ध घी और आधा कप मलाईयुक्त फुल-फैट दूध की आवश्यकता होगी। जायके को और अधिक बढ़ाने के लिए एक चौथाई टीस्पून इलायची पाउडर का इस्तेमाल करें। सजावट और अतिरिक्त स्वाद के लिए एक टेबलस्पून कटे हुए बादाम, एक टेबलस्पून कटे हुए पिस्ता और एक टेबलस्पून किशमिश अपने पास तैयार रखें। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर लगभग दो टेबलस्पून पानी का उपयोग भी किया जा सकता है।
अखरोट तैयार करने की पहली प्रक्रिया
इस पूरी रेसिपी की शुरुआत अखरोट को पीसने से होती है। इसके लिए अखरोट के टुकड़ों को मिक्सी के जार में डालें और दरदरा पीस लें। ध्यान रहे कि इसे बिल्कुल बारीक मैदे या आटे की तरह नहीं पीसना है। थोड़ा दरदरा और मोटा पाउडर ही इस हलवे की असली खासियत बनता है, क्योंकि जब यह मुंह में आता है तो अखरोट का बेहतरीन अहसास कराता है। यही छोटी सी सावधानी इस मिठाई को सामान्य हलवे से बिल्कुल अलग और खास बनाती है।
भुनाई और दूध मिलाने का चरण
अब चूल्हे पर एक भारी तले वाली कड़ाही या पैन चढ़ाएं और उसमें घी गर्म करें। जब घी पिघल जाए, तब इसमें अखरोट का दरदरा पाउडर डालें और इसे धीमी से मध्यम आंच पर भूनें। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान कड़ाही को लगातार चलाते रहना बेहद जरूरी है ताकि अखरोट पैन के तल पर चिपके नहीं। जब इसमें से सौंधी खुशबू आने लगे और इसका रंग हल्का सुनहरा दिखाई देने लगे, तो समझ लीजिए कि अखरोट सही तरीके से भुन चुका है। इसे जरूरत से ज्यादा भूनने से बचना चाहिए क्योंकि अत्यधिक भुनाई से स्वाद कड़वा हो सकता है। अखरोट के अच्छी तरह भुन जाने के बाद इसमें दूध डालें और दोनों चीजों को आपस में अच्छी तरह मिला लें। अब इस मिश्रण को बिल्कुल धीमी आंच पर पकने दें और लगातार चम्मच चलाते रहें। धीरे-धीरे दूध अखरोट में पूरी तरह समा जाएगा और मिश्रण गाढ़ा होने लगेगा। इस चरण में किसी भी तरह की जल्दबाजी न दिखाएं, क्योंकि धीमी आंच पर पकाने से ही हलवा सही बनावट में आता है।
गुड़ मिलाने और पकाने की अंतिम विधि
जब कड़ाही का मिश्रण अच्छी तरह गाढ़ा हो जाए, तब इसमें कद्दूकस किया हुआ गुड़ मिलाना शुरू करें। गुड़ डालने के बाद हलवे को लगातार चलाना बहुत जरूरी होता है। जैसे-जैसे गुड़ पिघलेगा, मिश्रण एक बार के लिए थोड़ा पतला या ढीला लग सकता है, लेकिन इसे थोड़ी देर और पकाते रहने से यह दोबारा गाढ़ा होने लगेगा। जब हलवा चमकदार नजर आने लगे और इसके किनारों से घी अलग होता हुआ दिखाई दे, तब इसमें इलायची पाउडर मिला दें। इसके तुरंत बाद कटे हुए बादाम, पिस्ता और किशमिश डालकर हलवे को एक से दो मिनट के लिए और भून लें। गैस की आंच बंद करने के बाद इसे कुछ देर के लिए ठंडा होने के लिए छोड़ दें। परोसने से पहले चाहें तो ऊपर से थोड़े और पिस्ता के टुकड़े छिड़क सकते हैं।
खास बातें और जरूरी सावधानियां
इस स्वादिष्ट व्यंजन को बनाते समय कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। गुड़ मिलाने के बाद हलवे को कभी भी बहुत तेज आंच पर नहीं पकाना चाहिए, वरना मिश्रण नीचे जल सकता है और पूरा स्वाद खराब हो सकता है। इसी तरह अखरोट को पीसते वक्त इस बात का विशेष खयाल रखें कि उसका टेक्सचर दरदरा ही रहे, बहुत महीन पाउडर न बने। अगर जरूरत महसूस हो, तो दूध की मात्रा को अपनी आवश्यकता के अनुसार थोड़ा कम या ज्यादा भी किया जा सकता है।



















