हिमाचल में इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार, 122 करोड़ से बन रहे 99 चार्जिंग स्टेशन और निगम को हो रही भारी बचतचंडीगढ़ IED केस में बड़ा खुलासा, पाकिस्तान में बैठे खालिस्तानी हैंडलर सतनाम सत्ता नौशेरा के इशारे पर रची जा रही थी बड़ी साजिशअमेरिका-कनाडा व्यापार युद्ध के बीच डॉलर पर दबाव, सुस्त पड़े बिकवालरांची में किसानों के लिए कमाई का नया जरिया बनी अरु की खेती, सालभर में होती है शानदार इनकमझोटवाड़ा में गरमाया निकाय चुनाव का सियासी माहौल, राठौड़ के घर जुटे टिकट के दावेदारएस. जयशंकर ने यूक्रेन को स्वतंत्रता दिवस की दी बधाईहांसी में भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक सैनी की गाड़ी रोकी, युवकों ने किया विरोधहॉकी वर्ल्ड कप से बाहर हुई भारतीय महिला टीम, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबला रहा ड्रॉबैंक ऑफ जापान की दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों और डॉलर में नरमी के बीच जापानी येन में तेजीउत्तराखंड की नीति घाटी में स्थित टिम्मरसैंण गुफा का रहस्य, जहां सर्दियों में प्राकृतिक रूप से बनते हैं बाबा बर्फानी
चाय में चीनी की कीमतों से परेशान हैं? शक्कर के बजाय आजमाएं ये पांच बेहतरीन विकल्पखानपान
24 अग॰ 2026, 6:40 am (2 घंटे पहले)· 2

चाय में चीनी की कीमतों से परेशान हैं? शक्कर के बजाय आजमाएं ये पांच बेहतरीन विकल्प

यदि चीनी के बढ़ते दामों या स्वास्थ्य कारणों से आप चाय में मिठास का विकल्प ढूंढ रहे हैं, तो गुड़, स्टेविया और शहद जैसी पांच चीजें आपकी मदद कर सकती हैं।

बाजार में चीनी के दाम बढ़ने या फिर स्वास्थ्य को लेकर सजग रहने के कारण यदि कोई अपनी दैनिक चाय में शक्कर की मात्रा कम करना चाहता है, तो स्वाद फीका पड़ जाना एक आम समस्या बन जाती है। हालांकि, अपनी पसंद की चाय का आनंद लेते हुए भी चीनी से दूरी बनाई जा सकती है। इसके लिए कई ऐसे प्राकृतिक और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प मौजूद हैं जो न केवल कप में मिठास घोलते हैं बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद साबित होते हैं। इन विकल्पों को अपनाकर बिना किसी समझौते के चाय की चुस्कियों का लुत्फ उठाया जा सकता है।

गुड़ का पारंपरिक विकल्प

यदि आपको देसी और पारंपरिक स्वाद पसंद है, तो चीनी के स्थान पर गुड़ का उपयोग करना एक बेहतरीन फैसला हो सकता है। गुड़ चाय को एक सोंधापन और अनोखा प्राकृतिक स्वाद देता है। हालांकि, इसका सेवन भी एक निश्चित मात्रा में ही करना समझदारी है क्योंकि इसमें भी कैलोरी की मात्रा पाई जाती है, इसलिए जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल से बचना चाहिए।

ये भी पढ़ें

स्टेविया का आधुनिक इस्तेमाल

स्टेविया एक पूरी तरह से प्राकृतिक स्वीटनर है जिसे स्टेविया पौधे की पत्तियों से निकाला जाता है। यह आम चीनी के मुकाबले कई गुना अधिक मीठा होता है, जिसकी वजह से इसकी बेहद थोड़ी सी मात्रा ही चाय के एक कप के लिए काफी हो जाती है। जो लोग अपने खानपान में कैलोरी की मात्रा को कम रखना चाहते हैं, उनके बीच यह विकल्प काफी लोकप्रिय और असरदार माना जाता है।

मोंक फ्रूट स्वीटनर का क्रेज

आजकल बाजार में मोंक फ्रूट भी चीनी के एक बेहतरीन विकल्प के रूप में तेजी से उभर रहा है। इसमें मौजूद मोग्रोसाइड नामक प्राकृतिक तत्व इसे तीव्र मिठास प्रदान करता है। यह भी काफी ज्यादा मीठा होता है, इसलिए इसका उपयोग बहुत कम मात्रा में ही किया जाता है। आजकल यह आसानी से कई स्टोर्स के साथ-साथ ऑनलाइन माध्यमों पर भी उपलब्ध रहता है।

शहद से बढ़ाएं चाय का जायका

चाय को मीठा करने के लिए शुद्ध शहद का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। यह गर्म पेय में एक अलग खुशबू के साथ-साथ एक नया स्वाद जोड़ता है। बहुत से लोग हर्बल टी और अन्य स्वास्थ्यवर्धक ड्रिंक्स में मिठास के लिए इसी का चुनाव करते हैं, जो स्वाद के साथ सेहत का भी ख्याल रखता है।

खजूर की प्राकृतिक मिठास

खजूर को प्राकृतिक मिठास का एक बहुत बड़ा और बेहतरीन स्रोत माना जाता है। इसमें भरपूर फाइबर के साथ-साथ कई जरूरी पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं। चाय बनाते समय उसमें खजूर का पेस्ट मिला देने से स्वाद काफी हद तक बढ़ जाता है और कृत्रिम चीनी की जरूरत नहीं पड़ती है।

इस्तेमाल करते वक्त बरतें ये सावधानियां

स्टेविया और मोंक फ्रूट जैसे विकल्प अत्यधिक मीठे होते हैं, इसलिए इन्हें हमेशा बहुत ही कम मात्रा में डालना चाहिए। इसी प्रकार गुड़ और शहद का सेवन भी अति में नहीं करना चाहिए। बाजार से किसी भी प्रकार का पैकेटबंद स्वीटनर खरीदते समय उसके पैकेट पर लिखे तत्वों की जांच अवश्य कर लें। इसके अलावा, अगर आपका मुख्य उद्देश्य चीनी की आदत को छोड़ना है, तो अपनी चाय में धीरे-धीरे मिठास की मात्रा कम करना सबसे कारगार और स्वास्थ्य के अनुकूल तरीका माना जाता है।

सवाल-जवाब

चाय में चीनी की जगह क्या इस्तेमाल कर सकते हैं?
चाय में चीनी की जगह गुड़, स्टेविया, मोंक फ्रूट, शहद या खजूर के पेस्ट का इस्तेमाल किया जा सकता है।
स्टेविया का उपयोग क्यों किया जाता है?
स्टेविया एक प्राकृतिक स्वीटनर है जो बहुत कम मात्रा में ही चाय को मीठा कर देता है और इसमें कैलोरी भी कम होती है।
क्या गुड़ वाली चाय से वजन बढ़ सकता है?
गुड़ में भी कैलोरी होती है, इसलिए इसका अत्यधिक सेवन करने से वजन पर असर पड़ सकता है, इसलिए इसे सीमित मात्रा में ही उपयोग करना चाहिए।
चीनी छोड़ने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?
चाय में चीनी या मिठास की मात्रा को धीरे-धीरे कम करना आदत में सुधार लाने का सबसे बेहतरीन तरीका है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR