त्योहारों और खास अवसरों की शुरुआत होते ही भारतीय घरों में तरह-तरह की मिठाइयां परोसने का दौर शुरू हो जाता है। अमूमन लोग खुशियों का जश्न मनाने के लिए बाजार से मिठाइयां खरीदकर लाते हैं। हालांकि बाजार की मिठाइयों में मिलावट का खतरा हमेशा बना रहता है। अगर आप इस बार अपने मेहमानों और परिवार को कुछ खास, शुद्ध और नया स्वाद देना चाहते हैं, तो घर पर परवल की मिठाई तैयार कर सकते हैं। ताजे हरे परवल के भीतर मावा और सूखे मेवों की भरावन से बनने वाली यह मिठाई न केवल दिखने में बेहद आकर्षक होती है, बल्कि इसका स्वाद भी अनूठा होता है।
उत्तर भारत की प्रसिद्ध मिठाई और इसके स्वाद की खासियत
परवल की मिठाई उत्तर भारत के विभिन्न इलाकों में काफी लोकप्रिय है। शादी-विवाह, पारिवारिक उत्सवों और प्रमुख त्योहारों के मौके पर इसे खास तौर पर बनाया जाता है। इस पारंपरिक मिठाई की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे तैयार करने के लिए बहुत अधिक जटिल सामग्री की आवश्यकता नहीं होती। घर में सामान्य रूप से उपलब्ध दूध से बने मावे, चीनी और सूखे मेवों के तालमेल से इसे आसानी से तैयार किया जा सकता है। बाहरी आवरण का हल्का कुरकुरापन और अंदर मौजूद मीठे मावे का मिश्रण इसे अन्य मिठाइयों से अलग पहचान देता है।
आवश्यक सामग्री और सटीक मात्रा का हिसाब
स्वादिष्ट परवल की मिठाई बनाने के लिए सबसे पहले सही और ताजे परवल का चुनाव करना जरूरी है। ध्यान रखें कि बहुत अधिक पके हुए या फिर पिलपिले और नरम परवल इस मिठाई के लिए सही नहीं रहते। इस रेसिपी को तैयार करने के लिए आपको नीचे दी गई सामग्री की आवश्यकता होगी
- परवल: 500 ग्राम (ताजे और कड़े परवल)
- मावा (खोया): 250 से 300 ग्राम
- चीनी: 250 ग्राम
- पानी: आधा कप
- काजू और बादाम: 2 से 3 चम्मच (बारीक कटे हुए)
- इलायची पाउडर: आधा छोटा चम्मच
- दूध: आवश्यकतानुसार
- सजावट के लिए: बारीक कटे पिस्ता और चांदी का वर्क (ऐच्छिक)
परवल को साफ करने, छीलने और उबालने की प्रक्रिया
मिठाई बनाने की शुरुआत करने के लिए सबसे पहले परवलों को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। इसके बाद चाकू की मदद से परवल के दोनों सिरों को हल्का-हल्का काट लें। अब परवल के बीच में लंबाई की तरफ से एक चीरा लगाएं। चीरा लगाते समय यह सावधानी बरतें कि परवल पूरी तरह दो हिस्सों में अलग न हो जाए। इसके बाद किसी छोटे चम्मच के पिछले हिस्से या पतले चाकू की सहायता से परवल के अंदर मौजूद बीज और सारा गूदा बाहर निकाल लें।
एक भगोने या गहरे बर्तन में पर्याप्त पानी गर्म करने के लिए रखें। जब पानी उबलने लगे, तब उसमें चीरा लगे हुए परवल डाल दें। परवल को कुछ मिनट तक ही पानी में उबालें ताकि वे हल्के नरम हो जाएं। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि परवल बहुत अधिक न गलने पाएं, वरना उनका आकार बिगड़ जाएगा। हल्का नरम होने पर परवलों को उबलते पानी से बाहर निकालें और किसी छलनी पर रखकर पूरी तरह ठंडा होने दें।
मावे की भरावन तैयार करने की आसान विधि
मिठाई के अंदर भरने के लिए मावे की स्टफिंग तैयार करना अगला महत्वपूर्ण चरण है। इसके लिए एक कड़ाही में मावा डालें और धीमी आंच पर भूनना शुरू करें। मावे को लगातार चम्मच से चलाते रहें ताकि वह कड़ाही की सतह पर चिपके नहीं और न ही जले। जब मावे से भीनी-भीनी खुशबू आने लगे और उसकी नमी कम हो जाए, तो गैस बंद कर दें। अब इस सिके हुए मावे में बारीक कटे काजू, बादाम और इलायची पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें। इस तैयार मिश्रण को कुछ देर के लिए ठंडा होने के लिए छोड़ दें।
चाशनी का निर्माण और मिठाई को अंतिम रूप देना
एक अलग बर्तन में 250 ग्राम चीनी और आधा कप पानी मिलाकर मध्यमांच पर रखें। परवल की मिठाई के लिए बहुत ज्यादा गाढ़ी चाशनी की जरूरत नहीं होती है। लगभग एक तार की चाशनी इसके लिए एकदम सही मानी जाती है। चाशनी जब बनकर तैयार हो जाए तो आंच बंद कर दें।
अब ठंडे हो चुके परवलों में तैयार मावे की भरावन को सावधानीपूर्वक भरें। मावा भरते समय ध्यान रखें कि बहुत ज्यादा दबाव न बनाएं, अन्यथा परवल बीच से फट सकता है। इसी तरह सभी परवलों में मावे की भरावन भर लें। इसके बाद भरावन से भरे हुए परवलों को तैयार चाशनी में डालकर कुछ समय के लिए छोड़ दें ताकि चाशनी का मीठापन परवल के बाहरी आवरण में अच्छी तरह समा जाए।
सजावट और परोसने के बेहतरीन टिप्स
तैयार परवल की मिठाई को चाशनी से निकालकर एक सुंदर प्लेट में सजाएं। मिठाई को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए इसके ऊपर बारीक कटे पिस्ता, काजू और बादाम की कतरन डालें। यदि आप इसे त्योहार या किसी खास उत्सव के लिए बना रहे हैं, तो परवल के ऊपर चांदी का वर्क भी लगा सकते हैं। इस मिठाई को फ्रिज में रखकर ठंडा करने के बाद परोसने से इसका स्वाद और भी अधिक बढ़ जाता है।



















