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राजस्थान की राजधानी में घेवर, मावा कचौरी और फीणी के 10 लोकप्रिय मिष्ठान केंद्रखानपान
27 अग॰ 2026, 5:13 pm (63 दिन पहले)· 3

राजस्थान की राजधानी में घेवर, मावा कचौरी और फीणी के 10 लोकप्रिय मिष्ठान केंद्र

जयपुर की यात्रा के दौरान प्रामाणिक राजस्थानी मिठाइयों का स्वाद लेने के लिए जानिए शहर की 10 सबसे प्रसिद्ध दुकानों और उनकी खास किस्मों के बारे में।

राजस्थान की राजधानी अपनी समृद्ध विरासत और स्थापत्य कला के साथ-साथ अपने अनूठे खान-पान के लिए दुनिया भर में पहचानी जाती है। जब बात यहां की पारंपरिक मिठाइयों की आती है, तो घेवर, मावा कचौरी और रेशमी परतदार फीणी का नाम सबसे पहले दिमाग में आता है। यदि आप इस ऐतिहासिक शहर की यात्रा कर रहे हैं या यहां के प्रामाणिक शाही स्वाद का आनंद लेना चाहते हैं, तो कुछ ऐसी मिष्ठान दुकानें हैं जिनकी साख दशकों पुरानी है। इन प्रतिष्ठित प्रतिष्ठानों में सदियों पुराना स्वाद और ताजगी आज भी कायम है।

जौहरी बाजार के ऐतिहासिक मिष्ठान भंडार

शहर के मुख्य व्यापारिक क्षेत्र जौहरी बाजार में स्थित लक्ष्मी मिष्ठान भंडार (एलएमबी) स्थानीय निवासियों और पर्यटकों के बीच समान रूप से लोकप्रिय है। यह आउटलेट विशेष रूप से अपनी समृद्ध मावा कचौरी और पारंपरिक घेवर के लिए जाना जाता है। मिष्ठान प्रेमियों को आकर्षित करने के लिए यहां पनीर घेवर और मलाईदार रबड़ी घेवर की खास श्रेणियां भी परोसी जाती हैं।

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इसी इलाके में घी वालों का रास्ता में स्थित सांभर फीणी वाला अपनी पारंपरिक फीणी की कला के लिए विख्यात है। इस दुकान की फीणी में बारीक, धागे जैसी परतें होती हैं, जो हल्की मिठास के साथ मुंह में घुल जाती हैं। फीणी की यह अनोखी बनावट और घेवर का उम्दा स्वाद इसे पारंपरिक मिठाइयों के शौकीनों के लिए एक अनिवार्य पड़ाव बनाता है।

सिंधी कैंप और बानी पार्क के प्रसिद्ध स्वाद

सिंधी कैंप क्षेत्र में स्थित रावत मिष्ठान भंडार अपने तीखे और मीठे व्यंजनों के अद्भुत संतुलन के लिए पहचाना जाता है। हालांकि यह स्थान अपनी मसालेदार प्याज कचौरी के लिए खासा प्रसिद्ध है, लेकिन यहां की मावा कचौरी और घेवर भी जबरदस्त मांग में रहते हैं। खास तौर पर रबड़ी के साथ सजाया गया घेवर अपने कुरकुरेपन और सधे हुए मीठे स्वाद के कारण लोगों को खूब भाता है।

बानी पार्क स्थित दूध मिष्ठान भंडार दूध से बने व्यंजनों और पारंपरिक मिठाइयों की विस्तृत श्रृंखला पेश करता है। वर्ष 1955 से मिठाई व्यवसाय में दर्ज यह ऐतिहासिक दुकान अपने गुणवत्तापूर्ण मिल्क केक, मावा बर्फी, सॉफ्ट पेड़ा, सर्दियों के खास गाजर हलवा और कुरकुरे घेवर के लिए जानी जाती है।

मंदिर परिसर और वर्षों पुरानी विरासत वाले आउटलेट

प्रसिद्ध गोविंद देवजी मंदिर के निकट स्थित गोविंदम स्वीट्स श्रद्धालुओं और पर्यटकों का पसंदीदा केंद्र है। मंदिर में दर्शन के पश्चात मिष्ठान खरीदने वालों के लिए यह एक सुगम स्थान है। यहां प्रतिदिन ताजे लड्डू, चोगानी लड्डू, सेहतमंद गोंद के लड्डू, पेड़ा और मेवों से बनी मिठाइयों के साथ-साथ उम्दा घेवर भी उपलब्ध कराया जाता है।

वर्ष 1957 में स्थापित भगत मिष्ठान भंडार अपनी खास मिष्ठान शैलियों के लिए जाना जाता है। इस ऐतिहासिक दुकान की मुख्य पहचान इसके विशेष चोगानी लड्डू और दूध लड्डू हैं। इसके अतिरिक्त, यहां घेवर, मावा आधारित विविध मिठाइयों और कई तरह के नमकीन व्यंजनों का विस्तृत संग्रह मिलता है।

विविधता और स्नैक्स की बेहतरीन दुकानें

सोढानी स्वीट्स अपने ताजगी भरे स्वाद और करारे टेक्सचर के लिए जानी जाती है। इस प्रसिद्ध दुकान पर घेवर, मावा कचौरी, देशी घी के लड्डू, सर्दियों की गजक, मावा बर्फी और बारीक फीणी जैसी कई पारंपरिक राजस्थानी मिठाइयां उपलब्ध रहती हैं।

कांजी स्वीट्स पारंपरिक मिष्ठानों के साथ-साथ नमकीन और त्वरित स्नैक्स की बढ़िया वैरायटी प्रस्तुत करता है। यहां काजू मिठाई, केसर पेड़ा, रसीले गुलाब जामुन, राजभोग, रसगुल्ला, दानेदार कलाकंद और मलाईदार रसमलाई मिलती है। मिठाइयों के अलावा, यहां मिलने वाली राज कचौरी और चटपटे स्नैक्स भी ग्राहकों को अपनी ओर खींचते हैं।

मीठे और नमकीन के लोकप्रिय संयोजन केंद्र

बॉम्बे मिष्ठान भंडार (बीएमबी) मिठाई के साथ-साथ चटपटे व्यंजनों के शौकीनों के लिए एक बेहतरीन ठिकाना है। यहां घेवर, लड्डू, रसगुल्ला और मिक्स स्वीट्स के अलावा भारतीय नमकीन की विस्तृत वैरायटी मौजूद है। जो लोग मीठे स्वाद के तुरंत बाद नमकीन का आनंद लेना चाहते हैं, उनके लिए यह एक आदर्श स्थान है।

रिद्धि सिद्धि स्वीट्स भी स्थानीय मिष्ठान प्रेमियों के बीच अपनी एक खास जगह रखती है। इस दुकान पर पारंपरिक राजस्थानी व्यंजनों के अलावा बंगाली मिठाइयां, काजू स्वीट्स, लड्डू और मावा से तैयार कई प्रकार के व्यंजन उपलब्ध हैं। यहां मिष्ठानों की ताजगी के साथ-साथ स्नैक्स की भी कई किस्में पेश की जाती हैं।

सवाल-जवाब

जौहरी बाजार स्थित लक्ष्मी मिष्ठान भंडार (एलएमबी) किस लिए प्रसिद्ध है?
जौहरी बाजार में स्थित एलएमबी अपनी मावा कचौरी और घेवर के लिए जाना जाता है। यहां पनीर घेवर और रबड़ी घेवर की खास वैरायटी भी मिलती है।
सिंधी कैंप स्थित कौन सी दुकान प्याज कचौरी और रबड़ी घेवर के लिए जानी जाती है?
सिंधी कैंप स्थित रावत मिष्ठान भंडार अपनी प्याज कचौरी के साथ-साथ मावा कचौरी और रबड़ी घेवर के लिए काफी लोकप्रिय है।
गोविंद देवजी मंदिर के पास कौन सी मिठाई दुकान स्थित है?
गोविंद देवजी मंदिर के पास गोविंदम स्वीट्स स्थित है, जहां दर्शन के बाद लोग चोगानी लड्डू, गोंद लड्डू, पेड़ा और घेवर खरीदते हैं।
धागे जैसी बारीक फीणी के लिए जयपुर की कौन सी दुकान प्रसिद्ध है?
जौहरी बाजार के घी वालों का रास्ता में स्थित सांभर फीणी वाला अपनी बारीक धागेनुमा परतदार फीणी और घेवर के लिए प्रसिद्ध है।
दूध मिष्ठान भंडार और भगत मिष्ठान भंडार की शुरुआत कब हुई थी?
दूध मिष्ठान भंडार के रिकॉर्ड में 1955 से मिठाई कारोबार का उल्लेख मिलता है, जबकि भगत मिष्ठान भंडार की शुरुआत 1957 में हुई थी।
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