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गाचीबोवली में खुलेगा फोन-फ्री रेस्टोरेंट, खाने से पहले जमा करनी होगी मोबाइल फोनखानपान
5 सित॰ 2026, 1:33 pm (54 दिन पहले)· 2

गाचीबोवली में खुलेगा फोन-फ्री रेस्टोरेंट, खाने से पहले जमा करनी होगी मोबाइल फोन

हैदराबाद के गाचीबोवली स्थित वासावी स्काईसिटी में 7 सितंबर, 2026 से बोधि भोजनालयम नाम का रेस्टोरेंट शुरू हो रहा है, जहां हर टेबल में बनी दराज में मेहमानों को खाने से पहले अपना फोन रखना होगा.

हैदराबाद के गाचीबोवली इलाके में मौजूद वासावी स्काईसिटी परिसर में 7 सितंबर, 2026 को एक ऐसा रेस्टोरेंट खुलने जा रहा है जहां खाना ऑर्डर करने से पहले मेहमानों को अपना स्मार्टफोन अलग रखना होगा. इस रेस्टोरेंट का नाम बोधि भोजनालयम रखा गया है और इसे देश के पहले आध्यात्मिक डाइनिंग अनुभव वाले रेस्टोरेंट के तौर पर पेश किया जा रहा है, जो स्क्रीन और नोटिफिकेशन की भागदौड़ से दूर सुकून भरे भोजन का माहौल बनाने की कोशिश करता है.

आज के दौर में ज्यादातर लोग खाने की टेबल पर भी फोन स्क्रॉल करते या नोटिफिकेशन चेक करते रहते हैं, जिससे परिवार के साथ बैठकर बातचीत करने का मौका छूट जाता है. गाचीबोवली जैसे आईटी हब में जहां लंबे कामकाजी घंटे और डिजिटल थकान आम बात है, वहां इस तरह के फोन-फ्री माहौल को एक जरूरी बदलाव की तरह देखा जा रहा है.

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हर टेबल में छिपी दराज, फोन वहीं रखना होगा

इस जगह की सबसे चर्चित बात इसका नो-फोन नियम है. यहां बनी हर डाइनिंग टेबल में अंदर की तरफ एक छोटी दराज लगाई गई है और बैठते ही मेहमानों से कहा जाता है कि वे अपना फोन उसी में रख दें. मकसद साफ है, खाना खाते वक्त किसी की नजर स्क्रीन पर न जाए और कोई नोटिफिकेशन बीच में खलल न डाले, ताकि साथ बैठे परिवार और दोस्त बिना डिस्ट्रैक्शन के एक-दूसरे से बात कर सकें.

नाम के पीछे की सोच

रेस्टोरेंट के नाम में दो हिस्से जुड़े हैं. बोधि का मतलब है वर्तमान क्षण में पूरी तरह सजग रहना, और भोजनालयम का आशय है ध्यान लगाकर अन्न ग्रहण करना. इसी सोच को माइंडफुल ईटिंग कहा गया है, जिसमें निवाला जल्दी निगलने के बजाय उसका स्वाद, खुशबू और बनावट महसूस करने पर जोर दिया जाता है.

चार सिद्धांतों पर टिका कॉन्सेप्ट

संचालकों ने इस भोजनालय को चार मान्यताओं पर खड़ा किया है. पहली, अन्न को प्रसाद समझकर उसका सम्मान करना. दूसरी, रसोई को यज्ञशाला मानकर शुद्धता और सकारात्मक ऊर्जा के साथ पकाना. तीसरी, भोजन परोसने के काम को सेवा और समर्पण जैसा भाव देना. और चौथी, हर ग्राहक में अतिथि का रूप देखकर उसे भगवान जैसा सम्मान देना.

दक्षिण भारतीय सात्विक थाली

मेन्यू पूरी तरह शाकाहारी और सात्विक रखा गया है, जिसमें दक्षिण भारत की पुरानी रसोई परंपराओं को अपनाया गया है. यहां व्यंजन परंपरागत तरीके से कूटे गए चावल, पौष्टिक बाजरे और सदियों पुराने मसालों के साथ बनाए जाते हैं, जो स्वाद के साथ पाचन के लिए भी अच्छे बताए जाते हैं. खाना केले के पत्तों पर पुराने ढंग से परोसा जाएगा. थाली में पांडु मिर्ची पनीर टिक्का, मसालेदार मशरूम पोलिचेत्तु, आंध्र की खास गोंगुरा पुलाव और कुरकुरी मसाला बेबी कॉर्न जैसे व्यंजन शामिल किए गए हैं, जो पहले अपने रंग और खुशबू से मन मोहते हैं और फिर स्वाद से तृप्त करते हैं.

सवाल-जवाब

बोधि भोजनालयम कब और कहां शुरू हो रहा है?
यह हैदराबाद के गाचीबोवली स्थित वासावी स्काईसिटी में 7 सितंबर, 2026 से शुरू हो रहा है.
इस रेस्टोरेंट की सबसे खास बात क्या है?
हर डाइनिंग टेबल में बनी दराज में मेहमानों को खाने से पहले अपना फोन रखना होता है, ताकि कोई डिस्ट्रैक्शन न हो.
बोधि भोजनालयम नाम का क्या मतलब है?
बोधि का मतलब वर्तमान में पूरी तरह सजग रहना है और भोजनालयम का मतलब ध्यानपूर्वक भोजन करना है.
यहां का मेन्यू कैसा है?
मेन्यू 100% शाकाहारी और सात्विक है, जिसमें दक्षिण भारत की परंपरागत पाक शैली, कूटे हुए चावल, बाजरा और पारंपरिक मसालों का इस्तेमाल होता है.
खाना कैसे परोसा जाता है?
भोजन पारंपरिक तरीके से केले के पत्तों पर परोसा जाता है.
यहां कौन-कौन से खास व्यंजन मिलेंगे?
पांडु मिर्ची पनीर टिक्का, मसालेदार मशरूम पोलिचेत्तु, आंध्र गोंगुरा पुलाव और कुरकुरी मसाला बेबी कॉर्न जैसे व्यंजन खास आकर्षण हैं.
रेस्टोरेंट किन चार सिद्धांतों पर आधारित है?
भोजन को प्रसाद मानना, रसोई को यज्ञशाला मानना, भोजन परोसने को सेवा मानना और हर अतिथि को भगवान समान आदर देना, ये चार सिद्धांत हैं.
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