अगर अचानक घर पर मेहमान आ जाएं या शाम को कुछ चटपटा-मीठा खाने का दिल करे, तो ज्यादातर लोग दही भल्ला बनाने का ख्याल छोड़ देते हैं क्योंकि उड़द दाल को भिगोने और फिर भल्ले बनाने में घंटों लग जाते हैं। मास्टर शेफ गुरकीरत सिंह ने इस दिक्कत का तोड़ निकाला है, एक ऐसी ट्रिक जिसमें दाल भिगोने की जरूरत ही नहीं पड़ती और महज पांच मिनट में स्पंजी, मुंह में घुल जाने वाला दही भल्ला तैयार हो जाता है।
ब्रेड से बनेगी भल्ले जैसी शेप
इस तरीके में उड़द दाल के घोल की जगह साधारण सफेद ब्रेड इस्तेमाल होती है। एक थाली भर भल्ले बनाने के लिए छह से सात ताजी सफेद ब्रेड स्लाइस काफी हैं। हर स्लाइस को पानी से भरे चौड़े बर्तन में सिर्फ एक सेकंड के लिए डुबोया जाता है, क्योंकि ज्यादा देर पानी में रहने पर ब्रेड टूट सकती है। बाहर निकालते ही उसे दोनों हथेलियों के बीच रखकर जोर से दबाकर पूरा पानी निचोड़ लिया जाता है। इसके बाद उंगलियों से गोल-गोल घुमाते हुए इसे एक चिकनी, गोल बॉल की शक्ल दी जाती है, जो देखने में असली भल्ले जैसी ही लगती है। तैयार बॉल्स को सर्विंग प्लेट में थोड़ी दूरी बनाकर सजा दिया जाता है, ताकि अगली लेयर आसानी से चढ़ाई जा सके।
फेंटा हुआ दही ही करता है असली कमाल
पारंपरिक रेसिपी में तले हुए भल्लों को पहले पानी में और फिर दही में भिगोया जाता है, लेकिन इस ट्रिक में यह पूरा काम दही ही संभाल लेता है। एक अलग बर्तन में डेढ़ से दो कप ताजा गाढ़ा दही लेकर उसमें एक से दो चम्मच पिसी चीनी और चुटकीभर नमक मिलाया जाता है। व्हिस्कर या मथानी से इसे तब तक फेंटा जाता है जब तक यह बाजार में मिलने वाले दही जितना स्मूथ और क्रीमी न हो जाए। इस ठंडे, मीठे दही को ब्रेड बॉल्स के ऊपर इतनी मात्रा में डाला जाता है कि हर बॉल पूरी तरह उसमें डूब जाए और अच्छे से दही सोख ले।
मसाले और चटनी से आता है असली दही भल्ला वाला स्वाद
दही भल्ले की पहचान असल में उसके ऊपर पड़ने वाले मसालों और चटनी से ही बनती है, और यह झटपट वाली रेसिपी इसमें कोई कमी नहीं छोड़ती। सबसे पहले दही पर बराबर मात्रा में भुना जीरा पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और काला नमक बुरका जाता है, जो दही की मिठास को संतुलित कर देते हैं। इसके बाद स्वादानुसार इमली और गुड़ की गाढ़ी खट्टी-मीठी चटनी डाली जाती है। जिन्हें तीखा पसंद है, वे ऊपर से हरे धनिये और पुदीने की चटनी भी डाल सकते हैं। लाल और हरी चटनी का यही मेल दही भल्ले को उसका जाना-पहचाना रंग और खट्टे-मीठे-तीखे स्वाद का संतुलन देता है।
क्रंच के लिए गार्निशिंग और फौरन सर्व करने की सलाह
नरम भल्लों के साथ थोड़ा क्रंच मिल जाए तो स्वाद दोगुना हो जाता है, इसलिए दो-तीन कुरकुरी पापड़ी हाथ से मसलकर ऊपर डाली जाती हैं, साथ में बारीक सेव या नमकीन भी बुरकी जाती है। अगर प्लेट को और शाही लुक देना हो, तो बारीक कटे पिस्ता, बादाम या अनार के दाने भी सजाए जा सकते हैं। इस आखिरी स्टेप के बाद डिश को तुरंत सर्व करना जरूरी है, वरना पापड़ी और सेव नरम पड़कर अपना क्रंच खो देते हैं। सही तरीके से बनाए जाएं तो भल्ले इतने मुलायम निकलते हैं कि चम्मच की नोक से ही कट जाएं और मुंह में रखते ही घुल जाएं। जब भी वीकेंड पर मेहमान आ जाएं या शाम को चाट खाने का मन हो लेकिन दाल भिगोने का समय न हो, तो यह ट्रिक जरूर आजमाई जा सकती है।


















