जयपुर की पुरानी चारदीवारी के बाजारों में छोटी-छोटी दुकानों से निकलने वाला ज़ायका अक्सर बड़े ब्रांड्स को भी पीछे छोड़ देता है। चौड़ा रास्ता स्थित दुकान नंबर 101 चॉकलेट ज़ोन इसका एक उदाहरण है, जहां एक ही छत के नीचे 100 से ज्यादा तरह की हैंडमेड चॉकलेट तैयार होती हैं और यह जगह चारदीवारी बाजार घूमने वालों के लिए एक खास पड़ाव बन चुकी है।
घर की रसोई से शुरू हुआ चॉकलेट का सफर
दुकान के मालिक संजय सोनी बताते हैं कि कोविड के दौरान उन्होंने अपने घर पर ही कुछ चॉकलेट्स बनाकर देखीं। लोगों को इनका स्वाद इतना पसंद आया कि उन्होंने इसे शौक से आगे बढ़ाकर व्यवसाय बनाने की ठानी। साल 2023 में उन्होंने चौड़ा रास्ता में अपनी दुकान खोली और तभी से वे लगातार नई-नई वैरायटी की चॉकलेट तैयार कर रहे हैं। आज उनकी दुकान पर 100 से भी ज्यादा किस्म की चॉकलेट मिलती हैं, जिनकी मांग बच्चों में सबसे ज्यादा देखी जाती है।
रसमलाई से पान तक, हर चॉकलेट का अलग जायका
संजय सोनी का कहना है कि चॉकलेट का मतलब सिर्फ डेरी मिल्क या एक जैसा चॉकलेट फ्लेवर नहीं होता। इसी सोच के साथ उन्होंने रसमलाई चॉकलेट, फालूदा चॉकलेट, कुल्फी चॉकलेट, ड्राईफ्रूट चॉकलेट, रफल चॉकलेट और पान चॉकलेट जैसी कई अनोखी वैरायटी तैयार कीं। हर चॉकलेट का स्वाद दूसरी से बिल्कुल अलग है, यही वजह है कि ग्राहक अपने बच्चों के लिए यहीं से सबसे ज्यादा चॉकलेट खरीदना पसंद करते हैं।
बिना पैकेजिंग, सीधे किलो के हिसाब से बिक्री
दुकान पर चॉकलेट छोटे साइज से लेकर बड़े साइज तक बनाई जाती हैं, लेकिन इनमें से किसी की भी पैकेजिंग नहीं की जाती, इन्हें खुला ही रखा जाता है। सभी चॉकलेट सिर्फ किलो के हिसाब से बेची जाती हैं और इनकी कीमत 1000 रुपए से लेकर 1200 रुपए प्रति किलो तक रहती है। ग्राहक अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से कम या ज्यादा मात्रा में चॉकलेट खरीद सकते हैं।
बाजार की केमिकल वाली चॉकलेट से कैसे अलग
संजय सोनी बताते हैं कि बाजार में अलग-अलग कंपनियों की सैकड़ों तरह की चॉकलेट मौजूद हैं, लेकिन इनमें स्वाद बढ़ाने के लिए केमिकल और अन्य चीजें मिलाई जाती हैं और ये मशीनों से तैयार होती हैं। इनका स्वाद भले ही ठीक लगे, लेकिन सेहत के लिहाज से नुकसानदायक हो सकता है। इसके उलट उनकी चॉकलेट सिर्फ दूध और अन्य पोषक तत्वों से तैयार की जाती है, जो स्वाद के साथ सेहत के लिए भी बेहतर मानी जाती है।
त्योहारों और गिफ्ट में सबसे ज्यादा डिमांड
जयपुर घूमने आने वाले पर्यटक हों या शहर के स्थानीय लोग, दोनों में ही इस दुकान की चॉकलेट की जमकर मांग रहती है। इसी वजह से संजय सोनी और उनकी टीम लगातार नई चॉकलेट तैयार करने में जुटी रहती है। फेस्टिवल सीजन में और गिफ्ट के तौर पर देने के लिए ग्राहकों के बीच इनकी चॉकलेट्स की डिमांड सबसे ज्यादा बढ़ जाती है। पर्यटक जयपुर घूमने के बाद भी यहां की चॉकलेट का स्वाद अपने साथ ले जाना पसंद करते हैं।



















