एवोकाडो को अब तक ज्यादातर लोग सलाद, टोस्ट या ग्वाकामोले तक ही सीमित मानते हैं, लेकिन इसका मलाईदार टेक्सचर और हल्का स्वाद भारतीय मसालों के साथ भी बेहद अच्छी तरह घुलमिल जाता है। रोज़ की डाइट में एवोकाडो को नए अंदाज़ में शामिल करना है, तो ये पांच देसी स्टाइल रेसिपी आजमाई जा सकती हैं, जो सेहत के लिहाज से फायदेमंद होने के साथ-साथ स्वाद में भी कमाल की हैं।
एवोकाडो पराठा
गेहूं के आटे में मैश किया हुआ एवोकाडो मिलाकर उसमें अजवाइन, धनिया, हरी मिर्च, लाल मिर्च पाउडर और नमक डाला जाता है। इस मिश्रण को अच्छी तरह गूंधने के बाद सामान्य पराठे की तरह बेला जाता है और तवे पर सेंका जाता है। एवोकाडो मिलने से पराठा सामान्य से ज्यादा नरम और हल्का मलाईदार बनता है। इसे दही या हरी चटनी के साथ परोसा जा सकता है, जो नाश्ते के लिए एक हल्का और पेट भरने वाला विकल्प है।
एवोकाडो चाट
तीखा और चटपटा खाना पसंद करने वालों के लिए एवोकाडो चाट अच्छा विकल्प है। एवोकाडो के टुकड़ों को उबले छोले, बारीक कटे प्याज, टमाटर और ताज़ा धनिया के साथ मिलाया जाता है। ऊपर से चाट मसाला, भुना जीरा पाउडर, काला नमक और नींबू का रस डाला जाता है। स्वाद और टेक्सचर बढ़ाने के लिए इसमें थोड़ी सी सेव भी मिलाई जा सकती है, जिससे यह डिश और भी कुरकुरी और चटपटी लगती है।
एवोकाडो रायता
अच्छी तरह मैश किए गए एवोकाडो को फेंटे हुए दही में मिलाया जाता है, फिर उसमें भुना जीरा पाउडर, काला नमक, बारीक कटा धनिया और थोड़ा नींबू का रस डाला जाता है। इससे बनने वाला रायता सामान्य रायते के मुकाबले कहीं ज्यादा मलाईदार और गाढ़ा होता है। इसे पराठे के साथ या फिर दाल-चावल के साथ खाया जा सकता है, यह खाने का स्वाद और पौष्टिकता दोनों बढ़ा देता है।
एवोकाडो टिक्की
उबले हुए आलू में मैश किया हुआ एवोकाडो मिलाकर उसमें हरी मिर्च, धनिया, जीरा पाउडर और चाट मसाला डाला जाता है। इस मिश्रण से छोटी-छोटी टिक्कियां बनाई जाती हैं, जिन्हें थोड़े से तेल में तवे पर दोनों तरफ से सुनहरा भूरा होने तक सेंका जाता है। तैयार टिक्कियों को हरी चटनी के साथ परोसा जाता है, यह शाम के नाश्ते या हल्के भोजन के लिए अच्छा विकल्प बनता है।
एवोकाडो भेल
पफ्ड राइस यानी मुरमुरे को एवोकाडो के छोटे टुकड़ों, बारीक कटे प्याज, टमाटर और धनिया के साथ मिलाया जाता है। इसमें हरी चटनी, इमली की चटनी, चाट मसाला और नींबू का रस डालकर तुरंत परोसा जाता है। इसे खाने से ठीक पहले तैयार करना जरूरी है, ताकि मुरमुरे नरम पड़ने के बजाय कुरकुरे बने रहें और डिश का असली मजा बना रहे।



















