गर्मियों के मौसम में घर पर दही जमाना एक आसान काम लगता है, लेकिन अक्सर लोगों को शिकायत रहती है कि उनका दही या तो जल्दी खट्टा हो जाता है या फिर बाजार जैसा गाढ़ा और मलाईदार नहीं जमता। गर्मी के कारण तापमान अधिक होता है, जिससे दूध बहुत तेजी से जमता है और महज कुछ ही घंटों में यह सख्त थक्के का रूप ले लेता है। हालांकि, अगर दूध तैयार करने की प्रक्रिया और ज़माने के तरीके में थोड़ा बदलाव किया जाए, तो हर बार बिल्कुल परफेक्ट, मीठा और गाढ़ी मलाई वाला दही तैयार किया जा सकता है। इसके लिए कुछ बुनियादी बातों का ध्यान रखना बेहद ज़रूरी है।
दूध उबालने का सही तरीका और मलाईदार परत का राज
अगर आप चाहते हैं कि आपके दही पर बाजार की तरह मलाई की एक मोटी और गाढ़ी परत जमे, तो दूध उबालते समय ही उसमें थोड़ी ताज़ी क्रीम मिला देनी चाहिए। दूध में मिलाया गया यह अतिरिक्त फैट दही को एक समृद्ध, क्रीमी और गाढ़ा टेक्सचर प्रदान करता है। क्रीम मिलाने के बाद दूध को अच्छी तरह से घुलने दें, ताकि फैट समान रूप से पूरे दूध में फैल जाए।
इसके अलावा, केवल क्रीम मिलाना ही काफी नहीं होता, बल्कि दूध को उबालने का तरीका भी बहुत मायने रखता है। जब दूध में एक बार उबाल आ जाए, तो गैस की आंच धीमी कर दें और इसे कुछ मिनटों तक पकने दें। धीमी आंच पर पकाने से दूध का अतिरिक्त पानी भाप बनकर उड़ जाता है और दूध थोड़ा गाढ़ा हो जाता है, जिससे तैयार होने वाला दही और भी स्वाद तथा बेहतर टेक्सचर वाला बनता है।
दूध का सही तापमान और जामन की मात्रा
दूध को उबालने के बाद उसे सीधा जमाने के लिए इस्तेमाल न करें। इसे पहले सामान्य कमरे के तापमान पर ठंडा होने दें, जब तक कि यह हल्का गर्म यानी गुनगुना न रह जाए। दही जमाने के लिए तापमान का संतुलन बहुत जरूरी है। अगर दूध बहुत अधिक गर्म होगा तो उसमें दही का स्वाद और टेक्सचर दोनों खराब हो जाएंगे, जबकि बहुत ज्यादा ठंडा दूध ज़माने में आवश्यकता से अधिक समय लेगा और दही ठीक से नहीं जमेगा।
तापमान सही होने के बाद इसमें स्टार्टर कल्चर यानी जामन (ताज़ा दही) मिलाएं। एक कटोरे या बड़े गिलास दूध के लिए केवल थोड़ी सी मात्रा में ही जामन का प्रयोग करना चाहिए। कई लोग जल्दी दही जमाने के चक्कर में ज्यादा जामन डाल देते हैं, लेकिन बहुत अधिक जामन मिलाने से दही का स्वाद बिगड़ जाता है और वह जल्दी खट्टा हो जाता है। इसलिए हमेशा सीमित मात्रा में ही ताजे दही का जामन के रूप में उपयोग करें।
मिश्रण को मिलाने और स्थिर रखने के नियम
दूध में जामन डालने के बाद उसे चम्मच से अच्छी तरह मिलाना बेहद आवश्यक है, ताकि जामन पूरे दूध में समान रूप से घुल-मिल जाए। अगर जामन सही से नहीं मिलेगा तो दही कहीं गाढ़ा और कहीं पानी जैसा रह जाएगा। मिश्रण को अच्छी तरह मिलाने के बाद बर्तन को किसी ऐसी जगह पर रखें जहाँ का तापमान स्थिर रहता हो और हवा का सीधा बहाव न हो।
जब तक दही पूरी तरह से जम न जाए, तब तक बर्तन को बिल्कुल भी न हिलाएं और न ही बार-बार उसे खोलकर देखें। बार-बार बर्तन हिलाने या घुमाने से दही की बनावट टूट जाती है और उसमें से पानी अलग होने लगता है, जिससे गाढ़ा दही नहीं जम पाता।
फ्रिज में रखने का सही समय
गर्मियों में तापमान अधिक होने की वजह से दही बहुत कम समय में जम जाता है। जैसे ही आपको लगे कि दही पूरी तरह जम चुका है और सख्त हो गया है, इसे तुरंत उठाकर फ्रिज में रख दें। दही के जमने के बाद भी उसे कमरे के तापमान पर बाहर छोड़ देना ही उसके खट्टे होने का सबसे बड़ा कारण बनता है।
फ्रिज में रखने से दही में फर्मेंटेशन यानी किण्वन की प्रक्रिया धीमी हो जाती है, जिससे दही का स्वाद लंबा समय तक मीठा बना रहता है और उसमें अतिरिक्त खटास नहीं आती। इन आसान सावधानियों को अपनाकर गर्मियों में भी रोजाना हलवाई जैसा गाढ़ा और स्वादिष्ट दही घर पर तैयार किया जा सकता है।



















