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पूर्वी जमशेदपुर की मतदाता सूची से हटाए गए 3 अफगानी नागरिकों के नाम, अर्णव मिश्रा की कमेटी करेगी गड़बड़ी की जांचझारखंड
9 सित॰ 2026, 4:20 pm (1 घंटे पहले)· 2

पूर्वी जमशेदपुर की मतदाता सूची से हटाए गए 3 अफगानी नागरिकों के नाम, अर्णव मिश्रा की कमेटी करेगी गड़बड़ी की जांच

झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान गोलमुरी स्थित बूथ संख्या 286 पर तीन अफ़गान नागरिकों की पहचान के बाद निर्वाचन विभाग ने उनके नाम मतदाता सूची से काट दिए हैं। धालभूम एसडीओ अर्णव मिश्रा द्वारा गठित जांच समिति यह पता लगा रही है कि यह प्रशासनिक चूक थी या कोई सोची-समझी साज़िश।

झारखंड में मतदाता सूची के शुद्धिकरण के लिए चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान एक गंभीर प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है। जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में तीन विदेशी नागरिकों के नाम दर्ज पाए गए, जिनकी जांच के बाद उनके अफगानिस्तान के नागरिक होने की पुष्टि हुई है। निर्वाचन विभाग के अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की और तीनों व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए हैं। अब प्रशासनिक स्तर पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि भारतीय मतदाता सूची में विदेशी नागरिकों के नाम दर्ज कराने के पीछे किस स्तर की चूक या नेटवर्क शामिल था।

गोलमुरी के बूथ संख्या 286 में दर्ज थे तीनों नाम

निर्वाचन विभाग द्वारा जारी विवरण के अनुसार, ये तीनों नाम जमशेदपुर के गोलमुरी स्थित हिंदुस्तानी संघ स्कूल में बनाए गए बूथ संख्या 286 की मतदाता सूची में शामिल थे। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत तैयार की गई प्रारूप मतदाता सूची में भी इन्हें स्थान मिल गया था। क्रम संख्या के आधार पर तीनों के नाम इस प्रकार दर्ज थे

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  • आसिल खान: मतदाता सूची में क्रम संख्या 30 पर नाम दर्ज था।
  • मोहम्मद असलम: मतदाता सूची में क्रम संख्या 31 पर दर्ज किया गया था।
  • मोहम्मद इब्राहिम: मतदाता सूची में क्रम संख्या 33 पर नाम शामिल था।

दस्तावेज़ सत्यापन प्रक्रिया के दौरान जब अधिकारियों को इन नामों पर संदेह हुआ, तो निर्वाचन विभाग ने संबंधित तीनों व्यक्तियों को औपचारिक नोटिस जारी किया। उनसे भारतीय नागरिकता और मतदाता होने से संबंधित आवश्यक प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने को कहा गया। तय समय-सीमा के भीतर जब कोई संतोषजनक या प्रामाणिक दस्तावेज़ पेश नहीं किया गया, तो विभाग ने उनके पासपोर्ट की गहन जांच करवाई। पासपोर्ट पड़ताल में स्पष्ट रूप से साबित हो गया कि तीनों व्यक्ति अफगानिस्तान के नागरिक हैं, जिसके तुरंत बाद उनका नाम मतदाता सूची से विलोपित कर दिया गया।

धालभूम एसडीओ अर्णव मिश्रा की अगुवाई में जांच कमेटी गठित

विदेशी नागरिकों के नाम भारतीय मतदाता सूची में शामिल होने का मामला सामने आते ही प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्राथमिक सत्यापन के समय यह बड़ी चूक पकड़ में क्यों नहीं आई और किन परिस्थितियों में अफगानिस्तान के नागरिकों को मतदाता पहचान पत्र जारी होने की नौबत तक मामला पहुंचा।

इस पूरे मामले की गहराई से पड़ताल करने के लिए धालभूम के एसडीओ अर्णव मिश्रा ने एक उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है। यह समिति निम्नलिखित मुख्य पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करेगी

  • नेटवर्क और साज़िश की जांच: यह पता लगाया जाएगा कि मतदाता सूची में नाम जुड़वाने में किसी स्थानीय व्यक्ति, बिचौलिए या गिरोह का हाथ तो नहीं था।
  • लापरवाही की जवाबदेही: यह स्पष्ट किया जाएगा कि यह घटना केवल निचले स्तर की प्रशासनिक लापरवाही थी या जानबूझकर की गई अनियमितता।
  • दस्तावेज़ों का पुनर्मूल्यांकन: पुनरीक्षण अभियान के दौरान जमा किए गए सभी आवेदनों और संलग्न दस्तावेज़ों की दोबारा बारीकी से जांच की जाएगी।

निर्वाचन अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों या कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची की पारदर्शिता और शुद्धता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

सवाल-जवाब

जमशेदपुर में मतदाता सूची से किन तीन लोगों के नाम हटाए गए हैं?
आसिल खान, मोहम्मद असलम और मोहम्मद इब्राहिम के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, जो जांच में अफगानिस्तान के नागरिक पाए गए।
यह मामला किस विधानसभा क्षेत्र और बूथ से संबंधित है?
यह मामला जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र के गोलमुरी स्थित हिंदुस्तानी संघ स्कूल में बने बूथ संख्या 286 से जुड़ा है।
अफ़गान नागरिकों की पहचान कैसे हुई?
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान दस्तावेज़ सत्यापन में संदेह होने पर नोटिस जारी किया गया और पासपोर्ट की जांच से उनकी अफ़गानिस्तानी नागरिकता की पुष्टि हुई।
मामले की जांच के लिए क्या कदम उठाया गया है?
धालभूम एसडीओ अर्णव मिश्रा ने एक जांच कमेटी का गठन किया है, जो यह पता लगा रही है कि यह प्रशासनिक लापरवाही थी या किसी नेटवर्क की साज़िश।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·45 मिनट पहले

विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान तीन अफगानी नागरिकों का मतदाता सूची में मिलना केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि आंतरिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक गंभीर और संवेदनशील मामला है। धालभूम एसडीओ अर्णव मिश्रा की अध्यक्षता में गठित जांच समिति को अब यह गहराई से खंगालना होगा कि क्या इसके पीछे कोई संगठित स्थानीय सिंडिकेट सक्रिय था। इस तरह की सेंधमारी से न केवल चुनावी शुचिता खतरे में पड़ती है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं। जांच का दायरा सिर्फ गोलमुरी बूथ तक सीमित न रखकर यह भी देखना होगा कि क्या अन्य क्षेत्रों में भी ऐसे अवैध नाम दर्ज किए गए हैं।

Rohan Verma@rohan-verma·44 मिनट पहले

मतदाता सूची में विदेशी नागरिकों की यह प्रविष्टि चुनावी प्रक्रिया की बुनियादी सुरक्षा पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है। विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत यदि गोलमुरी बूथ पर यह गड़बड़ी पकड़ी गई है, तो यह स्पष्ट है कि जमीनी स्तर पर सत्यापन तंत्र में गंभीर खामियां हैं। अर्णव मिश्रा की समिति को यह सुनिश्चित करना होगा कि जांच सिर्फ नाम काटने तक सीमित न रहे, बल्कि यह भी पता चले कि स्थानीय स्तर पर कौन से मददगार तत्व इस प्रक्रिया में शामिल थे, ताकि भविष्य में इस तरह की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी सेंधमारी को पूरी तरह रोका जा सके।

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