समोसा, पकौड़ा, टिक्की, कबाब या सैंडविच, हर स्नैक हरी चटनी के बिना फीका लगता है। लेकिन घर पर बनी चटनी थोड़ी देर में ही काली पड़ने लगती है, जबकि रेस्टोरेंट की चटनी घंटों बाद भी उतनी ही चमकदार हरी दिखती है। इसकी वजह सिर्फ धनिया-पुदीना नहीं, बल्कि चटनी बनाने का सही तरीका है। अगर आप भी घर पर वैसी ही हरी-भरी और स्वादिष्ट चटनी बनाना चाहते हैं, तो कुछ आसान ट्रिक्स अपनाकर यह मुमकिन है।
सही पत्तियां चुनना सबसे पहला कदम
चटनी का रंग निखारने के लिए सबसे पहले ताजा और गहरे हरे रंग का धनिया और पुदीना ही चुनें। पीली पड़ चुकी या मुरझाई हुई पत्तियों का इस्तेमाल करने से चटनी का रंग शुरू से ही फीका पड़ सकता है। पत्तियों को अच्छी तरह पानी से धोकर उनका अतिरिक्त पानी निकाल लें, ताकि पीसते समय चटनी पतली न हो।
बर्फ के टुकड़े हैं असली राज़
रेस्टोरेंट जैसी हरी चटनी बनाने का सबसे बड़ा राज़ बर्फ के टुकड़े हैं। चटनी पीसते समय मिक्सर जार में 2 से 3 बर्फ के टुकड़े डालने से मिक्सर की ब्लेड से पैदा होने वाली गर्मी कम हो जाती है। यही गर्मी असल में पत्तियों का प्राकृतिक हरा रंग खराब कर उसे काला पड़ने की वजह बनती है, इसलिए बर्फ डालने से रंग लंबे समय तक बरकरार रहता है।
पीसने का सही तरीका अपनाएं
मिक्सर जार में धनिया, पुदीना, हरी मिर्च, लहसुन, अदरक, भुना जीरा और नमक डालें। इसके बाद इसमें नींबू का रस और बर्फ के टुकड़े मिलाएं। जरूरत के हिसाब से थोड़ा ठंडा पानी डालकर चटनी को बारीक पीस लें। ध्यान रहे कि ज्यादा पानी डालने से चटनी पतली हो सकती है और उसका स्वाद भी हल्का पड़ सकता है, इसलिए पानी हमेशा धीरे-धीरे और थोड़ी-थोड़ी मात्रा में मिलाएं। नींबू का रस सिर्फ स्वाद ही नहीं बढ़ाता, बल्कि चटनी के हरे रंग को लंबे समय तक बनाए रखने में भी मदद करता है। इसके अलावा यह चटनी में हल्की खटास घोल देता है, जिससे उसका स्वाद और बेहतर हो जाता है।
ये गलतियां भूलकर भी न करें
चटनी पीसते समय कभी भी गर्म पानी का इस्तेमाल न करें। मिक्सर को भी एक साथ बहुत लंबे समय तक लगातार न चलाएं, वरना उसकी गर्मी से भी चटनी का रंग बिगड़ सकता है। साथ ही, धनिया-पुदीने की पत्तियों को पीसने से पहले अच्छी तरह सुखा लें, ताकि उनमें अतिरिक्त नमी न रहे।
चटनी को दिनों तक हरा और ताजा कैसे रखें
अगर चटनी को लंबे समय तक स्टोर करना हो, तो उसे एयरटाइट कंटेनर में भरकर फ्रिज में रखें। ऊपर से नींबू के रस की कुछ बूंदें डाल देने से चटनी का रंग और स्वाद, दोनों लंबे समय तक बने रहते हैं।











