जमशेदपुर के मोमो प्रेमियों के बीच इन दिनों एक नया स्वाद खूब चर्चा में है. अब तक शहर में वेज, पनीर और चिकन मोमो ही ज्यादा पसंद किए जाते थे, लेकिन अब पहली बार फिश मोमो लोगों को अपनी ओर खींच रहा है. इसकी खास बात यह है कि यह किसी साधारण मछली से नहीं, बल्कि स्वादिष्ट और प्रीमियम मानी जाने वाली भेटकी मछली से तैयार किया जा रहा है. जो लोग एक बार इसका स्वाद ले रहे हैं, वे इसकी तारीफ करते नहीं थक रहे.
शुरुआत में डर था, पर स्वाद ने भरोसा जीत लिया
इस अनोखे फिश मोमो को शहर के युवा उद्यमी पवित्र महतो लेकर आए हैं. बाजार में पहले से वेज, पनीर और चिकन जैसे कई तरह के मोमो मौजूद थे, इसलिए पवित्र चाहते थे कि ग्राहकों को कुछ बिल्कुल नया और अलग स्वाद मिले. इसी सोच के साथ उन्होंने भेटकी मछली से मोमो बनाने का प्रयोग शुरू किया. शुरुआत में उन्हें खुद यह भरोसा नहीं था कि ग्राहकों को यह अनोखा प्रयोग पसंद आएगा या नहीं. लेकिन जैसे ही लोगों ने इसे चखा, इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ने लगी. आज हाल यह है कि कई ग्राहक सिर्फ फिश मोमो खाने के मकसद से खासतौर पर उनके स्टॉल तक पहुंच रहे हैं.
कैसे तैयार होता है यह खास मोमो
पवित्र महतो बताते हैं कि फिश मोमो बनाने में सिर्फ उच्च गुणवत्ता वाली भेटकी मछली का इस्तेमाल किया जाता है. इस मछली को खास मसालों और ताजी सामग्री के साथ तैयार किया जाता है, जिससे इसका स्वाद और निखर जाता है. मोमो की बाहरी परत नरम रहती है, जबकि अंदर की स्टफिंग बेहद जूसी बनती है. जब इसे मसालेदार चटनी और मेयोनीज के साथ परोसा जाता है, तो स्वाद कई गुना बढ़ जाता है. यही वजह है कि इसे चखने वाले कई ग्राहक इसे चिकन मोमो से भी ज्यादा स्वादिष्ट बता रहे हैं.
जेब पर हल्का, स्वाद में भारी
फिश मोमो की एक प्लेट में 8 पीस दिए जाते हैं और इसकी कीमत सिर्फ 100 रुपये रखी गई है. खास बात यह है कि प्रीमियम भेटकी मछली इस्तेमाल होने के बावजूद कीमत को आम ग्राहकों की पहुंच में ही रखा गया है. यही वजह है कि शाम के समय इस स्टॉल पर अच्छी-खासी भीड़ जुटने लगती है. खासतौर पर युवा, कॉलेज छात्र और फूड लवर्स इस नए स्वाद को आजमाने के लिए यहां पहुंच रहे हैं.
कहां मिलेगा यह स्वाद
अगर आप भी कुछ नया और हटकर खाने के शौकीन हैं, तो जमशेदपुर के डायमंड फूड पार्क में स्थित कोलकाता डिलाइट स्टॉल आपके लिए बेहतरीन ठिकाना हो सकता है. यह स्टॉल हर दिन शाम 6 बजे से खुलता है. पवित्र महतो कहते हैं कि उनका मकसद शहर के लोगों को ऐसा स्वाद देना था, जो अब तक जमशेदपुर में उपलब्ध नहीं था. उनकी यह कोशिश कामयाब होती दिख रही है और फिश मोमो अब शहर के फूड लवर्स के बीच अपनी अलग पहचान बना चुका है.











