धार्मिक मान्यताओं और सावन के पवित्र महीने में लोग अक्सर फलाहार के रूप में साबूदाना खिचड़ी या परंपरागत वड़े का सेवन करते हैं। लेकिन हर बार एक ही तरह का स्वाद चकते-चकते मुंह का ज़ायका सुस्त पड़ने लगता है। अगर आप इस उपवास के दौरान अपनी थाली में कुछ नया और झटपट बनने वाला स्नेक्स शामिल करना चाहते हैं, तो साबूदाना चीज़ बॉल्स एक बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं। बाहर से बेहद कुरकुरे और अंदर से पिघले हुए चीज़ से लबालब यह स्नेक न केवल बच्चों को खूब भाता है बल्कि बड़ों के लिए भी शाम की चाय का ज़ायका बढ़ा देता है। इसे घर पर तैयार करना बेहद आसान है और इसके लिए बहुत ही सीमित सामग्री की आवश्यकता होती है।
साबूदाना चीज़ बॉल्स की आवश्यक सामग्री
इस फलाहारी व्यंजन को तैयार करने के लिए रसोई में आसानी से मिलने वाली चीजों की आवश्यकता होती है। सही नाप और ताज़ा सामग्री से बॉल्स का स्वाद और भी लाजवाब हो जाता है।
- साबूदाना: 1 कप (अच्छी तरह भीगा और सूखा हुआ)
- उबले आलू: 2 (मैश किए हुए)
- मूंगफली: आधा कप (दरदरी पिसी हुई)
- हरी मिर्च: 2 (बारीक कटी हुई)
- अदरक: 1 छोटा चम्मच (घिसा हुआ)
- हरा धनिया: 2 बड़े चम्मच (बारीक कटा हुआ)
- सेंधा नमक: स्वादानुसार
- काली मिर्च पाउडर: आधा छोटा चम्मच
- जीरा: आधा छोटा चम्मच
- चीज़: आधा कप (कसा हुआ या छोटे क्यूब्स)
- तलने के लिए: आवश्यकतानुसार तेल या शुद्ध देसी घी
मिश्रण तैयार करने की आसान तकनीक
साबुदाना बॉल्स बनाते समय सबसे पहली और जरूरी बात यह है कि भीगे हुए साबूदाने में पानी की एक बूंद भी शेष न रहे। अगर साबूदाने में नमी बनी रहेगी, तो तलते वक्त बॉल्स फटने या बिखरने लगेंगे। भीगे साबूदाने का पूरा पानी छलनी की मदद से अच्छी तरह सुखा लें। इसके बाद एक बड़े बाउल में सूखा साबूदाना, मैश किए आलू, दरदरी मूंगफली, बारीक कटी हरी मिर्च, घिसा अदरक, हरा धनिया, सेंधा नमक, काली मिर्च पाउडर और जीरा डालकर आपस में अच्छी तरह मिला लें। ध्यान रखें कि आलू की मात्रा ज्यादा न हो, क्योंकि अधिक आलू मिश्रण को बहुत ज्यादा नरम बना देता है जिससे कुरकुरापन कम हो जाता है।
बॉल्स को आकार देने और स्टफिंग का तरीका
मिश्रण के ठीक से तैयार हो जाने पर हाथों में थोड़ा-सा तेल या घी लगाएं। अब तैयार मिश्रण में से छोटी-छोटी लोइयां बनाएं। हर लोई को हथेली पर फैलाकर उसके केंद्र में थोड़ा-सा कसा हुआ चीज़ या एक छोटा चीज़ क्यूब रखें। इसके बाद चारों किनारों को उठाकर अच्छी तरह बंद कर दें ताकि तलते समय चीज़ बाहर न पिघले। इसे दोनों हथेलियों के बीच घुमाते हुए एक सुंदर गोल बॉल का रूप दें। इसी तरह पूरे मिश्रण से एक-एक करके सभी बॉल्स तैयार कर लें।
तलने की सही विधि और आंच का नियंत्रण
एक कड़ाही में तेल या शुद्ध देसी घी डालकर मध्यम आंच पर गर्म होने के लिए रखें। तेल का तापमान संतुलित होना बेहद जरूरी है। यदि तेल बहुत अधिक गर्म होगा, तो साबूदाना बॉल्स डालते ही बाहर से तुरंत भूरे हो जाएंगे और अंदर से कच्चे रह जाएंगे। वहीं यदि तेल ठंडा होगा तो बॉल्स बहुत अधिक तेल सोख लेंगे। तेल के सही गर्म होने पर तैयार बॉल्स को धीरे-धीरे कड़ाही में छोड़ें। इन्हें मध्यम आंच पर तब तक तलें जब तक कि इनका रंग सुनहला और बाहरी परत एकदम क्रिस्पी न हो जाए। तलते समय इन्हें तुरंत न चलाएं, बल्कि थोड़ा सिकने के बाद ही हल्के हाथों से पलटें ताकि ये टूटने न पाएं।
परोसने के बेहतरीन सुझाव
जब बॉल्स पूरी तरह सुनहरे और कुरकुरे हो जाएं, तब इन्हें कड़ाही से निकालकर टिश्यू पेपर बिछी प्लेट में रख दें। इससे उनका अतिरिक्त तेल आसानी से सोख लिया जाएगा। गरमा-गरम साबूदाना चीज़ बॉल्स को व्रत वाली ताज़ा हरे धनिया की चटनी, गाढ़े दही या मूंगफली की चटनी के साथ परोसें। मुंह में जाते ही बाहर की क्रिस्पी परत और अंदर का चीज़ी स्वाद एक अद्भुत अनुभव देता है।



















