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झुमरी तिलैया का केसरिया कलाकंद बना राष्ट्रीय पहचान, चॉकलेट और गुड़ फ्लेवर से मिला नया रूपखानपान
1 जुल॰ 2026, 6:56 am (120 दिन पहले)· 2

झुमरी तिलैया का केसरिया कलाकंद बना राष्ट्रीय पहचान, चॉकलेट और गुड़ फ्लेवर से मिला नया रूप

झारखंड के इकलौते जीआई टैग वाले खाद्य उत्पाद झुमरी तिलैया के केसरिया कलाकंद की मांग पूरे देश में बढ़ गई है। अब इस पारंपरिक मिठाई में चॉकलेट और गुड़ के नए फ्लेवर भी जोड़े गए हैं।

झारखंड की झुमरी तिलैया में बनने वाला केसरिया कलाकंद अब महज एक स्थानीय मिठाई नहीं रहा। जीआई टैग मिलने के बाद इस पारंपरिक स्वाद को राष्ट्रीय पहचान मिल गई है। यह झारखंड का पहला और अब तक का इकलौता खाद्य उत्पाद है जिसे यह प्रतिष्ठित टैग हासिल हुआ है। इस उपलब्धि के बाद स्थानीय मिठाई विक्रेताओं में उत्साह की लहर दौड़ गई है और देश के अलग-अलग कोनों से लोग इस खास कलाकंद के बारे में जानकारी लेने लगे हैं।

देशभर से आ रहे हैं फोन और ऑर्डर

जीआई टैग मिलते ही इस मिठाई की मांग में जबरदस्त उछाल आया है। विभिन्न राज्यों के ग्राहक अब सीधे मिठाई की दुकानों को फोन करके ऑर्डर दे रहे हैं। लोग इसका स्वाद, इसकी विशेषता और खरीदारी के तरीके के बारे में पूछताछ कर रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस पहचान ने इस पारंपरिक मिठाई को एक नया और बड़ा बाज़ार दे दिया है।

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कन्हैया मिष्ठान की अहम भूमिका

जीआई टैग की प्रक्रिया के दौरान गुणवत्ता परीक्षण के लिए कोडरमा की कई नामी मिठाई दुकानों के नमूने भेजे गए थे। इनमें कन्हैया मिष्ठान का नमूना भी शामिल था। तय मानकों पर खरा उतरने के बाद इस दुकान के कलाकंद को वह प्रतिष्ठित टैग मिला। कन्हैया मिष्ठान के संचालक अभिषेक सेठ ने बताया कि पहले ग्राहक आम कलाकंद लेने आते थे, लेकिन अब वे जानबूझकर जीआई टैग वाला केसरिया कलाकंद मांगते हैं। कई लोग इसे उपहार के तौर पर भी खरीद रहे हैं। अभिषेक सेठ के अनुसार, कोडरमा के पानी और यहां के वातावरण का असर इस कलाकंद के अनूठे स्वाद में साफ दिखता है।

चॉकलेट और गुड़ फ्लेवर की एंट्री

ग्राहकों की बदलती पसंद के साथ कदम मिलाते हुए कन्हैया मिष्ठान पहले से ही शुगर फ्री कलाकंद उपलब्ध करा रही है। अब बढ़ती मांग के बीच ग्राहकों को नए स्वाद का अनुभव देने के लिए चॉकलेट फ्लेवर और गुड़ से तैयार कलाकंद भी बाज़ार में उतारा गया है। ये नए विकल्प उन ग्राहकों के लिए हैं जो पारंपरिक मिठाई में कुछ नयापन चाहते हैं।

दाम, डिलीवरी और ताज़गी

केसरिया कलाकंद की कीमत 520 रुपये प्रति किलोग्राम तय की गई है। जिन शहरों और राज्यों तक कोडरमा से सीधा परिवहन संपर्क है, वहां ऑर्डर पर यह मिठाई भेजी जा रही है। सामान्य तापमान पर यह करीब 24 घंटे तक ताज़ी और स्वादिष्ट बनी रहती है। फ्रिज में रखने पर इसकी गुणवत्ता और स्वाद कई दिनों तक बरकरार रहता है, जिससे दूरदराज से ऑर्डर देने वाले ग्राहकों को भी किसी तरह की परेशानी नहीं होती।

सवाल-जवाब

क्या झुमरी तिलैया का केसरिया कलाकंद झारखंड का पहला जीआई टैग वाला खाद्य उत्पाद है?
हां, यह झारखंड का पहला और अब तक का इकलौता खाद्य उत्पाद है जिसे जीआई टैग मिला है।
केसरिया कलाकंद की कीमत क्या है?
इसकी कीमत 520 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित की गई है।
क्या इसे दूसरे शहरों में मंगाया जा सकता है?
जिन शहरों और राज्यों तक कोडरमा से सीधी परिवहन सुविधा उपलब्ध है, वहां ऑर्डर पर कलाकंद भेजा जा रहा है।
यह मिठाई कितने समय तक ताज़ी रहती है?
सामान्य तापमान पर करीब 24 घंटे और फ्रिज में रखने पर कई दिनों तक इसका स्वाद और गुणवत्ता बनी रहती है।
कन्हैया मिष्ठान में अब कौन से फ्लेवर मिलते हैं?
अब चॉकलेट फ्लेवर और गुड़ से बने कलाकंद के साथ-साथ पहले से उपलब्ध शुगर फ्री कलाकंद के विकल्प भी मौजूद हैं।
केसरिया कलाकंद को खास क्या बनाता है?
कोडरमा का स्थानीय पानी और यहां का वातावरण इस कलाकंद को विशेष स्वाद और गुणवत्ता प्रदान करता है।
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