घर से दूर होकर पढ़ाई करने वाले छात्रों के सामने सबसे बड़ी दिक्कत यही होती है कि कम समय में पेट भरने वाला और सेहतमंद खाना कैसे बनाया जाए. बिलासपुर के कोनी इलाके में रहकर तैयारी कर रहे छात्र भावेश सिंदर ने इसी समस्या का हल छत्तीसगढ़िया स्टाइल दाल पुलाव में ढूंढ निकाला है, जो न सिर्फ जल्दी बनता है बल्कि स्वाद और पोषण दोनों में भी पीछे नहीं रहता.
पढ़ाई के साथ किचन भी संभालते हैं भावेश
भावेश सिंदर बिलासपुर के कोनी क्षेत्र में रहकर एस्पिरेंट्स की तैयारी कर रहे हैं और उनकी दिनचर्या ज्यादातर किताबों और कोचिंग के बीच बंटी रहती है. ऐसे व्यस्त शेड्यूल में रोज-रोज घंटों किचन में बिताना उनके लिए मुमकिन नहीं है, इसलिए उन्होंने ऐसी रेसिपी अपनाई जो कम समय में तैयार हो जाए और सेहत का भी पूरा ख्याल रखे. भावेश ने बताया कि दाल पुलाव बनाने में ज्यादा वक्त नहीं लगता और यह उनके पढ़ाई के व्यस्त शेड्यूल में आसानी से फिट बैठ जाता है. उनका कहना है कि यह रेसिपी स्वाद में तो बढ़िया है ही, साथ ही शरीर को जरूरी पोषण भी देती है, जिससे बाहर के खाने पर निर्भरता खुद ही कम हो जाती है. भावेश की सलाह है कि हर एस्पिरेंट को यह रेसिपी एक बार जरूर आजमानी चाहिए, क्योंकि कम समय में भी बढ़िया और भरपेट भोजन तैयार किया जा सकता है.
सब्जियां डालने से बढ़ जाता है पोषण
इस दाल पुलाव की सबसे खास बात यह है कि इसमें सिर्फ दाल और चावल ही नहीं, बल्कि शिमला मिर्च, गाजर, आलू और टमाटर जैसी सब्जियां भी शामिल की जाती हैं. इन सब्जियों की वजह से खाने में विटामिन, फाइबर और प्रोटीन की मात्रा काफी बढ़ जाती है, जो पढ़ाई के दौरान दिमाग और शरीर दोनों के लिए जरूरी होती है. सबसे अच्छी बात यह है कि यह डिश बहुत कम खर्च में बन जाती है, इसलिए इसे छात्रों के लिए एक संतुलित और किफायती आहार का बेहतरीन विकल्प माना जा रहा है.
कुकर में तीन सीटी में तैयार पूरी डिश
दाल पुलाव बनाने की विधि बेहद आसान है और इसमें झंझट वाला कोई काम नहीं है. सबसे पहले कुकर में तेल गर्म किया जाता है और उसमें जीरा, सरसों, प्याज और हरी मिर्च का तड़का लगाया जाता है. इसके बाद आलू, गाजर, शिमला मिर्च और टमाटर डालकर उन्हें हल्का सा भून लिया जाता है, ताकि सब्जियां अपना स्वाद अच्छी तरह छोड़ दें. इसके बाद मसाले और जरूरत के मुताबिक नमक मिलाया जाता है, फिर इसमें दाल और चावल डाल दिए जाते हैं. आखिर में जरूरी मात्रा में पानी मिलाकर कुकर को तीन सीटी आने तक पकाया जाता है. बस इतनी सी मेहनत में कुछ ही मिनटों में स्वादिष्ट और पौष्टिक दाल पुलाव तैयार हो जाता है, जिसे गरमागरम परोसा जा सकता है.
छात्रों के बीच क्यों बढ़ रही है लोकप्रियता
छत्तीसगढ़ी मसालों और देसी अंदाज में बनने वाला यह दाल पुलाव स्वाद के साथ-साथ सुविधा का भी बेहतरीन नमूना है. कम समय में तैयार होना, जेब पर हल्का पड़ना और भरपूर पोषण देना, यही तीन वजहें हैं जिनकी वजह से यह रेसिपी खासतौर पर एस्पिरेंट्स और हॉस्टल या रूम में अकेले रहकर पढ़ाई करने वाले छात्रों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है. पढ़ाई के साथ-साथ सेहतमंद और संतुलित भोजन की तलाश में रहने वाले युवाओं के लिए यह एक आसान, किफायती और स्वादिष्ट विकल्प बनकर सामने आया है.





















