आज के इस दौर में जब महंगाई चरम पर है और एक साधारण समोसा भी कम से कम पांच से दस रुपये या उससे अधिक में मिलता है, झारखंड के पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर में एक ऐसी दुकान है जो इस नियम को चुनौती दे रही है। सुदना पुलिस लाइन रोड पर आजादनगर के नजदीक स्थित यह छोटी सी दुकान आज भी अपने ग्राहकों को मात्र 2 रुपये में गर्मागर्म और बेहद स्वादिष्ट मिनी समोसे खिला रही है। अपने बेमिसाल स्वाद और बेहद कम दाम की वजह से यह दुकान पिछले कई दशकों से स्थानीय लोगों के दिलों पर राज कर रही है।
एक रुपये के सफर से शुरू हुई कहानी
इस मिनी समोसे की दुकान की शुरुआत आज से लगभग 26 साल पहले अनिल जायसवाल ने की थी। उन्होंने एक छोटे से ठेले पर इस कारोबार को शुरू किया था, जहां वे शुरुआत में केवल 1 रुपये में एक समोसा बेचते थे। बढ़ती महंगाई के बावजूद उन्होंने लंबे समय तक इस दाम को नहीं बदला। हालांकि, कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के कारण साल 2026 में पहली बार इस समोसे की कीमत बढ़ाकर 2 रुपये की गई, जो आज के समय में भी अविश्वसनीय रूप से बेहद सस्ती है।
पिता की विरासत को संभाल रहे हैं डब्लू
वर्तमान में इस दुकान को अनिल जायसवाल के बेटे डब्लू जायसवाल चला रहे हैं। डब्लू पिछले आठ सालों से अपने पिता के इस पारंपरिक कारोबार को पूरी लगन के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। इस दुकान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि सभी समोसे आज भी घर पर ही पूरी साफ-सफाई के साथ तैयार किए जाते हैं। इन छोटे समोसों का लाजवाब स्वाद और उनका कुरकुरापन ही वह मुख्य वजह है जो ग्राहकों को बार-बार यहां खींच लाती है।
हर दिन बिकते हैं हजार समोसे और खास चटनियों का स्वाद
दुकान पर ग्राहकों का तांता दोपहर से ही लगना शुरू हो जाता है। डब्लू जायसवाल के मुताबिक, वे हर रोज लगभग 1000 मिनी समोसे बेच देते हैं। यह दुकान रोजाना दोपहर 3 बजे खुलती है और रात 8 बजे तक ग्राहकों की सेवा में हाजिर रहती है। शाम के समय तो यहां तिल रखने की भी जगह नहीं होती और लोग अपनी बारी का इंतजार करने के लिए कतारों में खड़े रहते हैं। यहां समोसे के साथ मिलने वाली चटनी भी बेहद खास है, आम दिनों में ग्राहकों को ताजी हरी धनिया की चटनी दी जाती है, जबकि बारिश के दिनों में चना और मूंगफली को मिलाकर एक विशेष स्वादिष्ट चटनी तैयार की जाती है। इसके अलावा, दुकान पर 20 रुपये में पांच मिनी समोसों से बनी लाजवाब चाट और 15 रुपये में दो ब्रेड चॉप भी बेचे जाते हैं।
दूसरे जिलों तक फैली इस दुकान की ख्याति
इस दुकान की प्रसिद्धि अब सिर्फ मेदिनीनगर या पलामू तक ही सीमित नहीं रह गई है। पड़ोस के गढ़वा जिले से भी बड़ी संख्या में लोग इन कुरकुरे समोसों का लुत्फ उठाने के लिए यहां पहुंचते हैं। कई लोग तो अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों के लिए बड़े पैकेटों में इन समोसों को पैक करवाकर घर ले जाते हैं। ढाई दशक से अधिक समय तक ग्राहकों का अटूट भरोसा बनाए रखना इस दुकान की सबसे बड़ी कामयाबी है, जो यह साबित करती है कि अगर कारोबार में ईमानदारी और गुणवत्ता बनी रहे तो ग्राहक कभी साथ नहीं छोड़ते।











