बरसात के दिनों में गरमागरम और चटपटा खाने का मन तो सबका करता है, लेकिन तला-भुना खाना इस मौसम में पेट के लिए मुसीबत बन सकता है। अगर आप कुछ ऐसा ढूंढ रहे हैं जो स्वाद में भी अच्छा लगे और सेहत भी न बिगाड़े, तो रागी सूप एक शानदार विकल्प है। रागी को पोषक तत्वों का खजाना माना जाता है और यह शरीर को अंदर से गर्माहट देने के साथ-साथ बारिश के मौसम में होने वाले इन्फेक्शन से भी बचाने में मदद करता है। आइए जानते हैं इसे बनाने की आसान रेसिपी।
सामग्री की लिस्ट
रागी सूप बनाने के लिए ज्यादा सामान की जरूरत नहीं पड़ती और यह आसानी से घर में मौजूद चीजों से तैयार हो जाता है।
- रागी का आटा: 2 बड़े चम्मच
- बारीक कटी सब्जियां: आधा कप (गाजर, बीन्स, पत्तागोभी और स्वीट कॉर्न)
- प्याज: 1 छोटा, बारीक कटा हुआ
- लहसुन और अदरक: 1 छोटा चम्मच, बारीक कद्दूकस किया हुआ
- काली मिर्च पाउडर: आधा छोटा चम्मच
- मक्खन या ऑलिव ऑयल: 1 छोटा चम्मच
- पानी या वेजिटेबल स्टॉक: 2.5 कप
- नमक: स्वादानुसार
- नींबू का रस और हरा धनिया: सजाने के लिए
बनाने की विधि
पहला स्टेप: सबसे पहले एक कटोरी में 2 चम्मच रागी का आटा डालें। इसमें आधा कप पानी मिलाकर अच्छी तरह घोल लें, ध्यान रखें कि इसमें कोई गुठली न बचे।
दूसरा स्टेप: एक गहरे पैन में मक्खन या तेल गर्म करें। इसमें अदरक, लहसुन और प्याज डालकर करीब 1 मिनट तक भूनें। इसके बाद पैन में सारी कटी हुई सब्जियां डालें और मध्यम आंच पर 2 से 3 मिनट तक पकाएं। ध्यान रहे कि सब्जियों का हल्का क्रंच बना रहे, इन्हें पूरी तरह नरम नहीं करना है।
तीसरा स्टेप: भुनी हुई सब्जियों में 2 कप पानी या वेजिटेबल स्टॉक डालकर उबाल आने दें। जैसे ही यह उबलने लगे, गैस धीमी कर दें और तैयार किया हुआ रागी का घोल थोड़ा-थोड़ा करके डालें। इस दौरान लगातार चलाते रहें ताकि गुठलियां न बनें।
चौथा स्टेप: अब सूप को धीमी आंच पर 5 से 7 मिनट तक पकने दें। इस दौरान आप देखेंगे कि रागी के पकने के साथ-साथ सूप धीरे-धीरे गाढ़ा होता जा रहा है।
पांचवां स्टेप: आखिर में सूप में स्वादानुसार नमक और काली मिर्च पाउडर मिलाएं। गैस बंद कर दें और ऊपर से थोड़ा नींबू का रस और ताजा हरा धनिया डालकर गरमागरम सर्व करें।
मानसून में रागी सूप पीने के फायदे
रागी सिर्फ स्वाद में ही नहीं, सेहत के लिहाज से भी बारिश के मौसम में बेहद फायदेमंद साबित होती है।
इम्यूनिटी बूस्टर: रागी में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स और एमीनो एसिड पाए जाते हैं। ये तत्व बारिश के मौसम में होने वाली सर्दी, खांसी और वायरल फ्लू जैसी दिक्कतों से लड़ने में शरीर की मदद करते हैं।
हड्डियों के लिए वरदान: रागी को कैल्शियम का सबसे बेहतरीन प्लांट-बेस्ड सोर्स माना जाता है। मानसून में अक्सर जोड़ों के दर्द की शिकायत बढ़ जाती है, ऐसे में यह सूप राहत दिलाने में मददगार साबित होता है।
वेट लॉस में मददगार: रागी में फाइबर भरपूर मात्रा में मौजूद होता है। इसे पीने के बाद लंबे समय तक भूख नहीं लगती, जिससे वजन को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।
पाचन के लिए फायदेमंद: बारिश के मौसम में हमारा पाचन तंत्र थोड़ा सुस्त पड़ जाता है। रागी सूप बहुत हल्का होता है और शरीर इसे आसानी से पचा लेता है, जिससे पेट पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता।











