सुबह के नाश्ते में अक्सर लोग बेसन का चीला या फिर हरी मूंग दाल से बना चीला खाना खूब पसंद करते हैं। अगर रोज के उसी नाश्ते से बोरियत महसूस होने लगी है, तो स्वीट कॉर्न से बना चीला एक बेहतरीन और नया विकल्प बनकर सामने आता है। इसका स्वाद न सिर्फ बेहद उम्दा होता है, बल्कि इसे तैयार करना भी बहुत सरल है। यह नाश्ता बच्चों से लेकर घर के बुजुर्गों तक सभी की पसंद बन सकता है। रांची की गृहिणी दिव्या ने इसे घर पर बेहद आसानी से तैयार करने की पूरी विधि साझा की है।
तैयारी और उबालने का तरीका
इस चीले को बनाने के लिए सबसे पहले आवश्यकतानुसार स्वीट कॉर्न लेना होता है। स्वीट कॉर्न के दानों को गर्म पानी में डालकर अच्छी तरह उबाल लें। जब दाने हल्के उबल जाएं, तो उन्हें पानी से निकालकर मिक्सर में डालकर बारीक पीस लें। आप अपनी जरूरत के मुताबिक स्वीट कॉर्न की मात्रा तय कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, यदि केवल एक ही चीला तैयार करना है, तो महज 2 चम्मच स्वीट कॉर्न से काम आसानी से चल जाता है। पीसने का काम पूरा होने के बाद इस पेस्ट को एक बड़े बर्तन में निकाल कर रख लें।
मसालों का मेल और बाइंडिंग का खास नियम
स्वीट कॉर्न पीसने के बाद काफी मुलायम और हल्का पतला हो जाता है। मिश्रण को सही बनावट और अच्छी बाइंडिंग देने के लिए इसमें एक से दो चम्मच बेसन मिलाना जरूरी होता है। इसके साथ ही थोड़े हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, स्वादानुसार नमक, बारीक कटी हुई हरी मिर्च और प्याज के टुकड़े डालें। स्वाद को और निखारने के लिए थोड़ा सा गोल मिर्च पाउडर भी इस मिश्रण में मिला लें। इस पूरे मिश्रण को चम्मच की मदद से अच्छी तरह फेंटें। यहाँ सबसे महत्वपूर्ण बात यह ध्यान में रखनी है कि इसमें बिल्कुल भी पानी नहीं मिलाना है, क्योंकि स्वीट कॉर्न का पेस्ट पहले से ही काफी पतला होता है।
पकाने का तरीका और खास बनावट
घोल तैयार हो जाने के बाद एक तवा गैस पर रखें अथवा लोहे की कड़ाही का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। तवे पर थोड़ा सा तेल डालकर गर्म करें। जैसे ही तेल गर्म हो जाए, चम्मच से पेस्ट को तवे पर गोल आकार में फैला दें। इसके बाद इसे ढककर लगभग 10 मिनट तक पकने के लिए छोड़ दें। 10 मिनट पूरे होने पर ढक्कन हटाएं, तब तक चीला एक तरफ से अच्छी तरह सिक चुका होगा। इसके बाद उसे पलटकर दूसरी तरफ से भी ठीक उसी तरह सेंक लें।
ठंड के मौसम में यह गरमा गरम नाश्ता परोसने के लिए पूरी तरह तैयार हो जाता है। इस चीले की सबसे बड़ी खासियत इसका बेहद कोमल और लचीला होना है। यह इतना ज्यादा सॉफ्ट और स्वादिष्ट बनता है कि बिना दांत वाले बुजुर्ग भी इसे बिना किसी परेशानी के आसानी से खा सकते हैं।


















