त्योहारी सीजन में घर पर बनी पारंपरिक मिठाइयों का स्वाद हर किसी को पसंद आता है। दिवाली के मौके पर अगर आप बाजार की मिलावटी मिठाइयों से बचना चाहते हैं, तो शुद्ध देसी घी के साथ पारंपरिक बेसन के लड्डू तैयार करना एक बेहतरीन विकल्प है। इन्हें तैयार करना बहुत सरल है और सबसे बड़ी सुविधा यह है कि इन्हें त्योहार से दो से तीन दिन पहले बनाकर आराम से रखा जा सकता है। इससे उत्सव वाले दिन रसोई का काम काफी हल्का हो जाता है। अक्सर लोगों की शिकायत रहती है कि घर पर बने लड्डू बाजार जैसे दानेदार नहीं बनते, लेकिन एक छोटी सी तरकीब अपनाकर आप बिल्कुल हलवाई जैसा टेक्सचर हासिल कर सकते हैं। बेसन के साथ सही मात्रा में सूजी मिलाने से लड्डुओं में लाजवाब कुरकुरापन आ जाता है।
लड्डू तैयार करने के लिए जरूरी सामग्री और सही अनुपात
स्वाद और सही बनावट के लिए सामग्री की सटीक माप बेहद जरूरी है। एक किलो बेसन के लिए आपको बराबर मात्रा यानी एक किलो बूरा या पिसी हुई चीनी की आवश्यकता होगी। इसमें मोयन और भुनाई के लिए 700 से 800 ग्राम शुद्ध देसी घी लगेगा। दानेदार टेक्सचर देने के लिए सात से आठ बड़े चम्मच सूजी रख लें। यदि आप पहले से ही दरदरा पिसा हुआ मोटा बेसन इस्तेमाल कर रहे हैं, तो केवल एक चम्मच सूजी भी पर्याप्त होगी। इसके अलावा सुगंध और स्वाद बढ़ाने के लिए स्वादानुसार इलायची पाउडर और अपनी पसंद के अनुसार बारीक कटे हुए काजू, बादाम और पिस्ता शामिल करें।
धीमी आंच पर बेसन की सही भुनाई
परफेक्ट लड्डू बनाने की सबसे अहम प्रक्रिया बेसन को सही तरीके से भूनना है। इसके लिए हमेशा भारी तले वाली कड़ाही का ही चयन करें ताकि मिश्रण नीचे से जले नहीं। कड़ाही में देसी घी डालकर पिघलाएं और फिर बेसन डालें। शुरुआत में आंच को थोड़ा तेज रख सकते हैं, लेकिन बेसन को लगातार कलछी से चलाते रहना आवश्यक है। जैसे ही बेसन घी को सोख लेगा और मिश्रण धीरे-धीरे ढीला होने लगेगा, गैस की आंच को मध्यम कर दें।
बेसन को धीमी से मध्यम आंच पर लगातार चलाते हुए तब तक भूनें जब तक कि उसका रंग सुनहरा भूरा न हो जाए। जब पूरे घर में बेसन की सोंधी खुशबू फैलने लगे और मिश्रण से घी अलग छूटता हुआ दिखने लगे, तो समझ लीजिए कि भुनाई पूरी हो चुकी है। इस मोड़ पर गैस बंद कर दें, लेकिन कड़ाही गर्म होने के कारण मिश्रण को कुछ देर तक लगातार चलाते रहें ताकि नीचे की परत काली न पड़े।
दानेदार बनावट के लिए सूजी मिलाने की तरकीब
बाजार जैसी बनावट देने के लिए सूजी को कभी भी कच्चे बेसन के साथ शुरू में न डालें। एक अलग छोटे पैन में थोड़ा सा घी गर्म करें और उसमें सूजी डालकर हल्का सुनहरा होने तक अलग से भून लें। जब सूजी भुन जाए, तब इसे पहले से तैयार भुने हुए बेसन के मिश्रण में अच्छी तरह मिला दें। यह तरीका लड्डुओं में एक समान दानेदार कसाव लाता है।
मिश्रण को ठंडा करना और बूरा मिलाना
भुने हुए बेसन में कभी भी तुरंत मीठा न मिलाएं। इस मिश्रण को पूरी तरह से ठंडा होने के लिए छोड़ दें। प्रक्रिया तेज करने के लिए आप इसे किसी चौड़े बर्तन या परात में फैला सकते हैं। ध्यान रखें कि बेसन बिल्कुल सामान्य तापमान पर आ जाए, वह हल्का गुनगुना भी नहीं होना चाहिए। अगर गर्म बेसन में बूरा मिला दिया जाए, तो चीनी पिघलकर पूरे मिश्रण को चिपचिपा और पतला बना देगी, जिससे गोल लड्डू बांधना नामुमकिन हो जाएगा। पूरी तरह ठंडे मिश्रण में छना हुआ बूरा डालकर दोनों हाथों से अच्छी तरह एकसार करें।
मेवे मिलाना और लड्डू बांधने का तरीका
मीठा अच्छी तरह मिलने के बाद मिश्रण में बारीक कटे हुए काजू, बादाम, पिस्ता और सुगंधित इलायची पाउडर डालें। पूरे मिश्रण को अच्छी तरह मिला लें ताकि सूखे मेवे हर हिस्से में बराबर पहुंच जाएं। इसके बाद अपनी हथेलियों में थोड़ा-थोड़ा मिश्रण लेकर दबाते हुए गोल आकार दें। सभी लड्डू तैयार करने के बाद उन्हें तुरंत डिब्बे में बंद न करें, बल्कि कुछ देर खुली हवा में छोड़ दें ताकि उनका आकार अच्छी तरह जम जाए।
भंडारण और ताजगी बनाए रखने के नियम
तैयार लड्डुओं को नमी और पानी से दूर रखना सबसे जरूरी है। पूरी तरह सेट होने के बाद इन्हें एक साफ, सूखे और एयरटाइट कांच के जार में भरकर रखें। इस तरह सुरक्षित रखने पर ये लड्डू 10 से 15 दिनों तक अपनी पूरी ताजगी और स्वाद बरकरार रखते हैं। यदि लंबे समय बाद किसी लड्डू में अजीब गंध, स्वाद में कड़वापन या फफूंद के लक्षण दिखें, तो उसका सेवन न करें। इस दिवाली अपनी रसोई में यह आसान विधि आजमाकर परिवार को शुद्ध मिठास का उपहार दें।



















