चाय या कॉफी के साथ कुछ हल्का, मीठा और खट्टा चखने का मन हो, तो यह नींबू और नारियल वाला खास ऑस्ट्रेलियन स्लाइस केक एक बेहतरीन विकल्प साबित होता है। आम तौर पर बेकरी में मिलने वाले भारी केक की तुलना में यह काफी हल्का, पतला और चौकोर टुकड़ों में आसानी से कटने वाला केक है। इसके ऊपर नींबू के ताज़ा रस और पिसी चीनी से तैयार की गई एक मोटी चाशनीनुमा परत लगाई जाती है, जो कुछ ही देर में सूखकर ठोस हो जाती है। इस सख्त सतह की वजह से इसे बच्चों के लंच बॉक्स में पैक करना, एल्युमिनियम फॉयल में लपेटना या सफर में साथ ले जाना बेहद आसान हो जाता है, क्योंकि इसकी ऊपरी परत चिपचिपी होकर बिखरती नहीं है।
ऑस्ट्रेलियन स्लाइस केक की पहचान और खासियत

पारंपरिक तौर पर इस तरह के केक ऑस्ट्रेलियाई कैफे संस्कृति, स्कूल के चैरिटी आयोजनों और बेक सेल में बेहद लोकप्रिय रहे हैं। समय के साथ यह इतना पसंद किया जाने लगा कि अब वहां के सुपरमार्केट में इसके पैकेटबंद रूप भी आसानी से मिल जाते हैं। कई लोग इसे लेमन स्लाइस या लेमन बार भी कहते हैं, लेकिन बनावट के लिहाज से उन दोनों में काफी अंतर होता है। आम लेमन बार में नीचे एक सख्त बिस्कुट जैसा बेस होता है और ऊपर गाढ़ा लेमन कर्ड फैलाया जाता है। इसके विपरीत, यह एक पतला, स्पंजी और बटर से तैयार केक है, जिसके बैटर में ही बारीक कसा हुआ सूखा नारियल मिलाया जाता है। नारियल की मौजूदगी न सिर्फ इसके स्वाद को गहरा बनाती है, बल्कि बेकिंग के बाद केक को प्राकृतिक रूप से कई दिनों तक नम और स्पंजी बनाए रखती है।

केक तैयार करने के लिए आवश्यक सामग्री

इस केक को बनाने के लिए किसी खास या दुर्लभ सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि घर की रसोई में मौजूद बुनियादी चीजों से ही इसे तैयार किया जा सकता है।

- ताज़ा नींबू: एक बहुत बड़ा नींबू या सामान्य आकार के दो नींबू। केक के मुख्य बैटर के लिए एक बड़ा चम्मच कद्दूकस किया हुआ छिलका और दो बड़े चम्मच ताज़ा रस चाहिए होगा। इसके अलावा ऊपर की आइसिंग के लिए 7 से 8 छोटे चम्मच नींबू का रस अलग रखना होगा। नींबू का असली सुगंधित स्वाद उसके छिलके में मौजूद तेल से आता है, जबकि रस केवल खट्टापन देता है।
- मैदा: एक कप सामान्य मैदा। इस विधि में सेल्फ-राइजिंग मैदा का इस्तेमाल न करें, क्योंकि उसमें बेकिंग पाउडर का अनुपात अलग होता है।
- डेसिकेटेड कोकोनट (बारीक कसा सूखा नारियल): तीन-चौथाई कप बिना मीठा किया हुआ बारीक नारियल। ध्यान रखें कि यह नारियल के बड़े लच्छे या सूखा पाउडर न हो, बल्कि ब्रेडक्रम्ब्स जैसा बारीक दानेदार हो।
- बेकिंग पाउडर: एक छोटा चम्मच सक्रिय बेकिंग पाउडर। इसे बेकिंग सोडा से न बदलें, क्योंकि सोडा से केक बीच में से ज्यादा फूलकर गुंबद जैसा बन जाता है, जबकि स्लाइस केक के लिए एकदम सपाट सतह चाहिए।
- मक्खन: 125 ग्राम (या 8 बड़े चम्मच) बिना नमक वाला मक्खन, जो कमरे के तापमान पर नरम किया गया हो ताकि चीनी के साथ आसानी से फिट सके।
- सफेद चीनी: तीन-चौथाई कप बारीक पिसी चीनी या सामान्य दानेदार चीनी। बारीक चीनी मक्खन में जल्दी और आसानी से घुल जाती है।
- अंडे: दो बड़े अंडे (लगभग 50 से 55 ग्राम वजन वाले), जो फ्रिज से निकालकर पहले ही कमरे के तापमान पर रख दिए गए हों।
- दूध: आधा कप फुल क्रीम दूध। दूध का भी कमरे के तापमान पर होना बहुत जरूरी है।
- वैनिला एसेंस और नमक: एक छोटा चम्मच वैनिला एसेंस और एक चुटकी (लगभग एक-आठवां छोटा चम्मच) कुकिंग साल्ट, जो मिठास और खटास के स्वाद को संतुलित करता है।

गाढ़ी लेमन आइसिंग की सामग्री

ऊपर की परत के लिए किसी भारी बटरक्रीम की जरूरत नहीं होती। इसके लिए एक खास गाढ़ा ग्लेज़ बनाया जाता है, जिसमें नीचे दी गई सामग्री लगती है

- सॉफ्ट आइसिंग शुगर: दो कप छानी हुई पिसी आइसिंग चीनी। शुद्ध आइसिंग चीनी के मुकाबले सॉफ्ट आइसिंग चीनी की परत थोड़ी लचीली और स्वादिष्ट रहती है।
- नींबू का रस: केवल 7 से 8 छोटे चम्मच ताज़ा छाना हुआ रस। शुरुआत में यह मात्रा बहुत कम लग सकती है, लेकिन लगातार मिलाने पर यह सही गाढ़ापन पकड़ लेती है।
- सजावट के लिए नारियल: दो बड़े चम्मच बारीक सूखा नारियल, जिसे ताज़ी आइसिंग के ऊपर तुरंत छिड़का जाता है।

तैयारी के जरूरी नियम: तापमान और मिक्सर का चुनाव

इस रेसिपी को शुरू करने से पहले दो तकनीकी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। पहली बात यह कि अंडे और दूध दोनों का तापमान कमरे के सामान्य तापमान के बराबर होना चाहिए। अगर दूध या अंडे सीधे फ्रिज से निकालकर ठंडे ही इस्तेमाल किए गए, तो नरम मक्खन तुरंत जमने लगेगा और बैटर में मक्खन की छोटी-छोटी सख्त गांठें बन जाएंगी, जिससे केक अच्छी तरह नहीं फूलेगा। दूसरी बात यह कि इस केक के बैटर की कुल मात्रा काफी कम होती है। इसलिए बड़े स्टैंड मिक्सर का इस्तेमाल करने के बजाय हाथ से चलने वाले इलेक्ट्रिक हैंड बीटर का प्रयोग करें। बड़े मिक्सर के कटोरे में मिश्रण किनारों पर चिपक जाता है और उसे बार-बार खुरचने में ही समय बर्बाद होता है।

केक बनाने की चरणबद्ध विधि

केक को सही बनावट और स्पंज देने के लिए सामग्री को तय क्रम में मिलाना जरूरी है।

- ओवन और टिन की तैयारी: ओवन को 180 डिग्री सेल्सियस (फैन ओवन के लिए 160 डिग्री सेल्सियस) पर पहले से गरम होने के लिए रख दें। एक 20 सेंटीमीटर (8 इंच) वाले चौकोर बेकिंग पैन पर थोड़ा सा मक्खन लगाकर बेकिंग पेपर बिछा लें।
- सूखी सामग्री मिलाना: एक मध्यम कटोरे में मैदा, बारीक नारियल, बेकिंग पाउडर और नमक को एक साथ अच्छी तरह फेंटकर अलग रख लें।
- मक्खन और चीनी को फेंटना: एक दूसरे कटोरे में नरम मक्खन और चीनी डालें। हैंड बीटर को पहले धीमी गति पर चलाएं ताकि चीनी उड़े नहीं, फिर तेज गति पर करके करीब दो मिनट तक तब तक फेंटें जब तक कि मिश्रण हल्का, क्रीमी और फूला हुआ न दिखने लगे।
- अंडे, नींबू और वैनिला मिलाना: अब इस फेंटे हुए मक्खन में एक-एक करके अंडे डालें और मिलाते जाएं। इसके बाद एक छोटा चम्मच वैनिला, एक बड़ा चम्मच नींबू का छिलका और दो बड़े चम्मच नींबू का रस डालकर मिलाएं। नींबू का रस मिलते ही बैटर थोड़ा फटा हुआ या दानेदार दिख सकता है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है, मैदा मिलते ही यह पूरी तरह एकसार हो जाएगा।
- मैदा और दूध का क्रम: अब तैयार सूखी सामग्री का एक-तिहाई हिस्सा बैटर में डालें और धीमी गति पर बीटर से बस इतना मिलाएं कि सूखा आटा गायब हो जाए। फिर आधा दूध डालें और हल्का सा मिलाएं। इसके बाद फिर एक-तिहाई मैदा, बचा हुआ दूध और अंत में बाकी बचा मैदा डालकर बहुत हल्के हाथ से मिलाएं। जैसे ही सूखा मैदा दिखना बंद हो जाए, बीटर तुरंत बंद कर दें। सारा मैदा और दूध एक साथ डालकर ज्यादा देर फेंटने से केक कड़ा हो जाता है।
- बैटर को समेटना और बेक करना: एक सिलिकॉन स्पैटुला लेकर कटोरे के किनारों और तली को अच्छी तरह पोंछते हुए हाथ से एक बार मिला लें। बैटर हल्की फेंटी हुई मलाई जैसा गाढ़ा होना चाहिए। इसे तैयार किए गए 20 सेमी के चौकोर टिन में डालें और ऊपर की सतह को चम्मच से सपाट कर दें। इसे 180 डिग्री सेल्सियस पर 30 मिनट तक बेक करें। बीच में टूथपिक डालकर जांचें, यदि वह साफ बाहर आती है तो केक पूरी तरह पक चुका है।

उल्टा ठंडा करने की खास तकनीक

ओवन से निकालने के बाद केक को केवल 5 मिनट के लिए पैन में रहने दें। इसके बाद इसे पलटकर वायर रैक पर निकाल लें। इस केक को रैक पर उल्टा करके ही पूरी तरह ठंडा होने दें। ऐसा करने से केक की जो निचली सतह पैन के पेंदे में थी, वह ऊपर आ जाएगी। पैन का पेंदा बिल्कुल सीधा होने के कारण आपको आइसिंग लगाने के लिए एकदम सपाट, चिकनी और समतल सतह मिल जाएगी। आइसिंग लगाने से पहले केक का कमरे के तापमान पर पूरी तरह ठंडा होना अनिवार्य है।

गाढ़ी लेमन आइसिंग तैयार करने और सजाने का तरीका

इस केक की आइसिंग आम पतले ग्लेज़ से काफी अलग होती है। दो कप छानी हुई आइसिंग चीनी में 7 से 8 छोटे चम्मच नींबू का रस डालें। शुरुआत में एक रबर स्पैटुला से इसे जोर से दबाते हुए मिलाएं। पहले पहल यह मिश्रण बहुत सूखा और आटे जैसा सख्त लगेगा, लेकिन लगातार दबाकर मिलाने से चीनी पिघलने लगेगी और यह पीनट बटर जैसी गाढ़ी, चिकनी और फैलाने लायक पेस्ट बन जाएगी। अगर यह बहुत ज्यादा सख्त लगे, तो केवल आधा छोटा चम्मच नींबू का रस और डालें। याद रखें कि ग्लेज़ में ज़रा सा भी अतिरिक्त रस पड़ते ही वह पतला होकर बहने लगता है। जब केक पूरी तरह ठंडा हो जाए, तो इस गाढ़ी आइसिंग को पूरे केक पर किनारे से किनारे तक फैला दें और ऊपर से तुरंत दो बड़े चम्मच बारीक सूखा नारियल छिड़क दें। आइसिंग को सूखकर सख्त होने के लिए करीब एक घंटे का समय दें, फिर मनपसंद चौकोर या लंबे टुकड़ों में काट लें।

लंबे समय तक ताज़गी और रखरखाव

इस केक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरे 7 दिनों तक बिना सूखे एकदम ताज़ा और नरम बना रहता है। साधारण केक को नम रखने के लिए बेकर्स को छाछ, दही, खट्टी मलाई या तेल का सहारा लेना पड़ता है, लेकिन यहां नारियल अपने प्राकृतिक तेल और नमी से केक को स्पंजी बनाए रखता है। वास्तव में, दूसरे दिन यह केक और भी ज्यादा स्वादिष्ट लगता है क्योंकि नींबू और नारियल का स्वाद पूरी तरह से केक के अंदर तक समा जाता है। इसे किसी एयरटाइट डिब्बे में रखकर सामान्य रसोई के तापमान पर रखा जा सकता है। अत्यधिक गर्मी के मौसम में इसे फ्रिज में रखा जा सकता है, लेकिन खाने से पहले सामान्य तापमान पर आने देना चाहिए, क्योंकि ठंडा होने पर बटर जम जाता है और स्वाद खुलकर नहीं आता।

ग्लूटेन-फ्री विकल्प और अन्य खट्टे फल

जो लोग गेहूं या मैदा से परहेज करते हैं, वे इसमें सामान्य मैदे की जगह उतनी ही मात्रा में ग्लूटेन-फ्री बेकिंग आटे का इस्तेमाल कर सकते हैं। ग्लूटेन-फ्री आटे से बना केक काटते समय थोड़ा ज्यादा बिखर सकता है, लेकिन स्वाद और बनावट में कोई बड़ा अंतर महसूस नहीं होता। इसके अलावा, यदि नींबू की जगह कोई अन्य खट्टा फल इस्तेमाल करना चाहें, तो नींबू के रस और छिलके की जगह हरे नीबू (लाइम) का प्रयोग हूबहू इसी मात्रा में किया जा सकता है। संतरे का स्वाद हल्का होता है, इसलिए संतरे के रस से यह खटास उतनी तीखी नहीं मिल पाती जितनी नींबू से मिलती है।




















