दुर्गा पूजा का उत्सव आते ही पूरे माहौल में उल्लास, रंगीन पंडाल और पारंपरिक बंगाली पकवानों की मनमोहक खुशबू घुल जाती है। बंगाल के इस सबसे बड़े पर्व का उल्लास वहां के खास पारंपरिक व्यंजनों के बिना अधूरा रहता है। त्योहारी माहौल में अगर आप घर पर कोई विशेष और जायकेदार बंगाली व्यंजन परोसना चाहते हैं, तो बंगाली शैली का सूखा आलू दम एक बेहतरीन व्यंजन साबित होता है। इसे तैयार करना काफी सरल है और इसके संतुलित मसालेदार स्वाद की तारीफ हर कोई करता है।
तैयारी और आवश्यक सामग्री का विवरण
इस लजीज बंगाली व्यंजन को बनाने के लिए सबसे पहले सभी सामग्रियों को सही मात्रा में एकत्र कर लें। मुख्य सामग्री के तौर पर 200 ग्राम छोटे आकार के आलू की जरूरत होगी, जिन्हें उबालकर छिलका उतार लिया गया हो। इसके अलावा आधा छोटा चम्मच गरम मसाला पाउडर, स्वाद में हल्का बंगाली मिठास का संतुलन लाने के लिए 1 छोटा चम्मच शक्कर, और अंत में सजावट के लिए बारीक कटा हुआ ताजा हरा धनिया चाहिए। ग्रेवी के आधार और तड़के के लिए प्याज, अदरक, लहसुन, हरी मिर्च, खड़े मसाले जैसे दालचीनी, लौंग और तेज पत्ता, साथ ही हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, टमाटर प्यूरी, फेंटा हुआ दही, नमक और पकाने के लिए तेल की आवश्यकता होती है।
मसाला पेस्ट और आलू भूनने की प्रक्रिया
व्यंजन बनाने की शुरुआत एक खुशबूदार मसाला पेस्ट तैयार करने से होती है। इसके लिए एक मिक्सर ग्राइंडर जार में कटी हुई प्याज, अदरक, लहसुन और हरी मिर्च को एक साथ डालकर महीन पेस्ट बना लें। इस तैयार पेस्ट को एक साफ कटोरी में निकालकर रख लें।
इसके बाद गैस पर कढ़ाई चढ़ाकर उसमें थोड़ा सा कुकिंग ऑयल गरम करें। गरम तेल में पहले से उबले व छिले हुए छोटे आलू डालें। साथ ही थोड़ा सा हल्दी पाउडर और चुटकी भर नमक छिड़कें। इन आलुओं को मध्यम आंच पर तब तक अच्छी तरह भूनें जब तक कि उनकी बाहरी सतह पर एक आकर्षक सुनहरा भूरा रंग न आ जाए। सुनहरे भूरे होने के बाद इन्हें कढ़ाई से निकालकर अलग बर्तन में रख लें।
ग्रेवी का मसाला पकाने का तरीका
अब उसी कढ़ाई में थोड़ा और तेल डालकर गरम करें। इसमें पहले से तैयार किया गया प्याज, अदरक, लहसुन और हरी मिर्च का पेस्ट डालें और मध्यम आंच पर करीब 4 मिनट तक चलाते हुए भूनें। जब पेस्ट हल्का भुन जाए, तब इसमें साबुत खड़े मसाले दालचीनी, लौंग और तेज पत्ता शामिल करें। इन मसालों को 2 से 3 मिनट तक और धीमी से मध्यम आंच पर भूनें ताकि खड़े मसालों की भीनी सुगंध पूरे मसाले में अच्छी तरह समा जाए।
इसके बाद कढ़ाई में टमाटर की प्यूरी, हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर और आधा छोटा चम्मच गरम मसाला पाउडर डालें। इस मिश्रण को तब तक लगातार भूनते रहें जब तक कि किनारों से तेल अलग न होने लगे, जिसमें लगभग 2 मिनट का समय लगता है। तेल छूटने के बाद गैस की आंच बिल्कुल धीमी करें और इसमें फेंटा हुआ दही धीरे-धीरे मिलाते जाएं। दही डालते समय चमचे से लगातार हिलाते रहना जरूरी है ताकि तेज आंच के कारण दही फटे नहीं और ग्रेवी एकसार बने।
दम पर पकाने और परोसने का तरीका
जब मसाला अच्छी तरह पक जाए और शानदार खुशबू देने लगे, तब कढ़ाई में पहले से तले हुए सुनहरे आलू डालें। साथ ही 1 छोटा चम्मच शक्कर और स्वादानुसार नमक मिलाएं। सभी सामग्रियों को सावधानी से मिला लें ताकि गाढ़ा मसाला हर आलू पर अच्छी तरह लिपट जाए। अब कढ़ाई को ढक्कन से अच्छी तरह ढक दें और धीमी आंच पर लगभग 20 मिनट के लिए दम पर पकने दें। इस दौरान बीच-बीच में ढक्कन हटाकर हल्के हाथ से चलाते रहें ताकि मसाला तली में जले या चिपके नहीं।
पूरे 20 मिनट बाद गैस बंद कर दें। ऊपर से बारीक कटा हुआ ताजा हरा धनिया डालकर इसे गार्निश करें। यह गरमा-गरम बंगाली सूखा आलू दम खास तौर पर फूली हुई गरमा-गरम बंगाली लुच्ची, छोलार दाल और लौकी के रायते के साथ दोपहर के भोजन या त्योहारी रात्रिभोज में बेहद लाजवाब लगता है। इस तरह आप दुर्गा पूजा के अवसर पर घर बैठे बंगाल के पारंपरिक स्वाद का भरपूर आनंद ले सकते हैं।



















