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ऋषिकेश में परोसी जा रही है राजस्थान की प्रसिद्ध मिठास, राजस्थानी मिष्ठान भंडार में मिल रही है घेवर की तीन खास वैरायटीखानपान
18 अग॰ 2026, 3:02 pm (72 दिन पहले)· 3

ऋषिकेश में परोसी जा रही है राजस्थान की प्रसिद्ध मिठास, राजस्थानी मिष्ठान भंडार में मिल रही है घेवर की तीन खास वैरायटी

ऋषिकेश के मुख्य बाजार में स्थित राजस्थानी मिष्ठान भंडार पर सावन के महीने में खास घेवर की तीन वैरायटी उपलब्ध कराई जा रही हैं, जहां स्थानीय लोगों के साथ पर्यटक भी इसका आनंद ले रहे हैं।

राजस्थान के प्रसिद्ध और पारंपरिक घेवर का जायका लेने के लिए अब जयपुर जाने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उत्तराखंड के ऋषिकेश में ही इसका बेहतरीन स्वाद मिल रहा है। ऋषिकेश के मुख्य बाजार में स्थित राजस्थानी मिष्ठान भंडार इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है, जहां सावन के इस पावन महीने में मिठाइयों की बढ़ती डिमांड के बीच घेवर खरीदने वालों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। इस दुकान पर न केवल स्थानीय नागरिक बल्कि दूर-दूर से आने वाले पर्यटक भी राजस्थानी मिठास का लुत्फ उठाने पहुंच रहे हैं।

इस दुकान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए यहां घेवर की तीन अलग-अलग किस्में परोसी जा रही हैं। यदि किसी को बिल्कुल पारंपरिक और ओरिजिनल स्वाद भाता है, तो उनके लिए सादा घेवर उपलब्ध है। इसके अलावा, मलाई पसंद करने वाले शौकीनों के लिए खास मलाई घेवर तैयार किया जाता है और रिच स्वाद चाहने वालों के लिए केसर रबड़ी घेवर भी मेन्यू में शामिल है। हर वैरायटी का अपना एक अलग जायका और अंदाज है, जिससे मिठाई प्रेमियों के पास अपनी पसंद के अनुसार चुनाव करने के कई विकल्प मौजूद रहते हैं।

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सादा घेवर की विशेषता इसका क्लासिक और पारंपरिक अंदाज है, जिसकी कुरकुरी बनावट और संतुलित मिठास इसे चाय के साथ खाने के लिए भी बेहतरीन विकल्प बनाती है। जो लोग बहुत ज्यादा मलाई या भारी परत पसंद नहीं करते, उनके लिए यह सादा रूप बेहद उपयुक्त है। जो लोग जीवन में पहली बार घेवर खा रहे हैं, वे भी इसके स्वाद को आसानी से पसंद कर लेते हैं। यदि राजस्थानी मिठाई का असली और मौलिक स्वाद महसूस करना हो, तो सादा घेवर को जरूर ट्राई किया जा सकता है।

मलाई घेवर उन खाद्य प्रेमियों के लिए तैयार किया जाता है जो मीठे में मलाईदार और रिच टेक्सचर पसंद करते हैं। कुरकुरे घेवर के बेस के ऊपर मलाई की एक समृद्ध परत इसके स्वाद को पूरी तरह से बदल देती है और इसे और भी खास बनाती है। क्रंची घेवर के साथ सॉफ्ट मलाई का कॉम्बिनेशन खाने में एक अनोखा अनुभव प्रदान करता है। सावन के मौसम में घेवर खाने की सदियों पुरानी परंपरा इस अनुभव को और अधिक बढ़ा देती है, यही वजह है कि मौसम बदलते ही इसकी मांग में जबरदस्त उछाल देखा जाता है।

घेवर की तीसरी और सबसे खास किस्म केसर रबड़ी घेवर है, जो देखने में जितनी आकर्षक लगती है, स्वाद में भी उतनी ही अनूठी पहचान रखती है। घेवर के साथ रिच रबड़ी और केसर का मेल इस मिठाई को बेहद स्वादिष्ट और लाजवाब बना देता है। जिन लोगों को भरपूर मलाईदार और मीठा स्वाद पसंद है, उनके लिए यह विकल्प किसी ट्रीट से कम नहीं है। प्लेट में आते ही इसे देखकर ही खाने की इच्छा जाग जाती है, इसका अंदाज ही कुछ ऐसा है।

ऋषिकेश घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए यह जगह भोजन और खानपान का एक नया और शानदार अनुभव साबित हो रही है। आमतौर पर सैलानी यहां गंगा घाटों की दिव्यता, खूबसूरत कैफे और पहाड़ों के मनमोहक नजारों का आनंद लेने आते हैं, लेकिन अब राजस्थानी मिठाई का स्वाद भी उनकी यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहा है। विशेष रूप से अन्य शहरों से आने वाले पर्यटक स्थानीय संस्कृति के साथ कुछ नया और पारंपरिक चखना चाहते हैं, और ऐसे में राजस्थानी घेवर उन्हें देवभूमि में ही राजस्थान की असली मिठास का अहसास करा रहा है।

सावन के इस महीने में घेवर की खपत और मांग बढ़ने के पीछे इसकी एक मौसमी मिठाई वाली विशेष पहचान भी जुड़ी हुई है। बारिश के इस सुहाने मौसम में बाजारों की रौनक ही अलग होती है और मिठाई की दुकानों पर इसकी कई वैरायटी सजी नजर आती हैं, जिन्हें लोग अपनी पसंद के हिसाब से चुनते हैं। ऋषिकेश में भी इस समय घेवर हर वर्ग की पसंद बनता जा रहा है, और खासकर मलाई तथा केसर रबड़ी वाला घेवर मिठाई के शौकीनों को अपनी ओर सबसे ज्यादा आकर्षित कर रहा है।

यदि आप इस समय ऋषिकेश में मौजूद हैं और कुछ पारंपरिक या अलग खाने का मन बना रहे हैं, तो मुख्य बाजार में स्थित राजस्थानी मिष्ठान भंडार का घेवर आपकी सूची में सबसे ऊपर होना चाहिए। यहां सादा, मलाई और केसर रबड़ी जैसी तीन प्रमुख वैरायटी एक ही छत के नीचे मिल रही हैं, जिससे पारंपरिक से लेकर रिच मलाईदार स्वाद तक के सभी विकल्प आपके सामने खुले हैं। यानी राजस्थान के उस मशहूर घेवर का आनंद लेने के लिए अब आपको लंबा सफर तय करने की कोई जरूरत नहीं है।

सवाल-जवाब

ऋषिकेश में राजस्थानी घेवर कहां मिल रहा है?
ऋषिकेश के मुख्य बाजार में स्थित राजस्थानी मिष्ठान भंडार में यह घेवर मिल रहा है।
यहां घेवर की कितनी किस्में उपलब्ध हैं?
यहां सादा, मलाई और केसर रबड़ी जैसी तीन अलग-अलग किस्में उपलब्ध हैं।
सावन के मौसम में घेवर की मांग क्यों बढ़ जाती है?
घेवर को सावन और बारिश के मौसम की एक पारंपरिक मौसमी मिठाई माना जाता है, इसलिए इस दौरान इसकी मांग काफी बढ़ जाती है।
क्या यहां पर्यटकों के लिए भी राजस्थानी मिठाई उपलब्ध है?
हां, ऋषिकेश आने वाले पर्यटक भी मुख्य बाजार की इस दुकान पर पहुंचकर राजस्थानी घेवर का आनंद ले रहे हैं।
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