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रोटी बनाते वक्त आटे में तेल मिलाना सही है या गलत, जानिए इसके पीछे के फायदे और सही तरीकाखानपान
18 अग॰ 2026, 3:18 pm (1 घंटे पहले)· 2

रोटी बनाते वक्त आटे में तेल मिलाना सही है या गलत, जानिए इसके पीछे के फायदे और सही तरीका

आटा गूंथते समय एक चम्मच तेल या घी मिलाने से रोटियां बेहद मुलायम, फूली हुई और लंबे समय तक ताज़ा रहती हैं। इसके अलावा इससे डो तैयार करना और रोटियां बेलना भी काफी आसान हो जाता है।

भारतीय रसोईघरों में पीढ़ियों से कई ऐसे घरेलू नुस्खे आजमाए जाते हैं जो आज भी उतने ही कारगर साबित होते हैं। इन्हीं पुरानी परंपराओं में से एक है आटा गूंथते वक्त उसमें थोड़ा सा तेल या घी मिलाना। भोजन तैयार करने की यह एक बेहद असरदार तकनीक है जिसके जरिए न केवल परफेक्ट डो तैयार होता है, बल्कि रोटियां भी लंबे समय तक एकदम नरम बनी रहती हैं। इस छोटी सी आदत से रोजाना के खाने में कई तरह के सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं।

आटा गूंथते समय तेल मिलाने के मुख्य फायदे

जब आप आटा तैयार करते समय उसमें एक चम्मच तेल या घी मिला देते हैं, तो इससे रोटियां बहुत ज्यादा सॉफ्ट और गुब्बारे जैसी फूली हुई बनती हैं। तेल आटे के छोटे कणों के ऊपर एक सुरक्षात्मक परत बना देता है, जिससे आटा जरूरत से ज्यादा सख्त नहीं होता। इसके अलावा आटे में मौजूद ग्लूटेन भी नियंत्रित रहता है। जब आप इस विधि से तैयार डो से रोटियां बनाते हैं, तो वे तवे पर जाते ही बेहतर तरीके से फूलती हैं और उनका टेक्सचर भी शानदार हो जाता है।

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इस तरह तैयार की गई रोटियों की एक बड़ी खूबी यह है कि वे लंबे समय तक ताजा और नरम बनी रहती हैं। तेल की मौजूदगी की वजह से आटे की प्राकृतिक नमी जल्दी खत्म नहीं होती है। यही वजह है कि जब आप इस आटे की रोटियां या पराठे बच्चों के टिफिन में पैक करते हैं या सफर पर ले जाते हैं, तो घंटों बीत जाने के बाद भी वे सूखती या कड़क नहीं होती हैं, बल्कि वैसी ही मुलायम रहती हैं जैसी ताजी बनी थीं।

रोजमर्रा के काम में आटा गूंथना कई बार थोड़ा झंझट भरा लग सकता है, लेकिन तेल मिलाने से यह प्रक्रिया काफी आसान हो जाती है। पानी के साथ जब थोड़ा सा तेल मिलाया जाता है, तो आटा गूंथते वक्त हाथों पर नहीं चिपकता है। इससे एकदम चिकना और लचीला डो तैयार होता है, जिसे चकले पर बेलना बेहद आसान हो जाता है। तेल वाले इस आटे से बनी रोटियां या पूरियां बेलते समय चकले और बेलन पर चिपकती नहीं हैं, जिससे खाना बनाने का काम तेजी से होता है।

इसके अलावा, आटे में थोड़ा सा तेल या घी शामिल करने से रोटियों और पराठों के स्वाद तथा रंगत में भी सुधार आता है। इससे रोटियों में एक हल्का सा क्रिस्प और बेहतरीन स्वाद उभर कर आता है। जब आप इन्हें सेंकते हैं, तो इनका रंग बहुत आकर्षक दिखता है और ये अंदर से बिल्कुल सूखी नहीं लगती हैं, जिससे खाने का अनुभव और भी बेहतर हो जाता है.

मुलायम और परफेक्ट आटा गूंथने का सही तरीका

एकदम नरम और बढ़िया रोटियां बनाने के लिए हमेशा गुनगुने पानी का इस्तेमाल करना चाहिए। ठंडे पानी का इस्तेमाल करने से आटा सख्त हो जाता है, जबकि गर्म पानी पानी को अच्छी तरह सोख लेता है और डो को लचीला बनाता है। आटे में एक से दो चम्मच तेल या घी मिलाने से उसका सूखापन पूरी तरह दूर हो जाता है। इससे आटा हाथों पर चिपकता नहीं है और उसकी नीटंग बहुत अच्छे से होती है। तुरंत गूंथे हुए आटे से बनी रोटियां अक्सर किनारों से फट जाती हैं और कड़ी हो जाती हैं। इसलिए बेहतरीन परिणाम के लिए आटा लगाने के बाद उसे पंद्रह से बीस मिनट के लिए ढककर जरूर रख दें। ऐसा करने से रोटियां बेलना बहुत आसान हो जाता है और वे बेहद मुलायम बनती हैं।

सवाल-जवाब

आटा गूंथते समय तेल मिलाने से क्या होता है?
आटे में तेल मिलाने से रोटियां बेहद मुलायम, फूली हुई और लंबे समय तक ताज़ा रहती हैं तथा डो बेलना आसान हो जाता है।
आटा गूंथने के लिए ठंडे पानी का इस्तेमाल क्यों नहीं करना चाहिए?
ठंडे पानी से आटा कड़ा हो जाता है, जबकि गुनगुने पानी से आटा पानी को अच्छी तरह सोखकर लचीला बनता है।
गूंथने के बाद आटे को कितनी देर ढककर रखना चाहिए?
अच्छी और मुलायम रोटियां बनाने के लिए आटा गूंथने के बाद उसे 15-20 मिनट के लिए ढककर सेट होने देना चाहिए।
क्या तेल मिलाने से रोटियां सफर के दौरान कड़क हो जाती हैं?
नहीं, तेल की वजह से आटे की नमी बनी रहती है जिससे रोटियां घंटों बाद भी सूखी या कड़क नहीं होती हैं।
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