किचन में काम करते समय अचानक दूध का फट जाना एक आम अनुभव है, जिसके बाद ज्यादातर लोगों का पहला विचार यही होता है कि अब इस सामग्री को पूरी तरह बेकार मानकर बाहर फेंक देना चाहिए। हालांकि, हर स्थिति में फटा हुआ दूध अनुपयोगी नहीं साबित होता है। यदि दूध केवल प्राकृतिक रूप से खट्टा होकर फटा है और उसमें किसी भी प्रकार की सड़ी हुई बदबू, फफूंद या असामान्य स्वाद जैसी कोई समस्या मौजूद नहीं है, तो इसे कई तरह के लजीज व्यंजनों को तैयार करने में सफलतापूर्वक उपयोग में लाया जा सकता है। थोड़ी सी समझदारी और सूझबूझ से रसोई में इस सामग्री से बढ़िया पनीर, छैना और कलाकंद जैसी मिठाइयां आसानी से बनाई जा सकती हैं। इसके अतिरिक्त, दूध को छानने के बाद जो पानी शेष बचता है, वह भी बेहद काम का साबित होता है जिसका उपयोग आटा गूंथने से लेकर दाल और चावल पकाने तक में किया जा सकता है।
कचरा समझने से पहले परखें दूध की स्थिति
जिस दूध को अक्सर लोग कचरा मानकर सिंक में बहाने का मन बना लेते हैं, वह वास्तव में आपकी रसोई के कई कामों में दोबारा इस्तेमाल हो सकता है। फिर भी, यहां एक बात को अच्छी तरह समझ लेना बेहद आवश्यक है कि यदि दूध से किसी प्रकार की तेज सड़ी हुई गंध आ रही है, उसका रंग पूरी तरह बदल चुका है या उस पर फफूंद दिखाई दे रही है, तो ऐसी स्थिति में उसका उपयोग बिल्कुल नहीं करना चाहिए और उसे सुरक्षित रूप से हटा देना ही समझदारी है।
घर पर बनाएं नरम और ताजा पनीर
फटे हुए दूध का सबसे आसान और लोकप्रिय उपयोग पनीर बनाने के रूप में किया जाता है। अगर दूध अच्छी तरह से फट चुका है, तो इसे कुछ मिनट के लिए धीमी आंच पर गर्म करना चाहिए। इसके पश्चात इसे किसी सूती या मलमल के कपड़े की सहायता से अच्छी तरह छान लेना चाहिए। पानी अलग होने के बाद छैने को साफ पानी से हल्का धोया जा सकता है, विशेषकर तब जब उसमें खट्टापन कुछ ज्यादा ही महसूस हो रहा हो। अब कपड़े को अच्छी तरह बांधकर उसके ऊपर कोई भारी बर्तन रख दें और करीब 20 से 30 मिनट तक दबाकर छोड़ दें। इस प्रक्रिया से घर पर ही एकदम नरम और ताजा पनीर बनकर तैयार हो जाता है, जिसका उपयोग सब्जी, सैंडविच या पराठे बनाने में किया जा सकता है।
छैने से तैयार करें स्वादिष्ट और दानेदार कलाकंद
फटे हुए दूध से मिलने वाले छैने को एक बेहतरीन मिठाई में बदलना भी बेहद आसान प्रक्रिया है। इसके लिए एक कड़ाही में छैना डालकर उसे धीमी आंच पर पकाना शुरू करें। इसमें स्वाद के अनुसार चीनी, थोड़ा सा मिल्क पाउडर और इलायची पाउडर मिलाया जा सकता है। इस मिश्रण को लगातार चलाते रहना बेहद जरूरी है ताकि यह नीचे से जले नहीं। जब यह मिश्रण गाढ़ा होकर कड़ाही के किनारों को छोड़ने लगे, तब इसे किसी चिकनी प्लेट या ट्रे में अच्छी तरह फैला देना चाहिए। पूरी तरह ठंडा होने पर इसके मनचाहा आकार में टुकड़े किए जा सकते हैं। इस आसान तरीके से घर पर ही स्वादिष्ट और दानेदार कलाकंद तैयार हो जाता है।
इस बीच, यदि आप घर में नया दरवाजा लगवाने की तैयारी कर रहे हैं, तो बाजार में उपलब्ध WPC और PVC के फायदे जानकर आपका फैसला पूरी तरह बदल सकता है।
रोटी और पराठों को बनाएं और भी अधिक नरम
फटे हुए दूध को छानने के बाद जो पानी यानी व्हे बचता है, उसे सामान्य पानी की जगह आटा गूंथने के काम में लाया जा सकता है। इस पानी से आटा गूंथने पर रोटियां और पराठे बेहद नरम बनते हैं। कई घरों में बची हुई सामग्री को बेकार होने से बचाने के लिए इस तरीके का उपयोग किया जाता है। विशेष तौर पर जब रोटियों को अगले समय के खाने के लिए सुरक्षित रखना हो, तब यह छोटा सा नुस्खा बेहद उपयोगी साबित होता है।
दाल, चावल और सूप में करें पानी का इस्तेमाल
दूध को छानने के बाद शेष बचे पानी को सीधे नाले या सिंक में फेंकने की कोई आवश्यकता नहीं होती है। इस पानी का इस्तेमाल दाल या चावल पकाने के दौरान किया जा सकता है। ऐसा करने से भोजन के मूल स्वाद में कोई बड़ा बदलाव नहीं आता है और पानी भी बेकार जाने से बच जाता है। इसके अलावा, यदि घर में सूप तैयार किया जा रहा है, तो थोड़ी सी मात्रा में इस पानी को उसमें मिलाया जा सकता है। कुछ खास गाढ़ी ग्रेवी या सूप में भी फटे दूध के इस छने हुए पानी का उपयोग किया जाता है। हालांकि इसे एक साथ बहुत अधिक मात्रा में डालने के बजाय थोड़ा-थोड़ा करके मिलाना ही बेहतर रहता है, जिससे रेसिपी का स्वाद और उसकी बनावट संतुलित बनी रहती है। बशर्ते इस बात का ध्यान रहे कि यदि पानी से किसी प्रकार की खराब गंध आ रही हो, तो उसका प्रयोग बिल्कुल न किया जाए।
इस्तेमाल से पहले जरूर समझें अंतर
फटा हुआ दूध और पूरी तरह खराब हुआ दूध दोनों बिल्कुल एक जैसी चीजें नहीं हैं। कई बार नींबू का रस गिरने, तेज गर्मी होने या दूध की अपनी प्राकृतिक अम्लता के कारण दूध फट जाता है और उससे आसानी से छैना तैयार किया जा सकता है। लेकिन यदि दूध बहुत लंबे समय से बाहर रखा हुआ है, उससे किसी प्रकार की सड़ी हुई गंध आ रही है, उसका रंग असामान्य रूप से बदल गया है या उस पर फफूंद नजर आ रही है, तो ऐसे दूध को दोबारा पकाना या इस्तेमाल करना स्वास्थ्य की दृष्टि से बिल्कुल सुरक्षित नहीं माना जाता है। ऐसे खराब हो चुके दूध को बिना किसी संकोच के फेंक देना ही सबसे बेहतर विकल्प होता है।



















