प्रोटीन से भरपूर आहार लेने वाले लोगों के लिए मशरूम का सेवन एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है। ज्यादातर घरों में मशरूम की सब्जी या सूप ही तैयार किया जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका स्वादिष्ट अचार भी बनाया जा सकता है? सही विधि से तैयार किया गया मशरूम का अचार न केवल खाने का स्वाद कई गुना बढ़ा देता है, बल्कि इसे एक साल तक सुरक्षित रखकर खाया जा सकता है।
मशरूम की सही किस्म और बनाने का सबसे उत्तम समय
स्वादिष्ट और टिकाऊ अचार बनाने के लिए सही मशरूम का चुनाव करना सबसे पहला और महत्वपूर्ण कदम है। अचार बनाने के लिए बटन मशरूम को सबसे उपयुक्त माना जाता है। यदि आप घर पर अचार बनाने की योजना बना रहे हैं, तो इसके लिए सितंबर का महीना सबसे आदर्श समय माना जाता है। सितंबर के दौरान मौसम धीरे-धीरे ठंडा होने लगता है, जिससे सब्जियों की शेल्फ लाइफ बेहतर रहती है।
इसके अलावा, इस मौसम में स्थानीय बाजारों में बटन मशरूम की आवक बढ़ जाती है और यह काफी अच्छी गुणवत्ता में उपलब्ध होता है। इस दौरान बाजार में मशरूम के दाम भी अपेक्षाकृत कम रहते हैं, जिससे बजट में अचार तैयार करना आसान हो जाता है। अचार बनाते समय हमेशा ताजे और साफ मशरूम ही खरीदें। पहली बार अचार बनाते समय कम मात्रा से शुरुआत करना समझदारी भरा फैसला होता है। जब आप पहली बार में स्वाद और प्रक्रिया को अच्छी तरह समझ लें, तब अधिक मात्रा में अचार बना सकते हैं। अचार बनाते समय की गई एक छोटी सी लापरवाही या नमी पूरे बैच को खराब कर सकती है।
मशरूम को उबालने और नमी निकालने की प्रक्रिया
अचार बनाने की शुरुआत करने के लिए ताजे बटन मशरूम लाकर उन्हें छोटे-छोटे और एक समान टुकड़ों में काट लें। इसके बाद मशरूम के टुकड़ों को साफ पानी से दो-तीन बार अच्छी तरह धोएं ताकि सतह पर जमा धूल हट जाए। अब एक बर्तन में पानी गर्म करें और उसमें थोड़ा सा नमक मिलाएं। कटे हुए मशरूम को इस उबलते पानी में डालकर कुछ देर तक उबालें। पानी में नमक डालकर उबालने से मशरूम में मौजूद गंदगी पूरी तरह बाहर निकल जाती है और उसकी प्राकृतिक तेज गंध भी काफी हद तक कम हो जाती है।
उबालने के बाद मशरूम को तुरंत गर्म पानी से बाहर निकाल लें और सारा पानी निथार लें। अब इन उबले हुए टुकड़ों में हल्का नमक और हल्दी पाउडर लगाकर करीब आधे घंटे से एक घंटे (30 से 60 मिनट) के लिए अलग रख दें। यह प्रक्रिया मशरूम के अंदर मौजूद अतिरिक्त नमी और पानी को बाहर निकालने में मदद करती है। निर्धारित समय के बाद मशरूम को किसी साफ सूती कपड़े पर फैला दें और पंखे की हवा में अच्छी तरह सुखाएं। अचार के लंबे समय तक खराब न होने का सबसे बड़ा राज यही है कि मशरूम में पानी की एक बूंद भी न रहे। यदि नमी रह जाएगी, तो अचार बहुत जल्द फंगस या खराबी की चपेट में आ सकता है।
मसालों की तैयारी और सही इस्तेमाल
जब मशरूम पूरी तरह सूख जाएं, तब अचार के मसाले तैयार करने की बारी आती है। इस अचार में स्वाद और संरक्षण बढ़ाने के लिए हल्दी, नमक, लाल मिर्च, काली मिर्च, कलौंजी, हींग, मेथी और सरसों का तेल इस्तेमाल किया जाता है। मसालों का सही संतुलन ही अचार को लाजवाब स्वाद प्रदान करता है। मसालों को इस्तेमाल करने से पहले उन्हें धीमी आंच पर हल्का गर्म कर लें। मसालों को गर्म करने से उनके अंदर छिपा मॉइश्चर या नमी खत्म हो जाती है, जिससे अचार लंबे समय तक सुरक्षित रहता है और मसालों की सुगंध भी निखर कर आती है।
हल्का गर्म करने के बाद मसालों को मिक्सी में डालकर दरदरा या बारीक पीस लें। दूसरी तरफ, सरसों के तेल को एक कड़ाही में तब तक गर्म करें जब तक कि उसमें से धुआं न निकलने लगे। इसके बाद गैस बंद कर दें और तेल को पूरी तरह ठंडा होने दें। ठंडा किया गया सरसों का तेल अचार को लंबे समय तक खराब होने से बचाता है और पारंपरिक स्वाद देता है। पिसे हुए मसालों और ठंडे तेल को सूखे मशरूम के टुकड़ों में डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
अचार को स्टोर करने और तैयार होने की समयावधि
मशरूम और मसालों के सही मिश्रण के बाद, इसे स्टोर करने की प्रक्रिया पर खास ध्यान देना चाहिए। अचार को सुरक्षित रखने के लिए हमेशा कांच के जार का ही उपयोग करें। जार को पहले गर्म पानी से धोकर धूप या हवा में पूरी तरह सुखा लें, ताकि उसमें नमी का एक भी अंश न रहे। किसी भी तरह की नमी अचार में फंगस लगा सकती है। तैयार अचार को कांच के जार में भरकर ढक्कन से कसकर बंद कर दें।
इस अचार को तुरंत खाने के बजाय करीब 15 से 20 दिन तक पकने के लिए रख दें। 15 से 20 दिनों के भीतर मशरूम मसालों और तेल को पूरी तरह से सोख लेते हैं, जिससे अचार का असली स्वाद निकलकर आता है। यदि आप पूरी स्वच्छता, बिना नमी और सही विधि का पालन करते हुए अचार तैयार करते हैं, तो इसे पूरे एक साल तक सुरक्षित रखा जा सकता है। यह मशरूम का अचार आपके दैनिक भोजन में स्वाद जोड़ने का एक बेहद आसान और पौष्टिक तरीका है।



















