सीबीएसई 10वीं और 12वीं की समय सारणी जल्द, आधिकारिक पोर्टल पर घोषित होगा कार्यक्रमयूरो बनाम जापानी येन में 178 के नीचे नरमी, तकनीकी संकेतकों और ब्याज दरों पर टिकी नजरेंबैंक ऑफ इंग्लैंड की ब्याज दरों पर फैसले से पहले येन के मुकाबले ब्रिटिश पाउंड में गिरावटबैंक ऑफ इंग्लैंड के ब्याज दर फैसले से पहले ब्रिटिश पाउंड में मजबूती, अमेरिकी चुनाव नतीजों से डॉलर पर दबावचंबा में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिलकर रो पड़ी पांचवीं की छात्रा, 700 किलोमीटर दूर तैनात मां के तबादले का मिला आश्वासनगाजीपुर के रेवतीपुर में मिट्टी देखकर करें फसलों का चयन, बीज सब्सिडी और ई-लॉटरी किट के नए नियम जारीनवजात शिशुओं में पीलिया होने पर धूप दिखाने की गलती न करें, डॉक्टर ने चेतायाशरद केलकर ने नितेश तिवारी की फिल्म में यश के रावण को दी अपनी गूंजती आवाजगोली लगने से लहूलुहान युवती को बचाने मॉरीशस पहुंची भारतीय सर्जनों की टीम, सफल ऑपरेशन से लौटी सांसेंहाथरस के सादाबाद में मकान में लगी भीषण आग, बुजुर्ग दंपती की जिंदा जलने से मौत
सर्दियों में ऐसे बनाएं आंध्र स्टाइल कच्ची इमली का तीखा अचार, जानें आसान रेसिपीखानपान
5 नव॰ 2026, 12:15 pm (3 मिनट पहले)· 0

सर्दियों में ऐसे बनाएं आंध्र स्टाइल कच्ची इमली का तीखा अचार, जानें आसान रेसिपी

सर्दियों के मौसम में दक्षिण भारत की पारंपरिक कच्ची इमली का अचार खाने का स्वाद बढ़ा देता है। इसे बनाना बहुत आसान है और सही तरीके से रखने पर यह महीनों तक खराब नहीं होता है।

सर्दियों का मौसम आते ही खाने के शौकीनों की थाली में तीखे और चटपटे व्यंजनों की बहार आ जाती है। इस खास मौसम में दक्षिण भारत के घरों में जिस अचार की सबसे ज्यादा मांग रहती है, वह कच्ची इमली का अचार है। तेलुगु भाषा में इसे चिंताकाया पच्चड़ी के नाम से जाना जाता है। इसका खट्टा और तीखा स्वाद भोजन का मजा दोगुना कर देता है और इसे तैयार करना भी काफी सरल है। यदि इसे सही विधि से बनाया जाए, तो यह लंबे समय तक सुरक्षित रहता है और महीनों तक इसका आनंद उठाया जा सकता है।

अचार बनाने के लिए जरूरी सामग्री

इस पारंपरिक अचार को तैयार करने के लिए कुछ चुनिंदा चीजों की आवश्यकता होती है। रेसिपी के लिए ताजी कच्ची हरी इमली 250 ग्राम, हरी मिर्च 8 से 10 जो स्वादानुसार घटाई या बढ़ाई जा सकती है, सेंधा या मोटा नमक स्वादानुसार, और तिल का तेल या मूंगफली का तेल 3 से 4 बड़े चम्मच चाहिए होता है। इसके अलावा तड़के और मसालों के लिए मेथी दाना, राई, हींग, सूखी लाल मिर्च, करी पत्ता और लहसुन की जरूरत पड़ती है।

ये भी पढ़ें

तैयारी और कूटने की प्रक्रिया

सबसे पहले ताजी कच्ची इमली को पानी से अच्छी तरह धोकर साफ कपड़े से पूरी तरह पोंछ लें ताकि उसमें बिल्कुल भी नमी न बचे। इसके बाद इसके दोनों किनारों के रेशे और ऊपरी पतली परत को चाकू की मदद से हल्का खुरचकर हटा देना चाहिए। यदि इमली के अंदर बीज सख्त अवस्था में हैं, तो उन्हें चीरा लगाकर निकाल लें और फिर इमली को छोटे टुकड़ों में काट लें। अब मूसल-खल या ग्राइंडर की सहायता से कटी हुई इमली, हरी मिर्च, हल्दी और नमक को डालकर दरदरा कूट लें। ध्यान रहे कि इसे बहुत बारीक पेस्ट की तरह नहीं पीसना है, क्योंकि दरदरा बना रहने पर ही इसका असली पारंपरिक स्वाद बरकरार रहता है।

मसाला और तड़का लगाने की विधि

अब एक छोटे पैन में मेथी दाना और आधा चम्मच राई को सूखा भूनकर उसका बारीक पाउडर बना लें और इसे इमली के कुचले हुए मिश्रण में मिला दें। इसके साथ ही इसमें कुचला हुआ लहसुन भी शामिल कर लें। इसके बाद एक कड़ाही में तेल गरम करें और उसमें बची हुई राई, हींग, सूखी लाल मिर्च तथा करी पत्ता डालकर अच्छी तरह चटकाएं। जब यह तड़का पूरी तरह ठंडा हो जाए, तो इसे तैयार इमली के मिश्रण में डालकर अच्छी तरह मिला देना चाहिए।

परोसने का सही तरीका

जब अचार पूरी तरह तैयार हो जाए, तो इसे किसी कांच के साफ और सूखे जार में भरकर सुरक्षित रख लें। इस स्वादिष्ट अचार को खाने का असली मजा तब आता है जब इसे गरमागरम चावल और शुद्ध देसी घी के साथ परोसा जाए। इस संयोजन से इसका स्वाद और भी अधिक लाजवाब हो जाता है।

सवाल-जवाब

कच्ची इमली के अचार को तेलुगु में क्या कहते हैं?
तेलुगु में इस अचार को चिंताकाया पच्चड़ी कहा जाता है।
इस रेसिपी के लिए कितनी इमली की जरूरत होती है?
इस रेसिपी के लिए 250 ग्राम ताजी कच्ची हरी इमली का उपयोग किया जाता है।
अचार में किस तरह के तेल का इस्तेमाल होता है?
इसमें तिल का तेल या मूंगफली का तेल 3 से 4 बड़े चम्मच इस्तेमाल किया जाता है।
अचार को लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखें?
इसे कांच के साफ और सूखे जार में भरकर रखने पर यह महीनों तक खराब नहीं होता है।
इस अचार को किसके साथ परोसा जाता है?
इस अचार को गरम-गरम चावल और देसी घी के साथ परोसा जाता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp