दीपोत्सव के पावन अवसर पर घरों में तरह-तरह के पारंपरिक व्यंजन और मिठाइयां तैयार करने की पुरानी परंपरा रही है। इन पारंपरिक पकवानों में शक्करपारा एक बेहद लोकप्रिय और पसंदीदा मिष्ठान माना जाता है, जिसे बच्चे और बड़े दोनों ही बड़े चाव से खाते हैं। शाम की गरमागरम चाय के साथ मीठे और खस्ता शक्करपारे का स्वाद किसी भी उत्सव के आनंद को दोगुना कर देता है। अक्सर गृहिणियों और घरेलू रसोइयों के सामने यह समस्या आती है कि तलने के कुछ ही समय बाद शक्करपारे सील जाते हैं, नरम पड़ जाते हैं और उनका असली कुरकुरापन खत्म हो जाता है। इस बार कुछ आसान तकनीकों, सही मात्रा और खास सावधानियों का ध्यान रखकर एकदम हलवाई जैसे कुरकुरे शक्करपारे तैयार किए जा सकते हैं, जो कई हफ्तों तक खराब नहीं होते।
तैयारी के लिए जरूरी सामग्री और सही नाप
परफेक्ट शक्करपारा बनाने का सबसे पहला और बुनियादी नियम सामग्री का सटीक अनुपात है। अगर नाप में थोड़ी भी गड़बड़ी हो जाए, तो शक्करपारे या तो बहुत कड़े हो जाते हैं या फिर तेल में डालते ही बिखरने लगते हैं। इसके लिए दो कप मैदा लें। मिठास के लिए एक कप पिसी हुई चीनी की आवश्यकता होगी। इसके साथ ही खस्तापन लाने के लिए एक तिहाई कप शुद्ध घी और आटा बांधने के लिए एक चौथाई कप दूध का प्रबंध करें। खुशबू और पारंपरिक स्वाद बढ़ाने के लिए एक छोटा चम्मच इलायची पाउडर लें। तलने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए आवश्यकतानुसार कुकिंग ऑयल की जरूरत पड़ेगी।
आटा लगाने और मोयन मिलाने का सही तरीका
शक्करपारे की शुरुआत करने के लिए सबसे पहले एक बड़े और फैले हुए बर्तन या परात में दो कप मैदा निकाल लें। अब इस मैदे में एक कप पिसी हुई चीनी और एक छोटा चम्मच इलायची पाउडर डालकर सूखे रूप में ही हाथों से अच्छी तरह मिला लें, ताकि इलायची और चीनी की मिठास मैदे के कण-कण में एक समान फैल जाए।
इसके बाद सबसे महत्वपूर्ण चरण आता है मोयन का। एक तिहाई कप घी को हल्का गर्म करें और उसे सूखे आटे के मिश्रण में धीरे-धीरे डालें। गर्म घी का यह मोयन ही शक्करपारे को अंदर से खस्ता और परतदार बनाता है। घी को अपनी हथेलियों की मदद से मैदे के साथ अच्छी तरह रगड़कर मिलाएं। जब घी मैदे में पूरी तरह समा जाए, तब एक चौथाई कप दूध को थोड़ा-थोड़ा डालते हुए एक सख्त और चिकना आटा गूंथ लें। आटा तैयार हो जाने पर उसे ढककर लगभग आधे घंटे के लिए छोड़ दें, जिससे आटा अच्छी तरह सेट हो जाए।
बेलने, कटिंग और सही आंच पर तलने की विधि
आधा घंटा बीत जाने के बाद सेट हुए आटे को एक बार फिर से एक-दो मिनट तक हल्के हाथों से मसल लें। अब इस आटे में से बड़ी-बड़ी लोइयां तोड़ें और चकले पर रखकर सामान्य पूरी की तुलना में थोड़ा मोटा बेल लें। इसे बहुत पतला बिल्कुल न करें, वरना शक्करपारे कड़क पापड़ी जैसे बन जाएंगे। अब एक तेज धार वाले चाकू की मदद से बेली हुई शीट पर सीधी और तिरछी कट्स लगाकर मनचाहे डायमंड शेप में काट लें। इसी तरह पूरे आटे से शक्करपारे काटकर प्लेट में तैयार कर लें।
अब गैस चूल्हे पर एक कड़ाही चढ़ाएं और उसमें तलने के लिए पर्याप्त तेल डालकर गर्म करें। तेल जब मध्यम गर्म हो जाए, तब उसमें कटे हुए शक्करपारे डालें। तलते समय गैस की आंच मध्यम ही रखें, ताकि शक्करपारे अंदर तक अच्छी तरह सिकें और बाहर से सुनहरे भूरे रंग के हो जाएं। धीमी या मध्यम आंच पर सुनहरा होने तक तलने के बाद इन्हें तेल से बाहर निकाल लें। जब ये पूरी तरह ठंडे होकर सामान्य तापमान पर आ जाएं, तब इन्हें किसी एयर टाइट डिब्बे में भरकर सुरक्षित रख लें। इस तरह बनाए गए शक्करपारे लंबे समय तक अपनी ताजगी और कुरकुरापन बनाए रखते हैं।



















