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सावन में हरियाली तीज पर घर पर बनाएं हलवाई जैसे स्पंजी मालपुआ, जानिए सीक्रेट तरीकाखानपान
13 अग॰ 2026, 1:32 pm (31 दिन पहले)· 0

सावन में हरियाली तीज पर घर पर बनाएं हलवाई जैसे स्पंजी मालपुआ, जानिए सीक्रेट तरीका

हरियाली तीज के पावन अवसर पर बाहर से कुरकुरे और अंदर से बेहद नरम मालपुए बनाने की आसान और प्रामाणिक रेसिपी नोट करें।

हिंदू धर्म में सावन माह के दौरान पड़ने वाला हरियाली तीज का पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है। यह पावन त्योहार अखंड सौभाग्य, प्रेम, प्रकृति और सौंदर्य का प्रतीक माना गया है। तीज के इस मांगलिक अवसर पर घरों में तरह-तरह के पारम्परिक व्यंजन तैयार किए जाते हैं, जिनमें झूले, मेहंदी और घेवर के साथ मालपुआ बनाने की परम्परा भी सदियों से चली आ रही है। यदि आप भी इस उत्सव पर ऐसे मालपुए तैयार करना चाहते हैं जो बाहर से हल्के कुरकुरे रहें और भीतर से बेहद नर्म, रसीले तथा स्पंजी बने रहें, तो इसके लिए एक विशेष अनुपात और सही विधि का पालन करना आवश्यक होता है।

स्वादिष्ट मालपुआ बनाने के लिए आवश्यक सामग्री

उत्कृष्ट स्वाद और उत्तम बनावट वाला मालपुआ तैयार करने के लिए सामग्री का सटीक मापन बेहद महत्वपूर्ण है। बैटर यानी घोल तैयार करने के लिए 1 कप मैदा, 2 बड़े चम्मच सूजी (रवा), 1/4 कप मैश किया हुआ खोया अथवा ताजी मलाई, 1.5 कप गुनगुना दूध, 1/2 छोटा चम्मच सौंफ का पाउडर और 1/2 छोटा चम्मच इलायची का पाउडर एकत्र कर लें। तलने के लिए आवश्यकतानुसार देसी घी या रिफाइंड तेल की व्यवस्था करें। चाशनी बनाने के लिए 1 कप चीनी, 1/2 कप पानी, 8 से 10 केसर के धागे और 2 कुटी हुई छोटी इलायची की आवश्यकता होगी। इसमें खोया या मलाई मिलाने से मालपुए में रिच स्वाद आता है और उसकी बनावट स्पंजी बनती है।

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परफेक्ट बैटर तैयार करने की चरणबद्ध विधि

रसीला मालपुआ बनाने की शुरुआत घोल तैयार करने से होती है। सबसे पहले एक बड़े और गहरे बर्तन में 1 कप मैदा, 2 बड़े चम्मच सूजी, 1/2 छोटा चम्मच सौंफ पाउडर और 1/2 छोटा चम्मच इलायची पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें। इसके बाद मिश्रण में 1/4 कप मैश किया हुआ खोया या ताजी मलाई शामिल करें। अब इसमें 1.5 कप गुनगुना दूध थोड़ा-थोड़ा करके डालते जाएं और लगातार फेंटते रहें ताकि घोल में गुठलियां बिल्कुल न बनने पाएं। इस बैटर को कम से कम 5 से 7 मिनट तक एक ही दिशा में अच्छी तरह फेंटना चाहिए। घोल तैयार हो जाने पर इसे ढंककर कम से कम 30 मिनट के लिए रख दें। 30 मिनट विश्राम देने से सूजी दूध को सोखकर अच्छी तरह फूल जाती है, जिससे मालपुए काफी हल्के और स्पंजी बनते हैं।

सुगंधित और चिपचिपी चाशनी तैयार करना

चाशनी बनाने के लिए एक पैन में 1 कप चीनी और 1/2 कप पानी मिलाकर मध्यम आंच पर पकने के लिए रख दें। जब चीनी पानी में पूरी तरह घुल जाए, तब इसमें 8 से 10 केसर के धागे और 2 कुटी हुई इलायची डालें। मालपुए की चाशनी बनाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि इसमें एक या दो तार नहीं बनने चाहिए। हमें केवल एक पारदर्शी और चिपचिपी चाशनी तैयार करनी होती है जो उंगलियों के बीच छूने पर तेल या शहद जैसी महसूस हो। जैसे ही चाशनी में यह चिपचिपापन आ जाए, तुरंत गैस बंद कर दें और पैन को ढंककर रख दें ताकि वह गुनगुनी बनी रहे।

तलने और चाशनी में भिगोने का सही तरीका

मालपुआ तलने के लिए हमेशा चौड़े तले वाली कढ़ाई या पैन का उपयोग करना चाहिए। कढ़ाई में देसी घी या तेल डालकर गर्म करें। ध्यान रहे कि घी न तो बहुत अधिक तेज गर्म होना चाहिए और न ही ठंडा। अब एक बड़े चम्मच में घोल लेकर सीधे कढ़ाई के मध्य भाग में डालें। बैटर स्वयं फैलकर गोल आकार ग्रहण कर लेगा। गैस की आंच को धीमे से मध्यम पर रखते हुए मालपुए को दोनों तरफ से सुनहरा और हल्का कुरकुरे होने तक सेक लें। जब मालपुआ सिक जाए, तब उसे कड़छी से निकालकर अतिरिक्त घी अच्छी तरह निथार लें। इसके तुरंत बाद मालपुए को गुनगुनी चाशनी में डाल दें। मालपुए को लगभग 2 से 3 मिनट तक चाशनी में ही डूबा रहने दें ताकि वह भीतर तक चाशनी को सोख ले और पूरी तरह रसीला हो जाए।

सवाल-जवाब

मालपुआ के घोल को 30 मिनट तक रखना क्यों आवश्यक है?
घोल को 30 मिनट तक ढंककर रखने से सूजी गुनगुने दूध को सोखकर फूल जाती है, जिससे मालपुए अंदर से स्पंजी और नर्म बनते हैं।
चाशनी किस तार की होनी चाहिए?
चाशनी में एक या दो तार नहीं बनने चाहिए। इसे केवल तब तक पकाया जाता है जब तक वह शहद जैसी चिपचिपी न हो जाए।
घोल फेंटते समय क्या ध्यान रखना चाहिए?
घोल को कम से कम 5 से 7 मिनट तक एक ही दिशा में फेंटना चाहिए ताकि उसमें हवा भरे और गुठलियां पूरी तरह समाप्त हो जाएं।
मालपुए को चाशनी में कितनी देर डुबोकर रखना चाहिए?
तले हुए गर्म मालपुए को गुनगुनी चाशनी में लगभग 2 से 3 मिनट तक रखना चाहिए ताकि वह पूरी तरह चाशनी सोख ले।
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