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सावन व्रत के दौरान खजूर की प्राकृतिक मिठास से बनाएं सेहतमंद मखाना खीर, कोडरमा की कविता कुमारी ने बताई आसान रेसिपीखानपान
2 सित॰ 2026, 10:20 pm (11 दिन पहले)· 2

सावन व्रत के दौरान खजूर की प्राकृतिक मिठास से बनाएं सेहतमंद मखाना खीर, कोडरमा की कविता कुमारी ने बताई आसान रेसिपी

व्रत के दौरान शरीर में दिनभर ऊर्जा बनाए रखने के लिए बिना चीनी वाली मखाना खीर एक बेहतरीन और पौष्टिक विकल्प साबित हो सकती है। कोडरमा की कविता कुमारी ने खजूर, मखाना और मेवों के इस्तेमाल से बेहद आसान तरीके से इस खास खीर को तैयार करने की विधि साझा की है।

धार्मिक व्रतों के दौरान अक्सर शरीर में कमजोरी और ऊर्जा की कमी महसूस होने लगती है। ऐसे समय में ऐसा फलाहार चुनना बहुत जरूरी होता है जो स्वाद के साथ सेहत का भी पूरा ध्यान रखे। इसी बात को ध्यान में रखते हुए मखाना खीर एक बेहतरीन विकल्प के रूप में सामने आती है। इसे पूरी तरह बिना चीनी के भी बेहद स्वादिष्ट बनाया जा सकता है। झारखंड के कोडरमा जिले की रहने वाली कविता कुमारी ने व्रत में तुरंत ताकत देने वाली बिना चीनी की मखाना खीर बनाने का बहुत ही सरल तरीका बताया है। इस रेसिपी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें मिठास के लिए किसी भी तरह की रिफाइंड चीनी का प्रयोग नहीं होता, बल्कि खजूर का इस्तेमाल करके प्राकृतिक मिठास हासिल की जाती है।

व्रत में ऊर्जा और पोषण बनाए रखने के लिए प्राकृतिक विकल्प

लंबी अवधि के उपवास के समय शरीर को लगातार काम करने के लिए पर्याप्त पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। बाजार में मिलने वाली या सामान्य रूप से बनने वाली मिठाइयों में चीनी की मात्रा ज्यादा होती है, जिससे ब्लड शुगर अचानक बढ़ता है और फिर तेजी से गिरता है। इसके विपरीत, मखाने और दूध से बनी यह खीर पचने में आसान होने के साथ-साथ लंबे समय तक पेट भरा होने का अहसास कराती है। इसमें इस्तेमाल होने वाले मेवे और खजूर शरीर को आवश्यक मिनरल्स और विटामिन प्रदान करते हैं। सावन या अन्य किसी भी उपवास के दौरान यह डिश एक संतुलित आहार की तरह काम करती है।

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मखाना खीर तैयार करने के लिए आवश्यक सामग्रियां

इस खास फलाहारी खीर को बनाने के लिए किसी दुर्लभ या महंगी सामग्री की आवश्यकता नहीं होती। इसे घर में आसानी से उपलब्ध चीजों की मदद से तैयार किया जा सकता है। इसे बनाने के लिए आपको मुख्य रूप से मखाना, फुल क्रीम या सामान्य दूध, बीज निकाले हुए खजूर, कटे हुए बादाम, किशमिश, थोड़ा सा शुद्ध घी और केसर के धागों की जरूरत होती है। खजूर खीर को कुदरती रूप से मीठा करने का काम करता है, इसलिए इसमें अलग से शक्कर डालने की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ती। वहीं केसर खीर को एक सुंदर रंग और मनमोहक खुशबू प्रदान करता है।

स्टेप बाय स्टेप मखाना खीर बनाने का आसान तरीका

रेसिपी की शुरुआत मखाने को सही तरीके से रोस्ट करने से होती है। सबसे पहले एक फ्राइंग पैन में थोड़ा सा देसी घी डालकर गर्म करें। इसके बाद पैन में आवश्यकतानुसार मखाने डालें और धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए भूनें। मखाने को तब तक रोस्ट करना है जब तक कि वह पूरी तरह कुरकुरा यानी क्रिस्पी न हो जाए। इसके बाद गैस बंद कर दें और मखाने को ठंडा होने दें। जब मखाने ठंडे हो जाएं, तो रोस्ट किए गए कुल मखाने का लगभग 70 से 80 प्रतिशत हिस्सा एक मिक्सर ग्राइंडर जार में निकाल लें। इसे बारीक पीसकर पाउडर जैसा बना लें। यह पिसा हुआ मखाना खीर को बिना किसी भारी क्रीम के प्राकृतिक रूप से गाढ़ा करने में मदद करता है। बाकी बचे 20 से 30 प्रतिशत साबुत रोस्टेड मखाने को बाद के लिए एक तरफ सुरक्षित रख लें।

खजूर से दूध को मीठा करने और गाढ़ा बनाने की खास तकनीक

अगले चरण में एक भारी तले वाले बर्तन या कड़ाही में दूध लें और उसे धीमी आंच पर गर्म होने के लिए रख दें। इस दौरान खजूर के अंदर मौजूद बीजों को निकालकर अलग कर लें। जब दूध हल्का गर्म होने लगे, तो उसमें बीज रहित खजूर डाल दें। दूध और खजूर को धीमी आंच पर धीरे-धीरे पकने दें। जैसे-जैसे दूध गरम होगा और उबलेगा, खजूर नरम होकर दूध में पूरी तरह घुलने लगेगा। इससे दूध में एक गहरा और प्राकृतिक मीठा स्वाद घुल जाता है। इसके बाद दूध में केसर के कुछ धागे मिला दें। धीमी आंच पर पकते-पकते दूध का रंग हल्का केसरिया होने लगेगा और पूरे रसोईघर में केसर की बेहतरीन खुशबू फैल जाएगी।

मेवे मिलाने और खीर को पकाने की अंतिम प्रक्रिया

दूध में केसर का रंग चढ़ने के बाद, इसमें पहले से पीसकर रखा गया मखाने का पाउडर डालें। इसे मथानी या चम्मच से अच्छी तरह मिला लें ताकि कोई गांठ न बने। धीमी आंच पर खीर को लगातार पकाते रहें और बीच-बीच में चलाते रहें ताकि मखाना बर्तन के तले में न चिपके। जैसे-जैसे मखाना दूध को सोखेगा, खीर गाढ़ी और क्रीमी होती जाएगी। जब खीर वांछित गाढ़ेपन पर पहुंच जाए, तो इसमें कटे हुए बादाम और किशमिश डालकर मिलाएं। ड्राई फ्रूट्स डालने के बाद खीर को धीमी आंच पर करीब 1 से 2 मिनट तक पकने दें। अंत में, शुरुआत में बचाकर रखे गए रोस्ट किए हुए साबुत मखाने इसमें शामिल करें और 1 मिनट तक और पकाएं। इसके बाद आंच बंद कर दें।

सावन व्रत में इस बिना चीनी वाली खीर के सेहत से जुड़े फायदे

तैयार मखाना खीर को आप अपनी पसंद के अनुसार गरमागरम परोस सकते हैं या फिर फ्रिज में ठंडा करके ठंडी-ठंडी खीर का आनंद ले सकते हैं। कविता कुमारी के अनुसार, सावन के व्रत या किसी भी धार्मिक उपवास के दौरान यह खीर सेहत के लिए अत्यंत गुणकारी है। बिना चीनी के तैयार होने के कारण यह वजन नियंत्रित करने वाले लोगों और सेहत के प्रति जागरूक व्यक्तियों के लिए एक बेहतरीन फलाहार है। कम समय और कम सामग्री में तैयार होने वाली यह मखाना खीर स्वाद और पोषण दोनों का एक आदर्श संतुलन पेश करती है।

सवाल-जवाब

व्रत में बिना चीनी के मखाना खीर कैसे मीठी बनती है?
इसमें बीज निकाले हुए खजूर को गर्म दूध में पकाया जाता है, जिससे खजूर की प्राकृतिक मिठास दूध में पूरी तरह घुल जाती है।
खीर को गाढ़ा करने के लिए मखाने का कितना हिस्सा पीसा जाता है?
रोस्ट किए गए कुल मखाने का लगभग 70 से 80 प्रतिशत हिस्सा बारीक पीसकर पाउडर बनाया जाता है।
खीर बनाने के लिए मखाने को कैसे रोस्ट किया जाता है?
मखाने को थोड़े से देसी घी के साथ फ्राइंग पैन में धीमी आंच पर तब तक भूना जाता है जब तक वह पूरी तरह कुरकुरा न हो जाए।
इस मखाना खीर को कैसे परोसा जा सकता है?
इसे तैयार होने के बाद गरमागरम या फिर फ्रिज में ठंडा करके अपनी पसंद के अनुसार परोसा जा सकता है।
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