सर्दी हो या बरसात का मौसम, जब थाली में गरमागरम कढ़ी-पकौड़ी और साथ में चावल या रोटी हो, तो खाने का मजा दोगुना हो जाता है। दही और बेसन से बनने वाला यह पारंपरिक व्यंजन बनाने में जितना आसान है, स्वाद में उतना ही लाजवाब है, और सही तरीके से बनाया जाए तो घर आए मेहमान भी इसकी तारीफ किए बिना नहीं रहते।
उत्तर भारत में क्यों है इतनी पसंदीदा
कढ़ी-पकौड़ी को उत्तर भारत के राज्यों में खासतौर पर पसंद किया जाता है। राजस्थान, पंजाब, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के घरों में यह डिश अक्सर बनती है। इसकी खास बात यह है कि इसमें कोई महंगी या मुश्किल सामग्री नहीं लगती, फिर भी स्वाद में यह किसी बड़े पकवान से कम नहीं होती। दही की हल्की खटास और बेसन का गाढ़ापन मिलकर इसे एक अलग ही स्वाद देते हैं, और जब इसमें मुलायम पकौड़ियां डाली जाती हैं, तो यह स्वाद कई गुना बढ़ जाता है।
पकौड़ियां तलने का तरीका
सबसे पहले पकौड़ियां तैयार करनी होती हैं। इसके लिए बेसन में नमक और लाल मिर्च मिलाकर गाढ़ा घोल बनाया जाता है। ध्यान रहे कि घोल न ज्यादा पतला हो और न ज्यादा गाढ़ा, वरना पकौड़ियां सही तरीके से नहीं तलेंगी। कढ़ाही में तेल गरम करके इस घोल को छोटे-छोटे हिस्सों में डाला जाता है और पकौड़ियों को सुनहरा होने तक तला जाता है। छोटे आकार की पकौड़ियां जल्दी और समान रूप से पकती हैं, इसलिए इन्हें ज्यादा बड़ा बनाने से बचना चाहिए।
कढ़ी को गाढ़ा और स्वादिष्ट बनाने की विधि
पकौड़ियां तलने के बाद कढ़ी बनाने की बारी आती है। एक बड़े बर्तन में दही और बेसन को अच्छी तरह फेंटा जाता है ताकि उसमें कोई गांठ न रहे, क्योंकि गांठें रह जाने पर कढ़ी का स्वाद और बनावट दोनों बिगड़ जाते हैं। इसके बाद इसमें पानी, हल्दी, लाल मिर्च और नमक मिलाया जाता है। इस पूरे मिश्रण को धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए पकाना जरूरी है, ताकि यह तले में न लगे। करीब 25 से 30 मिनट तक पकाने पर कढ़ी गाढ़ी हो जाती है और बेसन का कच्चापन पूरी तरह खत्म हो जाता है। जब कढ़ी इस स्तर तक पक जाए, तभी उसमें पहले से तली हुई पकौड़ियां डालनी चाहिए और इसे 10 मिनट और धीमी आंच पर पकने दें, ताकि पकौड़ियां कढ़ी का पूरा स्वाद अच्छी तरह सोख लें।
तड़का लगाकर परोसने का तरीका
कढ़ी-पकौड़ी को असली स्वाद देने का काम तड़का करता है। इसके लिए एक छोटे पैन में घी गरम किया जाता है, फिर उसमें जीरा, हींग, सूखी लाल मिर्च और करी पत्ते डालकर तड़का तैयार किया जाता है। इस तैयार तड़के को गरमागरम कढ़ी के ऊपर डाला जाता है, जिससे उसकी खुशबू और स्वाद दोनों बढ़ जाते हैं। इसे सादे चावल, जीरा राइस या बाजरे की रोटी के साथ परोसा जा सकता है। ऊपर से थोड़ा हरा धनिया डालने पर यह डिश देखने में जितनी सुंदर लगती है, स्वाद में भी उतनी ही बेहतर बन जाती है।


















