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घर पर बनाएं बाज़ार जैसा स्पंजी ढोकला, नाश्ते के लिए अपनाएं यह आसान भाप वाली विधिखानपान
2 अक्तू॰ 2026, 8:41 am (42 मिनट पहले)· 0

घर पर बनाएं बाज़ार जैसा स्पंजी ढोकला, नाश्ते के लिए अपनाएं यह आसान भाप वाली विधि

बेसन और सूजी के संतुलित घोल से घर पर ही बेहद मुलायम और जालीदार गुजराती ढोकला आसानी से तैयार किया जा सकता है। कम तेल और भाप में पकने के कारण यह सुबह के नाश्ते और शाम की भूख के लिए बेहतरीन विकल्प है।

पारंपरिक गुजराती व्यंजनों में ढोकले की अपनी एक खास पहचान है, जिसे आज देश के कोने-कोने में बड़े चाव से खाया जाता है। इस पारंपरिक नाश्ते की सबसे बड़ी खासियत इसका हल्कापन और लाजवाब स्वाद है, जो पेट पर भारी पड़े बिना तुरंत ऊर्जा देता है। बेसन के मुख्य आधार से बनने वाला यह पकवान पूरी तरह भाप की मदद से पकाया जाता है, जिस वजह से इसमें चिकनाई या तेल की मात्रा न के बराबर रहती है। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने वाले लोगों के लिए यह एक पौष्टिक विकल्प साबित होता है। इसे दिन की शुरुआत में नाश्ते के तौर पर परोसा जा सकता है या फिर शाम की चाय के साथ परोसकर हल्की भूख मिटाई जा सकती है।

ढोकले की रुई जैसी कोमलता और जालीदार बनावट हर उम्र के लोगों को आकर्षित करती है। अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि घर पर बना ढोकला बाज़ार जैसा फूला हुआ और रसीला नहीं बनता, लेकिन सही विधि अपनाकर इसे हलवाई जैसा रूप दिया जा सकता है। पारंपरिक तौर पर इसे तीखी हरी चटनी और खट्टी-मीठी इमली की चटनी के साथ थाली में सजाया जाता है। यदि आप भी रसोई में कम मेहनत और कम समय में बिल्कुल सटीक जालीदार ढोकला तैयार करना चाहते हैं, तो यह क्रमबद्ध तरीका बेहद मददगार रहेगा।

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घोल तैयार करने का सही तरीका

ढोकला बनाने की शुरुआत एक चौड़े और गहरे बर्तन में सामग्री मिलाने से होती है। बर्तन में बेसन, सूजी, ताजा दही, घिसा या कुटा हुआ अदरक, बारीक कटी हरी मिर्च, चुटकी भर हल्दी, स्वादानुसार नमक और हल्की मिठास के लिए चीनी डालें। अब इसमें आवश्यकतानुसार धीरे-धीरे पानी मिलाते हुए एक चिकना और गाढ़ा घोल तैयार करें, ताकि उसमें किसी भी प्रकार की गांठें न रहें। जब घोल अच्छी तरह मिल जाए, तो इसे लगभग 10 से 15 मिनट के लिए ढककर एक तरफ रख दें। यह आराम देना इसलिए जरूरी है ताकि सूजी पानी सोखकर पूरी तरह फूल जाए और घोल की बनावट सही हो सके।

भाप में पकाने की तकनीक

जब घोल सेट हो जाए, तब इसमें 1 छोटा चम्मच ईनो फ्रूट सॉल्ट मिलाएं। ईनो डालते ही घोल में झाग बनने लगेगा, इसलिए इसे हल्के हाथों से केवल एक ही दिशा में थोड़ा सा मिलाएं। ध्यान रखें कि ईनो मिलाने के बाद मिश्रण को ज्यादा फेंटना या देर तक छोड़ना नहीं चाहिए, क्योंकि ज्यादा चलाने से गैस निकल जाती है और ढोकला स्पंजी नहीं बन पाता।

घोल तैयार होते ही तुरंत एक थाली या स्टीमर की प्लेट में चारों तरफ हल्का तेल लगाकर उसे चिकना कर लें। तैयार मिश्रण को इस चिकनी थाली में समान रूप से फैला दें। दूसरी तरफ स्टीमर में पानी पहले से उबालकर रखें। अब थाली को स्टीमर के अंदर सावधानीपूर्वक रखें और ढक्कन बंद करके मध्यम आंच पर 10 से 15 मिनट तक भाप में पकने दें। ढोकला पूरी तरह पका है या नहीं, यह परखने के लिए उसके बीच में एक टूथपिक डालकर देखें। यदि टूथपिक बिना किसी चिपचिपाहट के बिल्कुल साफ बाहर निकल आती है, तो इसका अर्थ है कि ढोकला अंदर तक पक चुका है। इसके बाद गैस बंद करके थाली को बाहर निकालें और थोड़ा ठंडा होने दें।

राई और तिल का सुगंधित तड़का

ढोकले का असली स्वाद उसके ऊपर लगने वाले तड़के से निखरता है, इसलिए इसे परोसने से पूर्व तड़का लगाना अनिवार्य माना जाता है। एक छोटे तड़का पैन में थोड़ा सा तेल डालकर गर्म करें। तेल गर्म होते ही उसमें राई के दाने, सफेद तिल, ताजा करी पत्ता और लंबी कटी हरी मिर्च डालकर कुछ सेकंड के लिए चटकने दें। जब मसालों की भीनी खुशबू आने लगे, तो इस गरमा-गरम तड़के को पके हुए ढोकले की सतह पर चारों ओर एकसार फैला दें।

अंत में ऊपर से 2 बड़े चम्मच बारीक कटा हुआ हरा धनिया बुरकें। इसके बाद चाकू की मदद से ढोकले को अपनी पसंद के चौकोर टुकड़ों में काट लें। यह स्वादिष्ट और स्पंजी ढोकला ताजी तीखी हरी चटनी के साथ परोसने के लिए पूरी तरह तैयार है।

सवाल-जवाब

ढोकला बनाने के लिए घोल को कितनी देर आराम देना चाहिए?
बेसन और सूजी के घोल को लगभग 10 से 15 मिनट के लिए ढककर रखना चाहिए ताकि सूजी अच्छी तरह फूल जाए।
ईनो मिलाने के बाद क्या सावधानी रखनी चाहिए?
ईनो डालने के बाद घोल को केवल हल्के हाथों से मिलाएं और ज्यादा न फेंटें, ताकि उसकी हवा न निकले और ढोकला स्पंजी बने।
ढोकले को स्टीमर में कितनी देर तक पकाना होता है?
घोल वाली थाली को स्टीमर में रखकर मध्यम आंच पर 10 से 15 मिनट तक भाप में पकाया जाता है।
ढोकला पूरी तरह पक गया है, इसकी पहचान कैसे करें?
ढोकले के बीच में टूथपिक डालकर देखें। यदि टूथपिक बिल्कुल साफ बाहर निकल आए, तो इसका मतलब है कि वह पक चुका है।
तड़के में किन चीजों का इस्तेमाल किया जाता है?
तड़के के लिए गर्म तेल में राई, सफेद तिल, करी पत्ता और कटी हरी मिर्च का उपयोग किया जाता है।
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