घर के रोजमर्रा के भोजन में अक्सर वही पुरानी दाल और सब्जियां खाकर स्वाद में कुछ नयापन नहीं बचता। ऐसे समय में जब रसोई में कुछ हल्का, झटपट और मसालेदार तैयार करने की योजना हो, तो पारंपरिक महाराष्ट्रीयन शैली की बटाटा भाजी एक बहुत ही शानदार विकल्प साबित होती है। आलू की यह सूखी डिश दरदरी कुटी मूंगफली, खड़े मसालों और नींबू के हल्के खट्टेपन के अनोखे मेल के कारण बेहद स्वादिष्ट लगती है। इसे साधारण नाश्ते, दोपहर के लंच या फिर सफर के टिफिन के लिए आसानी से तैयार किया जा सकता है।
भाजी तैयार करने के लिए आवश्यक सामग्री
इस पारंपरिक भाजी को बनाने के लिए घर की रसोई में मौजूद बुनियादी चीजों की ही जरूरत होती है। मुख्य तैयारी के लिए 3 से 4 बड़े आकार के आलू उबले हुए लें। इसके साथ ही 2 से 3 चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1 से 2 कटी हुई हरी मिर्च, एक चुटकी काली मिर्च पाउडर, 1 चम्मच मूंगफली का तेल, आधा चम्मच जीरा, एक चुटकी हींग और आधा चम्मच हल्दी पाउडर की आवश्यकता होगी। तड़के और स्वाद के लिए 1 से 2 बड़े चम्मच सामान्य कुकिंग तेल, आधा चम्मच राई के दाने, कुछ करी पत्ते, 1 चम्मच ताजा नींबू का रस, भुनी और दरदरी कुटी मूंगफली, स्वादानुसार सादा नमक और बारीक कटा हुआ ताजा हरा धनिया अलग रख लें।
शुरुआती तैयारी और आलू फोड़ने का तरीका
इस व्यंजन का असली स्वाद आलू के आकार और मूंगफली के कुरकुरेपन पर निर्भर करता है। सबसे पहले उबले हुए आलू का छिलका उतार लें। इन आलुओं को चाकू से काटने के बजाय अपने हाथों से थोड़े बड़े और अनियमित टुकड़ों में तोड़ लें। इसके बाद पहले से भुनी हुई मूंगफली को खलबट्टे या मिक्सी में दरदरा कूट लें। ध्यान रहे कि मूंगफली का बारीक पाउडर बिल्कुल न बने, क्योंकि भाजी खाते समय जब मूंगफली के छोटे दाने मुंह में आते हैं, तो उनका क्रंच भाजी के स्वाद को कई गुना बढ़ा देता है।
तड़का लगाने और पकाने की विधि
एक कड़ाही या पैन में तेल डालकर मध्यम आंच पर गरम करें। जब तेल अच्छी तरह गरम हो जाए, तब उसमें राई के दाने डालें और उन्हें पूरी तरह चटकने दें। इसके बाद पैन में जीरा, हींग, करी पत्ता और कटी हुई हरी मिर्च डालकर कुछ सेकंड तक चलाएं ताकि मसालों की खुशबू तेल में उतर आए। अब इस तड़के में हल्दी पाउडर डालें और तुरंत ही हाथों से तोड़े गए आलू के टुकड़े कड़ाही में मिला दें। साथ ही स्वादानुसार नमक और लाल मिर्च पाउडर भी बुरक दें।
मसालों को आलू के साथ अच्छी तरह मिलाने के बाद इसमें दरदरी कुटी हुई मूंगफली डालें। आंच को मध्यम रखें और मिश्रण को हल्के हाथों से 2 से 3 मिनट तक भूनें। कलछी चलाते समय विशेष सावधानी रखें कि आलू ज्यादा दबकर मैश न हों और उनके टुकड़े साबुत बने रहें। आखिर में गैस बंद करने से पहले 1 चम्मच नींबू का रस डालकर अच्छी तरह मिला लें और ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया डालकर आंच से उतार लें।
गरमा-गरम परोसने के सुझाव
कुरकुरी और चटपटी महाराष्ट्रीयन बटाटा भाजी पूरी तरह तैयार है। इसे गरमा-गरम बेडमी पूरी, आम पूरी या कुरकुरे पराठों के साथ परोसना सबसे अच्छा माना जाता है। यदि आप इसे हल्का रखना चाहते हैं, तो यह सादी फुल्का रोटी के साथ भी उतनी ही स्वादिष्ट लगती है।



















