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व्रत के दिन साबूदाना भिगोना भूल गए? अपनाएं यह ट्रिक और झटपट बनाएं खिली-खिली खिचड़ीखानपान
4 अग॰ 2026, 5:14 am (4 घंटे पहले)· 1

व्रत के दिन साबूदाना भिगोना भूल गए? अपनाएं यह ट्रिक और झटपट बनाएं खिली-खिली खिचड़ी

सावन के पावन महीने में अगर आप साबूदाना भिगोना भूल गए हैं, तो प्रेशर कुकर और ठंडे पानी की इस खास ट्रिक से मिनटों में स्वादिष्ट और खिली-खिली खिचड़ी तैयार कर सकते हैं।

सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही घरों में व्रत और उपवास का दौर आरंभ हो जाता है। ऐसे में साबूदाना खिचड़ी हर घर की पहली पसंद बनती है क्योंकि यह खाने में हल्की होती है और लंबे समय तक पेट को भरा रखती है। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि अचानक व्रत का खाना बनाने की योजना बनती है और ध्यान आता है कि साबूदाना तो पानी में भिगोया ही नहीं गया है। पारंपरिक रूप से साबूदाना को घंटों पहले भिगोकर रखना पड़ता है ताकि उसके दाने अच्छी तरह फूल जाएं। यदि ऐसा न किया जाए तो दाने कच्चे रह जाते हैं या फिर आपस में पूरी तरह चिपक जाते हैं। इस समस्या से पार पाने के लिए अब एक बेहद आसान और कारगर तरीका सामने आया है जिसकी मदद से बिना घंटों भिगोए भी परफेक्ट खिचड़ी बनाई जा सकती है।

इस आधुनिक विधि में प्रेशर कुकर का उपयोग किया जाता है जिससे साबूदाना बहुत कम समय में आसानी से पक जाता है। इसके बाद कुछ आसान चरणों का पालन करके इसके दानों को अलग-अलग किया जाता है और फिर चुनिंदा मसालों के साथ भूनकर लजीज व्यंजन तैयार किया जाता है। अगर आप भी समय की कमी से जूझ रहे हैं और साबूदाना भिगोना भूल गए हैं तो बिल्कुल भी घबराने की जरूरत नहीं है। इस प्रक्रिया में साबूदाना को सीधे धोकर भाप यानी स्टीम में पकाया जाता है जिससे वह धीरे-धीरे نرم होता है और आगे की प्रक्रिया के लिए बिल्कुल तैयार हो जाता है।

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सबसे पहले साबूदाना को दो से तीन बार साफ पानी से अच्छी तरह धो लें ताकि उसके अंदर का अतिरिक्त स्टार्च बाहर निकल जाए। जब सारा पानी पूरी तरह निकल जाए तो इस साबूदाना को एक स्टील के डिब्बे के अंदर ट्रांसफर कर लें। अब इस डिब्बे में थोड़ा सा शुद्ध देसी घी, स्वादानुसार सेंधा नमक, चुटकी भर चीनी और बहुत मामूली सा पानी डालकर हल्के हाथों से मिला दें। इसके बाद एक प्रेशर कुकर में थोड़ा सा पानी डालें और उस बंद डिब्बे को कुकर के अंदर रख दें। इसी के साथ आप दो साबुत आलू भी डिब्बे के पास रख सकते हैं ताकि वे भी साबूदाने के साथ ही आसानी से उबल जाएं।

कुकर का ढक्कन अच्छी तरह बंद करके मध्यम आंच पर तीन सीटी आने तक इसे पकने दें। इसके बाद गैस बंद कर दें और कुकर की भाप को अपने आप ही बाहर निकलने दें। कुकर का ढक्कन खोलने पर शुरुआती तौर पर साबूदाना थोड़ा चिपचिपा नजर आ सकता है। यहीं पर सबसे खास ट्रिक काम आती है। साबूदाना को एक छलनी में पलट लें और उसके ऊपर से ठंडा पानी डालकर हल्के हाथों से धो लें। इस ठंडे पानी के इस्तेमाल से साबूदाने के सभी दाने एकदम अलग-अलग हो जाते हैं और जब आप इसकी खिचड़ी बनाएंगे तो वे बिल्कुल नहीं चिपकेंगे।

अब एक कड़ाही या कुकर में थोड़ा सा देसी घी गर्म करें और उसमें जीरा डालें। इसके बाद बारीक कटी हुई हरी मिर्च और कद्दूकस किया हुआ अदरक डालकर हल्का सा भून लें। यदि आप व्रत में टमाटर खाना पसंद करते हैं तो इस स्टेज पर बारीक कटा टमाटर भी मिला सकते हैं और उसे नरम होने तक पका सकते हैं। इसके बाद इस तड़के में उबले हुए आलू के छोटे-छोटे टुकड़े डालें और साथ में तैयार किया हुआ खिला-खिला साबूदाना मिला दें। ऊपर से सेंधा नमक, चुटकी भर चीनी, दरदरी कुटी हुई काली मिर्च और पहले से भुनी हुई मूंगफली डाल दें। सभी सामग्री को बहुत हल्के हाथों से मिलाएं ताकि साबूदाना के दाने टूटे नहीं।

गैस की आंच बंद करने से ठीक पहले ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया और थोड़ा सा ताज़ा नींबू का रस छिड़क दें। यदि आपकी इच्छा हो तो थोड़ा सा भुना हुआ जीरा पाउडर भी ऊपर से डाल सकते हैं जिससे इस स्वादिष्ट डिश का स्वाद और भी ज्यादा बढ़ जाता है। कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बहुत आवश्यक है जैसे साबूदाना को बहुत ज्यादा पानी में बिल्कुल न पकाएं। स्टीम करने के बाद ठंडे पानी से धोने वाली प्रक्रिया इस पूरी विधि का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। मूंगफली को हमेशा पहले से भूनकर रखने से उसका क्रंच और स्वाद बेहतर आता है और खिचड़ी बनाते समय उसे बार-बार या ज्यादा देर तक न चलाएं अन्यथा दाने टूट सकते हैं। साबूदाना कार्बोहाइड्रेट का एक बहुत अच्छा स्रोत माना जाता है जो व्रत के दौरान शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करने में मदद करता है। जब इसमें घी, आलू और मूंगफली का मेल होता है तो यह भोजन और भी अधिक संतुलित बन जाता है, हालांकि स्वास्थ्य की दृष्टि से इसे हमेशा संतुलित मात्रा में ही ग्रहण करना चाहिए।

सवाल-जवाब

क्या बिना साबूदाना भिगोए खिचड़ी बनाई जा सकती है?
हाँ, प्रेशर कुकर में स्टीम करने और ठंडे पानी से धोने की ट्रिक से बिना भिगोए भी खिली-खिली खिचड़ी बनाई जा सकती है।
साबूदाना कुकर में कितनी सीटी में पकता है?
कुकर में मध्यम आंच पर तीन सीटी आने तक साबूदाना पकाया जाता है।
पकाने के बाद साबूदाना आपस में क्यों नहीं चिपकता?
कुकर से निकालने के बाद साबूदाना को छलनी में डालकर ठंडे पानी से धोने से उसके दाने अलग-अलग हो जाते हैं।
खिचड़ी को स्वादिष्ट बनाने के लिए क्या मिलाया जाता है?
इसमें देसी घी, जीरा, हरी मिर्च, अदरक, सेंधा नमक, चीनी, काली मिर्च, भुनी मूंगफली, हरा धनिया और नींबू का रस मिलाया जाता है।
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