कमर्शियल और इंडस्ट्रियल 3D प्रिंटिंग की दुनिया में लंबे समय से पहचान बना चुकी कंपनी फॉर्मलैब्स ने अब आम कंज्यूमर्स के लिए अपना दायरा बढ़ा दिया है। कंपनी ने नया डेस्कटॉप 3D प्रिंटर फॉर्म स्टूडियो 1 लॉन्च किया है, जिसका मुख्य मकसद हाई-एंड रेजिन प्रिंटिंग तकनीक को सीधे घरेलू यूज़र्स, डिजाइनर्स और हॉबी-मेकर्स के स्टडी टेबल तक पहुंचाना है। इस नए मॉडल के साथ कंपनी पहली बार सीधे कंज्यूमर सेगमेंट में उतरी है, जिससे घर पर ही सटीक प्लास्टिक मॉडल तैयार किए जा सकते हैं।
कमर्शियल लैब से निकलकर सीधे होम डेस्कटॉप तक का सफर
फॉर्मलैब्स को 3D प्रिंटिंग इंडस्ट्री में एक बड़े मैन्युफैक्चरर के तौर पर जाना जाता है, जिसके करीब 200,000 प्रिंटर्स दुनिया भर में एक्टिव हैं। अब तक कंपनी का मुख्य फोकस डेंटल क्लिनिक, प्रोडक्ट असेंबली शॉप्स और बड़े प्रोफेशनल ऑपरेशंस पर रहा है, जो प्रिंटर के लिए 2,500 डॉलर या उससे ज्यादा की रकम चुकाने में सक्षम होते हैं। इससे पहले कंपनी का सबसे सस्ता मॉडल भी 2,300 डॉलर की कीमत पर आया था। हालांकि, नया फॉर्म स्टूडियो 1 केवल 699 डॉलर की कीमत पर पेश किया गया है, जो अब बिक्री के लिए उपलब्ध हो चुका है। इसके साथ काम आने वाली अलग-अलग रेजिन बोतलों की शुरुआती कीमत 29 डॉलर रखी गई है।
स्टीरियोलिथोग्राफी तकनीक और डिजाइन की खासियतें
फॉर्म स्टूडियो 1 एसएलए (स्टीरियोलिथोग्राफी) रेजिन तकनीक पर आधारित है। इस प्रक्रिया में लिक्विड रेजिन को अल्ट्रावायलेट रोशनी के संपर्क में लाकर परत-दर-परत ठोस प्लास्टिक में बदला जाता है। डिवाइस के डिजाइन की बात करें तो यह ट्रांसलूसेंट ऑरेंज केसिंग के साथ आता है, जो पुराने आईमैक कंप्यूटरों के विंटेज लुक की याद दिलाता है। साइज के मामले में यह एक छोटे मिनी-फ्रिज जितनी जगह घेरता है।
कंपनी के चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर डेविड लकाटोस का कहना है कि फॉर्म स्टूडियो 1 काफी किफायती साइज में तैयार किया गया है। उनके मुताबिक, अगर किसी के पास एक सामान्य वर्किंग डेस्क है, तो वह आसानी से इस प्रिंटर को वहां रखकर इस्तेमाल कर सकता है। प्रिंटिंग प्रोसेस के बाद मॉडल्स की सतह से अनक्योर्ड लिक्विड रेजिन हटाने के लिए फॉर्म स्टूडियो वॉश+क्योर यूनिट की जरूरत पड़ती है, जिसे 199 डॉलर में अलग से खरीदा जा सकता है। इसका साइज भी प्रिंटर जितना ही है। इसके अलावा टूलबॉक्स, रेजिन कार्ट्रिज और जरूरी एक्सेसरीज रखने के लिए भी टेबल पर अतिरिक्त जगह की दरकार रहती है।
बिना बदबू वाली प्रिंटिंग और ग्रीनगार्ड सर्टिफिकेशन
पारंपरिक रेजिन 3D प्रिंटिंग में तीखी रासायनिक गंध एक बड़ी चुनौती मानी जाती है, जिसके चलते लोग इन्हें बंद कमरों में चलाने से कतराते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए कंपनी ने फॉर्मलैब्स ब्रांडेड रेजिन को यूएल ग्रीनगार्ड प्रमाणित किया है। यह वही सेफ्टी स्टैंडर्ड है जिसका इस्तेमाल बच्चों के उत्पादों में त्वचा संपर्क और हानिकारक गैसों की जांच के लिए किया जाता है। कंपनी का मकसद यही है कि प्रिंटर चलने पर कमरे में तीखी बदबू न फैले और सामान्य वेंटिलेशन में भी काम चल सके।
डेविड लकाटोस ने उल्लेख किया कि कई यूज़र्स इसे अपने बेडरूम तक में रखने की योजना बना सकते हैं। उन्होंने बताया कि भले ही वह खुद प्रिंटर के साथ नहीं सोते, लेकिन यदि कोई चाहे तो ऐसा कर सकता है क्योंकि यह प्रिंटिंग के दौरान काफी शांत रहता है और सिर्फ काम पूरा होने के बाद हुड उठाते समय ही हल्की महक महसूस होती है।
प्रिंटिंग स्पीड, मोबाइल ऐप और एक्यूरेसी के आंकड़े
परफॉर्मेंस के मामले में यह प्रिंटर काफी तेज और सटीक आउटपुट देने के लिए तैयार किया गया है। उदाहरण के तौर पर, रास्पबेरी पाई सेटअप के लिए एक आउटर केसिंग प्रिंट करने में इसे लगभग आठ मिनट का समय लगता है। वहीं, साथ में आने वाले टूलबॉक्स का एक पारदर्शी कवर तैयार करने में लगभग 17 मिनट का वक्त दर्ज हुआ, जो बिना किसी खराबी के साफ-सुथरा बनकर निकला।
कंपनी की इंटरनल टेस्टिंग के अनुसार, अपने ओरिजिनल रेजिन के साथ इस प्रिंटर का प्रिंट फेलियर रेट करीब 2 प्रतिशत रहा है, जो इस बजट कैटेगरी के दूसरे प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले काफी बेहतर माना जा रहा है। डेविड लकाटोस ने यह भी साफ किया कि यूज़र्स चाहें तो थर्ड-पार्टी या अमेज़न पर मिलने वाले दूसरे सस्ते रेजिन का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, कंपनी ऐसे मैटेरियल्स के इस्तेमाल की सिफारिश नहीं करती है। पूरे प्रिंटिंग वर्कफ़्लो को नियंत्रित करने और डिजाइन्स सीधे प्रिंटर पर भेजने के लिए कंपनी ने फॉर्म मोबाइल ऐप भी पेश किया है, जिससे प्रिंट स्टेटस ट्रैक करना और फाइल्स लोड करना काफी सरल हो जाता है। हाई-रेजोल्यूशन और बेहतर मैटेरियल प्रॉपर्टीज वाले गंभीर प्रोजेक्ट्स के लिए यह नया सिस्टम कम बजट में काफी प्रभावी विकल्प बनकर उभरा है।


















