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AI-171 विमान हादसे की जांच एक साल बाद निर्णायक मोड़ पर, AAIB ने बताया कहां तक पहुंची पड़तालगुजरात
13 जून 2026, 6:57 am (46 दिन पहले)· 0

AI-171 विमान हादसे की जांच एक साल बाद निर्णायक मोड़ पर, AAIB ने बताया कहां तक पहुंची पड़ताल

अहमदाबाद में एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 दुर्घटना की जांच कर रहे AAIB ने अंतरिम बयान में कहा कि एक साल में तकनीकी, परिचालन और मानवीय हर पहलू की गहन पड़ताल हुई है और अब जुटाए गए सबूतों का समग्र विश्लेषण चल रहा है।

नई दिल्ली: पिछले साल अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 के दर्दनाक हादसे को एक वर्ष पूरा होने पर इसकी जांच कर रहे एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने पहली बार विस्तार से बताया है कि पड़ताल किस मुकाम पर पहुंच चुकी है। शुक्रवार को जारी अपने अंतरिम बयान में ब्यूरो ने भरोसा जताया कि बीते एक साल में जांच ने ठोस और महत्वपूर्ण दिशा पकड़ी है। विमान की प्रणालियों, फ्लाइट रिकॉर्डर में दर्ज आंकड़ों, इंजन से जुड़े हिस्सों और बाकी अहम साक्ष्यों को खंगालने में दल को उल्लेखनीय कामयाबी मिली है।

एक साल में किन-किन पहलुओं की जांच हुई

ब्यूरो के मुताबिक बीते बारह महीनों में जांच टीम ने हादसे से जुड़े हर कोण को टटोला है — तकनीकी खामियां, उड़ान का परिचालन, संस्थागत व्यवस्थाएं और मानवीय भूमिका, इन सभी का व्यापक और गहराई से अध्ययन किया गया है। इस पूरी कवायद में अलग-अलग संबंधित संस्थाओं की ओर से नामित मान्यता प्राप्त प्रतिनिधियों, तकनीकी सलाहकारों और विषय के विशेषज्ञों की मदद भी ली गई। AAIB ने बताया कि विमान की तकनीकी प्रणालियां, फ्लाइट रिकॉर्डर से निकाले गए आंकड़े, इंजन से जुड़े उपकरण, रखरखाव के रिकॉर्ड, संचालन से जुड़े दस्तावेज और दूसरे जरूरी सबूत — इन सबकी बारीकी से छानबीन की जा चुकी है।

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अब आगे क्या होगा

ब्यूरो ने साफ किया कि अब तक जो भी सबूत जुटाए गए हैं और जितने परीक्षण हुए हैं, उनके नतीजों को एक साथ रखकर समग्र और गहन विश्लेषण किया जा रहा है। जहां-जहां जरूरत महसूस होगी, वहां अतिरिक्त तकनीकी मूल्यांकन और विशेषज्ञ स्तर की जांच भी करवाई जाएगी। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि जांच के सारे निष्कर्ष महज अनुमान पर नहीं, बल्कि प्रमाणित साक्ष्यों और वैज्ञानिक विश्लेषण की बुनियाद पर टिके हों।

कैसे हुआ था हादसा, कितनों की गई जान

गौरतलब है कि एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 ने 12 जून 2025 को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरी और कुछ ही पल बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। यह विमान बोइंग 787-8 था। इस भीषण हादसे में सवार 229 यात्री, चालक दल के 12 सदस्य और जमीन पर मौजूद 19 लोग — यानी कुल 260 लोगों की जान चली गई थी।

किस कानून के तहत चल रही जांच

AAIB के अनुसार यह पूरी जांच विमान दुर्घटना एवं घटना जांच नियम, 2017 तथा अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के एनेक्स-13 में तय मानकों और दिशानिर्देशों के मुताबिक की जा रही है। हादसे से जुड़ी प्रारंभिक रिपोर्ट 12 जुलाई 2025 को सामने आ चुकी है। अंतिम जांच रिपोर्ट तभी जारी होगी जब जांच की सभी प्रक्रियाएं पूरी हो जाएंगी और ICAO एनेक्स-13 के तहत तय अंतरराष्ट्रीय समीक्षा एवं परामर्श की प्रक्रिया भी पूरी हो जाएगी।

जांच का असल मकसद दोष तय करना नहीं

ब्यूरो ने एक अहम बात रेखांकित करते हुए कहा कि किसी भी विमान दुर्घटना की जांच का उद्देश्य किसी पर दोष मढ़ना या कानूनी जिम्मेदारी तय करना नहीं होता। असल मकसद होता है हादसे से सबक लेना, ताकि आने वाले समय में विमानन सुरक्षा को और मजबूत बनाया जा सके। AAIB ने दोहराया कि वह निष्पक्ष, स्वतंत्र, वस्तुनिष्ठ और पूरी तरह साक्ष्य पर आधारित जांच के लिए प्रतिबद्ध है।

मीडिया और जनता से अपील

ब्यूरो ने हादसे में अपनों को खोने वाले सभी परिवारों और प्रियजनों के प्रति गहरी संवेदना जताते हुए कहा कि वह इस त्रासदी से प्रभावित हर व्यक्ति के दुख-दर्द को समझता है। साथ ही उसने मीडिया और आम लोगों से अपील की कि जांच पूरी होने से पहले किसी तरह का कयास लगाने या जल्दबाजी में नतीजे निकालने से बचें। AAIB ने भरोसा दिलाया कि दुर्घटना के हर पहलू की पूरी सावधानी और गंभीरता के साथ पड़ताल की जाएगी, ताकि अंतिम रिपोर्ट और सुरक्षा से जुड़ी सिफारिशें सभी पक्षों का विश्वास जीत सकें और देश में नागरिक उड्डयन की सुरक्षा को और पुख्ता बनाने में मददगार साबित हों।

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