अरब सागर में जिवानी तट के नजदीक गश्त लगा रही पाकिस्तान कोस्ट गार्ड्स की टीम पर अचानक भीषण गोलीबारी की गई। यह घटना उस समय पेश आई जब सुरक्षा बल नियमित निगरानी के तहत समुद्री क्षेत्र में संदिग्ध नावों की पड़ताल करने के लिए आगे बढ़े थे। इस हिंसक टकराव के बाद बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने हमले की पूरी जिम्मेदारी अपने ऊपर ली है। संगठन ने बयान जारी कर दावा किया कि उसके हथियारबंद लड़ाकों ने चार सुरक्षाकर्मियों को मार गिराया है। दूसरी तरफ, आधिकारिक सुरक्षा सूत्रों ने इस दावे का खंडन करते हुए कहा कि केवल कुछ जवान जख्मी हुए हैं और किसी भी कर्मी की जान नहीं गई है।
जिवानी तट के पास कैसे शुरू हुई मुठभेड़
ग्वादर जिले के अंतर्गत आने वाले जिवानी तटीय क्षेत्र में कोस्ट गार्ड्स का दस्ता नियमित समुद्री पहरेदारी पर निकला हुआ था। समुद्र में तस्करी की आशंका के चलते जवानों ने कुछ संदेहास्पद नावों को रोकने की कोशिश की। जैसे ही सुरक्षा बल इन नौकाओं के करीब पहुंचे, घात लगाए हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। नाव पर मौजूद जवानों ने भी मोर्चा संभालते हुए तत्काल जवाबी कार्रवाई की। दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक भारी गोलीबारी चलती रही। चौतरफा जवाब मिलने के बाद हमलावर अपनी नौकाओं को तट की दिशा में मोड़कर भाग निकले। सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि जवाबी फायरिंग में कुछ हमलावर भी हताहत हुए हैं, हालांकि उनकी सटीक संख्या का अभी खुलासा नहीं किया गया है।
नुकसान को लेकर दोनों पक्षों के विरोधाभासी दावे
इस खूनी झड़प के बाद नुकसान के आंकड़ों को लेकर दो अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने सार्वजनिक दावा किया है कि इस अभियान में पाकिस्तान कोस्ट गार्ड्स के चार कर्मी मारे गए हैं। वहीं, सुरक्षा तंत्र से जुड़े सूत्रों का कहना है कि मुठभेड़ के दौरान जवान घायल जरूर हुए हैं, लेकिन किसी की शहादत नहीं हुई। यह घटना स्पष्ट करती है कि अलगाववादी समूह अब थल सीमा के साथ-साथ समुद्री रास्तों पर भी सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा है।
तस्करी के रास्तों से जुड़े तार की पड़ताल
समुद्री क्षेत्र में हुए इस अप्रत्याशित हमले के बाद जांच एजेंसियां कई पहलुओं से मामले की छानबीन कर रही हैं। सुरक्षा अधिकारियों को अंदेशा है कि इस हमले की साजिश अवैध तस्करी नेटवर्क को संरक्षण देने के मकसद से रची गई हो सकती है। अरब सागर के इस हिस्से में सक्रिय अवैध समुद्री मार्गों को सुरक्षित रखने के लिए सुरक्षा बलों पर गोलीबारी की आशंका जताई गई है। वारदात के तुरंत बाद जिवानी के पूरे तटीय इलाके में चौकसी बढ़ा दी गई है और हमलावरों की तलाश में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।



















