गुजरात के सूरत जिले में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में मुंबई के चार लोगों की जान चली गई। यह भीषण हादसा भारतमाला एक्सप्रेसवे पर कामरेज तालुका के अंतर्गत धातवा गांव के समीप हुआ। चारों लोग एक कार में सवार होकर मुंबई से गुजरात के पाटन जिले में स्थित प्रसिद्ध शंखेश्वर जैन तीर्थ स्थल के दर्शन के लिए निकले थे। यात्रा के दौरान उनकी तेज रफ्तार कार सड़क के किनारे पांचवीं लेन में खड़े एक डंपर से जा भिड़ी। टक्कर इतनी घातक थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार सभी चारों लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
कामरेज के धातवा गांव के पास सुबह हुआ हादसा
हादसा शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे पेश आया, जब महाराष्ट्र पंजीकरण संख्या वाली कार भारतमाला एक्सप्रेसवे पर मुंबई से दिल्ली की दिशा में आगे बढ़ रही थी। कामरेज पुलिस थाने के निरीक्षक आरबी गोजिया के अनुसार, एक्सप्रेसवे की पांचवीं लेन में एक डंपर खड़ा हुआ था। तेज रफ्तार से आ रही कार अनियंत्रित होकर सीधे खड़े डंपर के पिछले हिस्से से टकरा गई। टक्कर की भीषण आवाज सुनकर आसपास के लोग स्तब्ध रह गए और तुरंत पुलिस को घटना की जानकारी दी गई।
मृतकों में मुंबई के कारोबारी शामिल, मौके पर ही थमीं सांसें
वाहन और डंपर की यह भिड़ंत इतनी जोरदार थी कि कार सवार यात्रियों को संभलने का कोई मौका नहीं मिला। पुलिस दल ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक कार में मौजूद चारों व्यक्तियों की मौत हो चुकी थी। मृतकों की पहचान 35 से 40 वर्ष आयु वर्ग के राजीव जैन, जयंती दोशी, प्रवीण जैन और संजय खेमचंद के तौर पर की गई है। ये सभी लोग मुंबई में निवास करते थे। इनमें शामिल राजीव जैन मूल रूप से राजस्थान के निवासी थे और मुंबई में उनकी अपनी ज्वेलरी की दुकान थी। धार्मिक यात्रा पर निकले इन चारों लोगों के आकस्मिक निधन से उनके परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई है।
हादसे के कारणों और डंपर की मौजूदगी की जांच जारी
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस टीम ने चारों शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि दुर्घटना के समय कार की असल गति क्या थी और क्या चालक को झपकी आई थी या वाहन से नियंत्रण खो गया था। इसके साथ ही एक्सप्रेसवे की पांचवीं लेन में खड़े डंपर को लेकर भी कानूनी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह जांच रही है कि क्या डंपर को नियमानुसार चेतावनी संकेतों के साथ खड़ा किया गया था अथवा लापरवाही पूर्वक रास्ते में छोड़ा गया था। पूरे मामले में तकनीकी और प्रत्यक्षदर्शियों के साक्ष्यों के आधार पर विस्तृत जांच आगे बढ़ाई जा रही है।























